नेशनल डेस्क: 14 फरवरी 2019 को देश ने एक ऐसी दर्दनाक घटना देखी, जिसे आज भी लोग भूल नहीं पाए हैं। इस दिन जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिला में CRPF के काफिले पर बड़ा आतंकी हमला हुआ था। यह हमला देश के लिए गहरे सदमे और शोक का कारण बना।
कैसे हुआ हमला?
श्रीनगर-जम्मू राष्ट्रीय राजमार्ग पर CRPF के जवानों का काफिला गुजर रहा था। इसी दौरान विस्फोटकों से भरी एक कार काफिले की एक बस से टकरा गई। टक्कर के तुरंत बाद जोरदार धमाका हुआ। विस्फोट इतना भीषण था कि बस के परखच्चे उड़ गए और आसपास का इलाका हिल गया। इस आत्मघाती हमले में 40 जवान शहीद हो गए, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हुए। इस हमले की जिम्मेदारी आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने ली थी। पूरे देश में शोक और आक्रोश की लहर दौड़ गई।
परिवारों का दर्द आज भी जिंदा
पंजाब के मोगा के रहने वाले शहीद जयमल सिंह के परिवार ने उस काले दिन को याद करते हुए कहा कि उनका दर्द आज भी कम नहीं हुआ है। पिता ने बताया कि बेटे के नाम पर सड़क बनाई जा रही है, जिससे उन्हें गर्व तो है, लेकिन बेटे की कमी कभी पूरी नहीं हो सकती। मां ने कहा कि एक मां के लिए बेटे को खोना सबसे बड़ा दुख होता है। यह दर्द कभी खत्म नहीं होता। शहीद की पत्नी ने भावुक होकर बताया कि उनके बिना जीवन बहुत कठिन हो गया, लेकिन बेटे की परवरिश के लिए खुद को मजबूत रखना पड़ता है। उनका बेटा अब बड़ा हो रहा है और पढ़ाई में ध्यान दे रहा है। वह अपने पिता को याद करता है, लेकिन समझता है कि जो हो गया, उसे बदला नहीं जा सकता।
भारत की जवाबी कार्रवाई
हमले के बाद भारत ने सख्त कदम उठाया। 26 फरवरी 2019 को भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान के बालाकोट में एयरस्ट्राइक की। इस कार्रवाई को बालाकोट एयरस्ट्राइक के नाम से जाना जाता है। इसमें आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया। इस कदम से यह संदेश दिया गया कि देश अपने जवानों की शहादत व्यर्थ नहीं जाने देगा।
देश के लिए सीख
पुलवामा हमला आज भी देश की यादों में ताजा है। सात साल बाद भी शहीदों के परिवारों का दर्द और देश की आंखों की नमी उस दिन की याद दिलाती है। यह दिन हमें आतंकवाद के खिलाफ एकजुट रहने और अपने जवानों के बलिदान को याद रखने की सीख देता है।
Video: राष्ट्र ने पुलवामा शहीदों को किया याद, CRPF प्रमुख ने दी श्रद्धांजलि
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