इंटरनेशनल डेस्क: तुर्की वायु सेना का एक F-16 लड़ाकू विमान बुधवार सुबह उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गया। यह हादसा बालिकेसिर एयर बेस से टेकऑफ के बाद हुआ। रक्षा मंत्रालय की शुरुआती जानकारी के मुताबिक, इस दुर्घटना में पायलट की मौत हो गई है।
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हादसा बर्सा-इजमिर हाईवे के पास हुआ। घटना की सूचना मिलते ही एम्बुलेंस और पुलिस की टीमें मौके पर पहुंच गईं। सोशल मीडिया पर सामने आई वीडियो फुटेज में घटनास्थल पर मलबा बिखरा हुआ दिखाई दे रहा है और लोग मौके की ओर दौड़ते नजर आ रहे हैं। शहर के गवर्नर इस्माइल उस्ताओग्लू ने बताया कि बालिकेसिर 9वें मेन जेट बेस कमांड के स्क्वाड्रन का F-16 विमान रात करीब 00:50 बजे मिशन फ्लाइट के दौरान क्रैश हुआ। उन्होंने पायलट के निधन पर दुख जताते हुए परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की।
A Turkish F-16 reportedly went down during a mission in northwestern Turkey, killing the pilot.
The crash comes at a volatile moment as Middle East tensions escalate. pic.twitter.com/dhb4ULaLVf
— Brandon Straka #WalkAway (@BrandonStraka) February 25, 2026
F-16 Fighting Falcon एक सिंगल-इंजन, सुपरसोनिक मल्टीरोल फाइटर जेट है। इसे मूल रूप से 1970 के दशक में अमेरिका की कंपनी जनरल डायनेमिक्स ने विकसित किया था, बाद में इसका निर्माण लॉकहीड मार्टिन द्वारा किया जाने लगा। यह विमान अपनी उच्च गतिशीलता (मैनूवरेबिलिटी), आधुनिक एवियोनिक्स सिस्टम और कम संचालन लागत के लिए जाना जाता है। समय के साथ इसे अपग्रेड कर ऑल-वेदर मल्टीरोल प्लेटफॉर्म बनाया गया, जो हवा से हवा (एयर-टू-एयर) और जमीन पर हमले (ग्राउंड अटैक) दोनों मिशनों में सक्षम है।
तुर्की ने 1987 में अपना पहला F-16 विमान शामिल किया था। बाद में ‘पीस ओनिक्स’ कार्यक्रम के तहत इन जेट्स का उत्पादन देश में भी किया गया। 2015 में टर्किश एयरोस्पेस इंडस्ट्रीज के कॉमन कॉन्फ़िगरेशन इम्प्लीमेंटेशन प्रोग्राम (CCIP) के तहत इन विमानों को ब्लॉक 50/52+ मानक में अपग्रेड किया गया, जिससे रडार, एवियोनिक्स और लड़ाकू क्षमता को बेहतर बनाया गया।
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फिलहाल दुर्घटना के कारणों का पता नहीं चल पाया है। रक्षा मंत्रालय ने मामले की जांच शुरू कर दी है। इस हादसे के बाद विमान की सुरक्षा और तकनीकी खामियों को लेकर सवाल उठने लगे हैं।