Last Updated: October 1, 2026

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11 दिन बाद तिहाड़ जेल से छूटेंगे Rajpal Yadav, HC ने दी जमानत, जानें कितने करोड़ रूपये चुकाने पड़े

February 16, 2026

11 दिन बाद तिहाड़ जेल से छूटेंगे Rajpal Yadav, HC ने दी जमानत, जानें कितने करोड़ रूपये चुकाने पड़े

नई दिल्ली। दिल्ली उच्च न्यायालय ने चेक बाउंस मामलों में अभिनेता राजपाल यादव की सजा 18 मार्च तक स्थगित कर दी और उन्हें जेल से रिहा किये जाने की अनुमति दे दी। न्यायमूर्ति स्वर्णकांता शर्मा ने यह आदेश इस तथ्य को ध्यान में रखते हुए पारित किया कि यादव ने शिकायतकर्ता कंपनी मैसर्स मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड के बैंक खाते में 1.5 करोड़ रुपये जमा कर दिये हैं। न्यायाधीश ने कहा, हम अंतरिम रूप से आपकी सजा को स्थगित कर रहे हैं और यह आदेश अगली सुनवाई की तारीख तक लागू रहेगा। यादव ने 19 फरवरी को अपने परिवार में होने वाली शादी के आधार पर उनकी सजा को स्थगित करने का अनुरोध किया था। अदालत ने यादव को अपना पासपोर्ट सौंपने और बिना अनुमति के देश न छोड़ने का निर्देश दिया।अदालत ने यादव को सुनवाई की अगली तारीख 18 मार्च को भौतिक रूप से या ऑनलाइन माध्यम से पेश होने का निर्देश दिया।

अदालत बॉलीवुड अभिनेता और उनकी पत्नी की पुनरीक्षण याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी, जिनमें चेक बाउंस मामलों में अप्रैल 2018 में मजिस्ट्रेट अदालत की ओर से उन्हें सुनाई गई सजा 2019 में बरकरार रखने के सत्र अदालत के फैसले को चुनौती दी गई थी। मजिस्ट्रेट अदालत ने यादव को छह महीने की सजा सुनाई थी। उच्च न्यायालय ने जून 2024 में उनकी सजा पर इस शर्त के साथ अस्थायी रोक लगा दी थी कि वह शिकायतकर्ता के साथ आपसी समझौते की संभावना तलाशने के लिए ईमानदार एवं वास्तविक प्रयास करेंगे। उस समय यादव के वकील ने कहा था कि यह लेनदेन फिल्म बनाने के लिए हुआ था, लेकिन फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर अच्छा प्रदर्शन नहीं किया, जिससे भारी वित्तीय नुकसान हुआ।

दो फरवरी को पारित आदेश में यादव को चार फरवरी शाम चार बजे तक आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया गया था।  इस आदेश में उच्च न्यायालय ने कहा था कि यादव का आचरण निंदनीय है, क्योंकि उन्होंने शिकायतकर्ता मैसर्स मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड की राशि चुकाने को लेकर अदालत के समक्ष दिए गए अपने आश्वासनों का निरंतर उल्लंघन किया।अदालत को बताया गया था कि यादव के खिलाफ दर्ज सात मामलों में उन्हें प्रत्येक मामले में 1.35 करोड़ रुपये का भुगतान करना है। इसके बाद अदालत ने उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार जनरल के पास पहले से जमा राशि को शिकायतकर्ता के पक्ष में जारी करने का निर्देश दिया।

अदालत ने आदेश में उल्लेख किया था कि अक्टूबर 2025 में 75-75 लाख रुपये के दो डिमांड ड्राफ्ट रजिस्ट्रार जनरल के पास जमा किए गए थे और अब भी यादव को नौ करोड़ रुपये का भुगतान करना है। अदालत ने चार फरवरी को यादव को जेल अधिकारियों के समक्ष आत्मसमर्पण के लिए दी गई समयसीमा बढ़ाने से इनकार कर दिया था।

 

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