Last Updated: October 7, 2026

Dainik Savera Times Logo

धोखाधड़ी के आरोपों में फंसे विक्रम भट्ट और पत्नी को बड़ी राहत, 67 दिन जेल में रहने के बाद मिली बेल

February 13, 2026

धोखाधड़ी के आरोपों में फंसे विक्रम भट्ट और पत्नी को बड़ी राहत, 67 दिन जेल में रहने के बाद मिली बेल

नेशनल डेस्क: फिल्म निर्देशक विक्रम भट्ट और उनकी पत्नी श्वेतांबरी भट्ट को 30 करोड़ रुपये के कथित धोखाधड़ी मामले में बड़ी राहत मिली है। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने आज दोनों को अंतरिम जमानत देते हुए उदयपुर जेल से रिहा करने का आदेश जारी किया। दंपति पिछले 67 दिनों से जेल में बंद थे।

मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची की पीठ ने सुनवाई के दौरान कहा कि आपराधिक मामलों का इस्तेमाल केवल धन वसूली के साधन के रूप में नहीं किया जा सकता। अदालत ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट को निर्देश दिया कि जमानत की शर्तें स्पष्ट करते हुए आदेश पारित किया जाए।

वकीलों के बीच तीखी बहस

सुनवाई के दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी ने दलील दी कि जांच और कानूनी प्रक्रिया पूरी होने से पहले आरोपियों को अनिश्चितकाल तक जेल में रखना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि यह मामला सिविल प्रकृति का है, जिसे आपराधिक रंग दिया जा रहा है।

वहीं शिकायतकर्ता अजय मुर्डिया की ओर से पेश वकील ने तर्क दिया कि यह गंभीर आर्थिक अपराध है और इसमें भारी रकम का दुरुपयोग हुआ है। अदालत ने मामले में अजय मुर्डिया और राजस्थान सरकार को नोटिस जारी कर अगली सुनवाई 19 फरवरी को निर्धारित की है।

गिरफ्तारी और हाईकोर्ट से निराशा

विक्रम भट्ट और श्वेतांबरी भट्ट को मुंबई से गिरफ्तार कर दिसंबर 2025 में उदयपुर लाया गया था। वे 7 दिसंबर से न्यायिक हिरासत में थे। इससे पहले Rajasthan High Court ने 31 जनवरी को उनकी जमानत याचिका यह कहते हुए खारिज कर दी थी कि मौजूदा परिस्थितियों में राहत देना उचित नहीं होगा।

आरोप क्या हैं?

शिकायतकर्ता का आरोप है कि फिल्म निर्माण के नाम पर करीब 30 करोड़ रुपये लिए गए और रकम का कथित तौर पर दुरुपयोग किया गया। आरोप यह भी है कि फर्जी बिलों के जरिए धनराशि निजी खातों में ट्रांसफर की गई। इस मामले में अन्य सहयोगियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

बेटी पर भी अलग मामला

जनवरी में एक व्यवसायी ने कृष्णा भट्ट सारदा के खिलाफ भी 13.5 करोड़ रुपये की कथित धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज कराई थी। यह मामला मुंबई के वर्सोवा पुलिस स्टेशन में दर्ज हुआ, जिसकी जांच आर्थिक अपराध शाखा (EOW) द्वारा की जा रही है।

फिलहाल सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद विक्रम भट्ट और उनकी पत्नी को अंतरिम राहत मिल गई है, लेकिन मामला अभी विचाराधीन है और आगामी सुनवाई में आगे की कानूनी दिशा तय होगी।

खबरें और भी हैं...

Copyright © 2025 Dainik Savera Times. All rights reserved.
ऐप खोलें