अमृतसर: थाना जी.आर.पी. स्टाफ ने तुरंत कार्रवाई करके टैक्निकल तरीकों की मदद से 48 घंटे के अंदर एक ब्लाइंड मर्डर केस को सफलतापूर्वक सुलझा लिया है। मृतक की पहचान अनु वर्मा, उम्र करीब 33 साल, बटाला रोड, अमृतसर की रहने वाली के तौर पर हुई है। जांच के दौरान मुख्य आरोपी पंकज, जो बटाला रोड, अमृतसर का रहने वाला है, की पहचान हुई है। जांच में यह भी पता चला है कि इस केस में 2-3 और लोगों का रोल हो सकता है, जिन्हें जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
केस को टेक्निकल एनालिसिस और प्रोफेशनल जांच प्रोसेस से सुलझाया गया, जो पुलिस टीम की परफॉर्मेंस और डेडिकेशन को दिखाता है। एस.एच.ओ. सुखविंदर सिंह के अनुसार अनु वर्मा का पंकज व उनके साथियों के साथ पैसों के लेनदेन को लेकर झगड़ा हुआ था। पंकज व उसके साथियों ने अनु को कुछ पैसे देकर कोई सामान लाने को लुधियाना भेजा था। अनु ने न तो सामान लाकर लाकर दिया तथा न ही पैसे वापस किए। जिससे उनका आपस में झगड़ा हो गया। उसके बाद पंकज व उसके साथियों ने अनु वर्मा को बीती रात वेरका रेलवे लाइन पर बुलाया तथा उसकी हत्या कर उसकी लाश को रेलवे लाइन पर फैंक कर चले गए।
मृतक की जामा तलाशी से मिले आधारकार्ड के आधार पर उसके घर वालों से संपर्क किया तो उन्होंने पंकज का मोबाइल नंबर उनको दिया। उसी की लोकेशन के आधार पर पंकज को गिरफ्तार किया गया है। फिलहाल उसे अदालत में पेश करके दो दिन रिमांड ले लिया गया है। यह सफल ऑपरेशन एसएचओ जी.आर.पी. सुखविंदर सिंह की देखरेख में किया गया, जिसमें आई.टी. स्पैशलिस्ट बलविंदर सिंह, एस.आई. नरिंदर सिंह, एएसआई सुखबीर सिंह और एम.एच.सी. पुरुषोत्तम कुमार ने अहम योगदान दिया।
मेष: दिन शुभ रहेगा...