नई दिल्ली: अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में मंगलवार सुबह एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। सरकारी हेलिकॉप्टर सेवा कंपनी पवन हंस का एक हेलिकॉप्टर उड़ान भरने के कुछ ही समय बाद तकनीकी खराबी के कारण समुद्र में आपातकालीन लैंडिंग (क्रैश लैंडिंग) करने को मजबूर हो गया। राहत की बात यह रही कि हेलिकॉप्टर में सवार सभी 7 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया।
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क्या हुआ था?
जानकारी के अनुसार, हेलिकॉप्टर पोर्ट ब्लेयर से मायाबंदर जा रहा था। उड़ान भरने के तुरंत बाद पायलट को तकनीकी खराबी का पता चला। स्थिति को भांपते हुए पायलट ने सूझबूझ दिखाते हुए हेलिकॉप्टर को अंडमान सागर में सुरक्षित उतार दिया। हेलिकॉप्टर में दो क्रू मेंबर (पायलट और अन्य स्टाफ) सहित कुल 7 लोग सवार थे। समुद्र में लैंडिंग के बाद तुरंत बचाव दल मौके पर पहुंचा और सभी यात्रियों व क्रू को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
कितनी आई चोटें?
कंपनी के प्रवक्ता के अनुसार, यह घटना सुबह करीब 9:30 बजे हुई। इसे “शॉर्ट लैंडिंग” बताया गया है। हादसे में कुछ लोगों को हल्की चोटें आई हैं, लेकिन कोई भी गंभीर रूप से घायल नहीं हुआ है।
पवन हंस के बारे में
पवन हंस देश की सबसे बड़ी सरकारी हेलिकॉप्टर सेवा कंपनी है। इसकी स्थापना वर्ष 1985 में हुई थी। यह कंपनी मुख्य रूप से दूर-दराज और दुर्गम इलाकों को जोड़ने का काम करती है। कई बार वीआईपी और बड़े नेता भी इसकी सेवाओं का उपयोग करते हैं।
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एक दिन पहले झारखंड में एयर एंबुलेंस हादसा
इस घटना से एक दिन पहले झारखंड के चतरा जिले में भी एक बड़ा विमान हादसा हुआ था। रांची से दिल्ली जा रही एक एयर एंबुलेंस जंगल क्षेत्र में क्रैश हो गई। इस हादसे में कुल 7 लोगों की मौत हो गई, जिनमें दो पायलट, एक डॉक्टर, एक नर्स, एक मरीज और उसके दो सहयोगी शामिल थे।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, विमान ने रांची से उड़ान भरी थी, लेकिन कुछ ही देर बाद उसका संपर्क टूट गया और बाद में उसके दुर्घटनाग्रस्त होने की खबर मिली। इन लगातार दो घटनाओं ने हवाई सुरक्षा को लेकर चिंता जरूर बढ़ा दी है, हालांकि अंडमान में हुई हेलिकॉप्टर घटना में सभी लोगों का सुरक्षित बच जाना बड़ी राहत की बात है।