Last Updated: October 8, 2026

Dainik Savera Times Logo

प्रदूषण से बचाव और साइनस में राहत के लिए जलनेति कारगर, आयुष मंत्रालय की सलाह

February 18, 2026

प्रदूषण से बचाव और साइनस में राहत के लिए जलनेति कारगर, आयुष मंत्रालय की सलाह

आसपास बढ़ते प्रदूषण और साइनस की दिक्कतों के बीच नाक की सफाई और श्वसन तंत्र को स्वस्थ रखना बेहद जरूरी हो गया है। आयुष मंत्रालय ऐसी समस्याओं के लिए प्राचीन योग क्रिया जलनेति को अपनाने की सलाह देता है।

क्या है जलनेति?

यह योग की शुद्धिकरण क्रिया (षट्कर्म) है, जिसमें गुनगुने नमक वाले पानी से नासिका मार्ग की सफाई की जाती है। इससे धूल, प्रदूषण, एलर्जी कारक तत्व और जमा गंदगी बाहर निकलती है। मंत्रालय के अनुसार, इसे खासकर प्रदूषित शहरों में रहने वाले लोग अपनी दिनचर्या का हिस्सा बना सकते हैं।

कैसे करें जलनेति?

कागासन की मुद्रा में बैठें, पैरों के बीच थोड़ा अंतर रखें।

आगे झुकें और सिर को सक्रिय नासिका के विपरीत दिशा में हल्का झुकाएं।

नेति पॉट की टोंटी सक्रिय नासिका में लगाएं।

मुंह हल्का खुला रखें और मुंह से सांस लेते-छोड़ते रहें।

पानी एक नासिका से अंदर जाएगा और दूसरी से बाहर निकलेगा।

आधा पात्र खत्म होने पर नाक साफ करें और दूसरी तरफ से दोहराएं।

अंत में हल्का कपालभाति प्राणायाम करें ताकि बचा हुआ पानी निकल जाए।

जरूरी सावधानियां

पानी गुनगुना हो।

लगभग आधा चम्मच नमक प्रति लीटर पानी में मिलाएं।

पहली बार अभ्यास विशेषज्ञ की देखरेख में करें।

अगर कान, नाक या गले में गंभीर संक्रमण हो तो पहले डॉक्टर से सलाह लें।

संभावित लाभ

नाक की गहरी सफाई

साइनसाइटिस, एलर्जी, सर्दी-जुकाम और नाक बंद होने में राहत

श्वसन तंत्र को मजबूती

सिरदर्द और माइग्रेन में मदद

मानसिक स्पष्टता और एकाग्रता में सुधार

नियमित और सही तरीके से किया गया अभ्यास सांस को सहज बनाता है और प्रदूषण से होने वाली परेशानियों को कम करने में सहायक हो सकता है।

खबरें और भी हैं...

Copyright © 2025 Dainik Savera Times. All rights reserved.
ऐप खोलें