नई दिल्ली: केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सोमवार को लोकसभा की कार्यवाही में बार-बार रुकावट डालने को लेकर कांग्रेस सांसदों पर कड़ी नाराज़गी जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सांसदों ने न सिर्फ सदन में हंगामा किया, बल्कि लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के चैंबर के अंदर भी गलत व्यवहार किया। रिजिजू ने कहा कि कांग्रेस जानबूझकर संसद की कार्यवाही रोकना चाहती है।
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रिजिजू का यह बयान लोकसभा स्पीकर ओम बिरला की उस टिप्पणी के बाद आया, जिसमें उन्होंने कहा था कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सुरक्षा कारणों से सदन में न आने की सलाह दी थी। स्पीकर ने बताया था कि उन्हें जानकारी मिली थी कि कुछ कांग्रेस सांसद प्रधानमंत्री की सीट के पास जाकर कोई अप्रिय घटना कर सकते हैं, जो पहले कभी नहीं हुई। इस पर रिजिजू ने कहा कि स्पीकर के चैंबर के अंदर कांग्रेस सांसदों का व्यवहार बेहद निंदनीय था और इसके लिए शब्द कम पड़ जाते हैं। उन्होंने कहा कि जब कांग्रेस के नेता खुद पर नियंत्रण नहीं रख पा रहे हैं, तो स्पीकर का कदम पूरी तरह सही था।
केंद्रीय मंत्री ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने पहले से योजना बनाई थी कि जैसे ही प्रधानमंत्री सदन में आएंगे, वे हंगामा करेंगे और उनसे कागज़ तक छीनने की कोशिश करेंगे। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि संसद कोई “गुंडागर्दी” की जगह नहीं है। इसके बावजूद सरकार ने संयम रखा, लेकिन हर चीज़ की एक सीमा होती है। रिजिजू ने कहा कि सरकार चाहती है कि संसद चले और कामकाज हो, लेकिन लगातार हो रहे हंगामे की वजह से ज़रूरी संसदीय काम रुक रहा है। उन्होंने कहा कि अगर कांग्रेस सदन नहीं चलने देगी, तो इसका नुकसान दूसरे सांसदों को होगा, क्योंकि उन्हें अपनी बात रखने का मौका नहीं मिलेगा।
उन्होंने यह भी बताया कि लगातार रुकावटों के कारण राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर लोकसभा में बहस नहीं हो पाई। रिजिजू का आरोप है कि कांग्रेस की लोकसभा लीडरशिप जानबूझकर कार्यवाही रोक रही है और स्पीकर भी कांग्रेस सांसदों के व्यवहार से दुखी हैं। बजट को लेकर उन्होंने चेतावनी दी कि अगर सदन चलता नहीं रहा और बजट वॉइस वोट से पास हो गया, तो सबसे ज़्यादा नुकसान विपक्ष को होगा। उन्होंने कहा कि सरकार ने पहले ही एनडीए के उन सांसदों की सूची जमा कर दी है जो बजट पर बोलेंगे, लेकिन अगर विपक्ष के सांसदों को मौका नहीं मिलता, तो इसकी ज़िम्मेदारी कांग्रेस की होगी।
रिजिजू ने यह भी आरोप लगाया कि लोकसभा सिर्फ राहुल गांधी की ज़िद की वजह से रुकी हुई है। उन्होंने कहा कि सदन में बोलने के लिए नियम बने हुए हैं और अगर कोई नियमों के बाहर बोलता है, तो उसे ठीक करने के लिए पहले से व्यवस्था मौजूद है। ये नियम कोई नए नहीं हैं, बल्कि बहुत पुराने हैं। सोमवार को लोकसभा में हंगामे की वजह से कोई भी कानूनी कामकाज नहीं हो पाया। विपक्ष के नारे लगाने और भारत-अमेरिका अंतरिम ट्रेड फ्रेमवर्क पर चर्चा की मांग के चलते स्पीकर ओम बिरला ने सदन को दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दिया।
सप्ताह की शुरुआत में ही सदन सिर्फ़ सात मिनट चल पाया। इसी बीच सूत्रों के अनुसार, विपक्ष लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की तैयारी कर रहा है। कार्यवाही शुरू होने से पहले स्पीकर ने भारतीय अंडर-19 क्रिकेट टीम को वर्ल्ड कप जीतने पर बधाई भी दी।
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इससे पहले INDIA गठबंधन की पार्टियों ने तय किया था कि वे लोकसभा और राज्यसभा दोनों में यूनियन बजट पर चर्चा में हिस्सा लेंगी। यह फैसला कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे के कार्यालय में हुई INDIA ब्लॉक के फ्लोर लीडर्स की बैठक में लिया गया था। इस बैठक में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी भी मौजूद थे। उम्मीद की जा रही है कि विपक्ष संसद के दोनों सदनों में बजट से जुड़े अहम मुद्दों को जोर-शोर से उठाएगा।