Last Updated: September 25, 2026

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हरियाणा के CM का विपक्ष पर सीधा प्रहार, अगर भरोसा न बढ़ता तो साधन कैसे मिलते

February 18, 2026

हरियाणा के CM का विपक्ष पर सीधा प्रहार, अगर भरोसा न बढ़ता तो साधन कैसे मिलते

चंडीगढ़: मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने हरियाणा निवास में पत्रकारों को संबोधिक करते हुए कहा कि केंद्रीय करों में से हरियाणा की यह बढ़ती हुई हिस्सेदारी प्रदेश सरकार की मजबूत वित्तीय विश्वसनीयता और प्रभावी नीति का प्रमाण है। अब विपक्ष ही बताए कि अगर शासन और नीयत सही न होती तो हरियाणा को यह बढ़ता भरोसा और संसाधन कैसे मिलते। आज सरकार पर जनता का भरोसा केवल बढ़ा ही नहीं है अपितु इसे एक नई पहचान भी मिली है। इसका परिणाम है कि हरियाणा को आगे बढ़ने के निरंतर मौके मिल रहे हैं। विपक्ष बार-बार बेरोजगारी के विषय पर बोलता है।

नीति आयोग की रिपोर्ट के अनुसार 2004-05 में सरकारी व गैर सरकारी क्षेत्रों में 90.61 लाख लोग कार्यरत थे जबकि 2014-15 में यह आंकड़ा घटकर 86.93 लाख रह गया था। वर्ष 2023-24 में 110 लाख लोग विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत थे। इस प्रकार जहां वर्ष 2004-14 के बीच लगभग 3.68 लाख लोगों को अपना रोजगार गंवाना पड़ा, वहीं वर्ष 2023-24 तक लगभग 27 लाख लोगों को रोजगार के नए अवसर प्राप्त हुए हैं। यह हमारी सरकार की बड़ी उपलब्धि है। इस दौरान मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव राजेश खुल्लर, प्रधान सचिव अरुण कुमार गुप्ता, सूचना एवं जनसंपर्क भाषा विभाग के महानिदेशक के. मकरंद पांडुरंग व मुख्यमंत्री के मीडिया सचिव प्रवीण आत्रेय मौजूद रहे।

उच्च शिक्षा का जीईआर 27 से बढ़कर हुआ 34 प्रतिशत

मुख्यमंत्री ने शिक्षा क्षेत्र का जिक्र करते हुए कहा कि वर्ष 2004-14 की अवधि के दौरान उच्च शिक्षा में ग्रॉस एनरोलमेंट रेशों (जीईआर) लगभग 27 प्रतिशत था जबकि वर्ष 2015-25 की अवधि के दौरान यह बढ़कर 34 प्रतिशत हो गया है। वर्ष 2005-14 की अवधि के बीच प्रदेश में लगभग 45 विश्वविद्यालय थे जबकि वर्ष 2015-25 की अवधि के बीच 60 नए विश्वविद्यालय प्रदेश में स्थापित हुए हैं। वित्त विभाग द्वारा जारी व्हाइट पेपर के अनुसार राज्य का अपना राजस्व वर्ष 2013-14 में 25 हजार 567 करोड़ रुपए था जबकि वर्ष 2024-25 में राज्य का अपना राजस्व बढ़कर 77943 करोड़ रुपए हो गया।

वर्ष 2013-14 की तुलना में वर्ष 2024-25 में लगभग 52376 करोड़ रुपए की वृद्धि हुई है। आरबीआई के डाटा, एनएसएसओ के रोजगार एवं बेरोजगारी सर्वेक्षण और पीरियोडिक लेबर फोर्स सर्वे की रिपोर्ट के अनुसार शहरी बेरोजगारी में वर्ष 2004-05 में हरियाणा की रैंकिंग 37 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 17 वें स्थान पर थी। यह वर्ष 2023-24 में सुधरकर 8वें स्थान पर आ गई।

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