
नई दिल्ली। राष्ट्रपति मैक्रों मंगलवार आधी रात के आसपास मुंबई पहुंचे। एयरपोर्ट पर भारतीय अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। इसके बाद प्रधानमंत्री मोदी ने भी उनके भारत दौरे को खास बताया। यह यात्रा भारत और फ्रांस के बीच रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के उद्देश्य से की जा रही है।
सोशल मीडिया पर दिखी दोस्ती
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर राष्ट्रपति मैक्रों का स्वागत करते हुए लिखा कि भारत उनकी यात्रा से उत्साहित है। उन्होंने भरोसा जताया कि दोनों देशों के बीच विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग और मजबूत होगा। वहीं, मैक्रों ने भी भारत के लिए रवाना होते समय विमान से एक तस्वीर साझा की और लिखा कि वे मुंबई से नई दिल्ली तक तीन दिनों के कार्यक्रम में भारत-फ्रांस साझेदारी को आगे बढ़ाने के लिए उत्सुक हैं। दोनों नेताओं के इस सार्वजनिक संवाद से साफ है कि भारत और फ्रांस के बीच व्यक्तिगत और राजनीतिक दोनों स्तरों पर मजबूत संबंध हैं।
Welcome to India!
India looks forward to your visit and to advancing our bilateral ties to new heights. I am confident that our discussions will further strengthen cooperation across sectors and contribute to global progress.
See you in Mumbai and later in Delhi, my dear friend… https://t.co/5gDTDt6llp
— Narendra Modi (@narendramodi) February 17, 2026
रक्षा सौदे पर रहेगा खास ध्यान
इस दौरे का सबसे बड़ा मुद्दा रक्षा क्षेत्र से जुड़ा है। भारत सरकार ने हाल ही में 114 नए राफेल लड़ाकू विमानों की खरीद को मंजूरी दी है। ये विमान फ्रांस की कंपनी Dassault Aviation द्वारा बनाए जाते हैं। करीब ₹3.60 लाख करोड़ रुपये के इस बड़े रक्षा प्रोजेक्ट के तहत ज्यादातर विमानों का निर्माण भारत में ही किया जाएगा। यह ‘मेक इन इंडिया’ पहल को भी मजबूती देगा और देश में रोजगार के अवसर बढ़ाएगा।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर चर्चा
नई दिल्ली में चल रहे ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026’ के दौरान दोनों नेता आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में सहयोग पर भी बात करेंगे। उम्मीद है कि राष्ट्रपति मैक्रों इस कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे। AI के क्षेत्र में भारत और फ्रांस मिलकर नई तकनीक, रिसर्च और डिजिटल सुरक्षा पर काम कर सकते हैं। इससे टेक्नोलॉजी सेक्टर में नई संभावनाएं खुलेंगी।
व्यापार और उद्योग में बढ़ेगा सहयोग
राष्ट्रपति मैक्रों के साथ एक बड़ा प्रतिनिधिमंडल भी भारत आया है, जिसमें प्रमुख कारोबारी नेता, उद्योगपति और डिजिटल विशेषज्ञ शामिल हैं। हाल ही में भारत और यूरोपीय संघ के बीच हुए मुक्त व्यापार समझौते (FTA) से दोनों देशों के व्यापारिक संबंधों को नई गति मिली है। इससे रक्षा, तकनीक, ऊर्जा और अन्य क्षेत्रों में निवेश बढ़ने की संभावना है।
भारत-फ्रांस संबंधों को मिलेगी नई दिशा
मुंबई और दिल्ली में होने वाली बैठकों के दौरान रक्षा, तकनीक, व्यापार और सांस्कृतिक सहयोग पर कई अहम फैसले लिए जा सकते हैं। इस तीन दिवसीय यात्रा से उम्मीद है कि भारत और फ्रांस के संबंध और मजबूत होंगे तथा दोनों देश मिलकर वैश्विक स्तर पर भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
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