नई दिल्ली: सूत्रों के मुताबिक, विपक्षी दल लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की योजना बना रहे हैं। यह कदम उस विवाद के बाद उठाया जा रहा है, जिसमें विपक्ष ने आरोप लगाया कि राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव की चर्चा के दौरान लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को अपनी बात रखने का मौका नहीं दिया गया।
पिछले हफ्ते लोकसभा में भारी हंगामा देखने को मिला था। यह तब हुआ जब राहुल गांधी ने चीन के साथ साल 2020 में हुए सीमा विवाद पर चर्चा के दौरान पूर्व सेना प्रमुख जनरल एम.एम. नरवणे की एक “अप्रकाशित” किताब (संस्मरण) का हवाला दिया। इस पर लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने फैसला सुनाते हुए कहा कि सदन में किसी भी “अप्रकाशित” सामग्री का उल्लेख नहीं किया जा सकता और राहुल गांधी को उसे पढ़ने की अनुमति देने से इनकार कर दिया गया।
यह भी पढ़ें: संसद में हंगामे पर किरेन रिजिजू का कांग्रेस पर हमला, बोले- यह संसद है, गुंडागर्दी की जगह नहीं
इससे पहले 5 फरवरी को स्पीकर ओम बिरला ने एक बयान में कहा था कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से आग्रह किया था कि वे किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए सदन में न आएं। स्पीकर के अनुसार, उन्हें जानकारी मिली थी कि कुछ कांग्रेस सांसद प्रधानमंत्री की सीट तक पहुंच सकते हैं और कोई “अभूतपूर्व” घटना कर सकते हैं।
सोमवार को भी लोकसभा की कार्यवाही हंगामे की भेंट चढ़ गई। विपक्षी सांसद भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार ढांचे पर चर्चा की मांग को लेकर नारेबाजी कर रहे थे, जिसके चलते प्रश्नकाल बाधित हुआ। हालात को देखते हुए स्पीकर ओम बिरला ने सदन को दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया। सप्ताह की शुरुआत में सदन महज सात मिनट ही चल सका। प्रश्नकाल शुरू होते ही विपक्षी बेंचों से नारेबाजी तेज हो गई और सांसद अपनी मांगें उठाने लगे। इस दौरान स्पीकर बिरला ने सदस्यों से संयम बरतने और संसदीय मर्यादा बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि सदन बहस और चर्चा के लिए है और किसी भी सांसद को बोलने से नहीं रोका जाएगा।
यह भी पढ़ें: आतंकी अब्दुल रहमान की जेल में मौत, आरोपी ने नुकीली वस्तु से हमला कर उतारा मौत के घाट
स्पीकर ने विपक्षी सांसदों से सवाल करते हुए कहा, “क्या आप सदन को स्थगित कराना चाहते हैं? क्या आप काम नहीं करना चाहते? सदन चर्चा और बहस के लिए है। कृपया मुद्दों पर बात करें, सभी को बोलने का मौका मिलेगा।” इसके बावजूद नारेबाजी जारी रही, जिसके बाद उन्होंने सदन स्थगित करने की घोषणा कर दी। गौरतलब है कि सोमवार को संसद के दोनों सदनों में केंद्रीय बजट 2026-27 पर चर्चा जारी रहने वाली थी। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने यह बजट 1 फरवरी को पेश किया था। यह उनका लगातार नौवां केंद्रीय बजट है, लेकिन लगातार हो रहे हंगामे के कारण बजट पर चर्चा भी प्रभावित हो रही है।