Last Updated: September 24, 2026

Dainik Savera Times Logo

पूर्वोत्तर को मिली नई रफ्तार: मिजोरम से असम के बीच शुरू हुई ऐतिहासिक ट्रेन सेवा

February 9, 2026

पूर्वोत्तर को मिली नई रफ्तार: मिजोरम से असम के बीच शुरू हुई ऐतिहासिक ट्रेन सेवा

Northeast railway: पूर्वोत्तर भारत की दुर्गम पहाड़ियों के बीच आज विकास की एक नई कहानी लिखी गई। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और मिजोरम के मुख्यमंत्री लालदुहोमा ने सैरांग (मिजोरम) से सिलचर (असम) के बीच नई ट्रेन सेवा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह पहल केवल एक रेलगाड़ी की शुरुआत नहीं, बल्कि मिजोरम को राष्ट्रीय रेल नेटवर्क से मजबूती से जोड़ने की दिशा में एक अहम उपलब्धि मानी जा रही है।

मिजोरम की राजधानी आइजोल के निकट स्थित सैरांग रेलवे स्टेशन अब सीधे असम के सिलचर से जुड़ गया है। इससे पहले दोनों राज्यों के बीच आवाजाही के लिए लोगों को पहाड़ी सड़कों पर लंबा और जोखिम भरा सफर तय करना पड़ता था। नई ट्रेन सेवा से यात्रा आसान, सस्ती और समय बचाने वाली हो जाएगी।

ये भी पढ़ें- हरियाणा रोडवेज के ड्राइवरों की हड़ताल, लंबी दूरी की बसों का किया चक्का जाम

 

आम लोगों की जिंदगी होगी आसान
इस रेल संपर्क से मिजोरम के नागरिकों को कई स्तरों पर लाभ मिलने की उम्मीद है। गंभीर रूप से बीमार मरीजों को अब बेहतर इलाज के लिए असम के बड़े अस्पतालों तक पहुंचने में कम समय लगेगा। छात्रों के लिए भी उच्च शिक्षा संस्थानों तक सुरक्षित और किफायती यात्रा संभव हो सकेगी।

व्यापार और कृषि क्षेत्र को भी इससे नई गति मिलेगी। रोजमर्रा की जरूरतों की वस्तुओं की सप्लाई तेज होगी, वहीं मिजोरम के स्थानीय उत्पाद जैसे अनानास, अदरक और अन्य कृषि उपज बड़े बाजारों तक आसानी से पहुंच सकेंगे।

गुवाहाटी रेलवे स्टेशन को मिली नई पहचान
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस अवसर पर गुवाहाटी रेलवे स्टेशन पर विकसित की गई नई यात्री सुविधाओं का भी उद्घाटन किया। आधुनिक वेटिंग एरिया, बेहतर ठहराव व्यवस्था और उन्नत सूचना केंद्रों से स्टेशन का स्वरूप पूरी तरह बदल गया है। इससे पूर्वोत्तर भारत आने वाले यात्रियों और पर्यटकों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं मिलेंगी।

ये भी पढ़ें- लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव की तैयारी, विपक्ष ने लगाए गंभीर आरोप

 

विकास की मुख्यधारा से जुड़ता पूर्वोत्तर
सैरांग–सिलचर रेल सेवा और गुवाहाटी स्टेशन का आधुनिकीकरण यह संकेत देता है कि केंद्र सरकार पूर्वोत्तर भारत के समग्र विकास को लेकर गंभीर और प्रतिबद्ध है। यह परियोजना आने वाले वर्षों में क्षेत्र की सामाजिक संरचना, आर्थिक गतिविधियों और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

पूर्वोत्तर की पहाड़ियों के बीच अब सिर्फ रास्ते नहीं, बल्कि अवसरों की पटरियां बिछ चुकी हैं।

खबरें और भी हैं...

Copyright © 2025 Dainik Savera Times. All rights reserved.
ऐप खोलें