Punjab Budget Session 2026: पंजाब विधानसभा में आज से सदन की कार्यवाही शुरू हो गई है। वित्तमंत्री हरपाल चीमा का संबोधन शुरू हो गया है। पंजाब विधानसभा में वित्तमंत्री हरपाल चीमा ने 2,60,437 करोड़ रुपए का बजट पेश किया।
40 लाख परिवारों को मिलेगी मुफ्त राशन किट
पंजाब सरकार ने आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को राहत देने के लिए एक नई पहल की घोषणा की है। वित्तमंत्री ने बजट भाषण में बताया कि सरकार “मेरी रसोई” योजना शुरू करने जा रही है, जिसका उद्देश्य गरीब और जरूरतमंद परिवारों की खाद्य एवं पोषण सुरक्षा को और मजबूत करना है।
इस योजना के तहत राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) और स्मार्ट राशन कार्ड योजना के अंतर्गत आने वाले लगभग 40 लाख परिवारों को मौजूदा अनाज के अलावा हर तीन महीने में मुफ्त राशन किट प्रदान की जाएगी। सरकार का मानना है कि इससे परिवारों का घरेलू खर्च कम होगा और कमजोर वर्गों को आर्थिक राहत मिलेगी।
राशन किट में रोजमर्रा की जरूरत की कई जरूरी वस्तुएं शामिल होंगी। प्रत्येक किट में 2 किलोग्राम चीनी, 2 किलोग्राम चना दाल, 1 लीटर सरसों का तेल, 200 ग्राम हल्दी और 1 किलोग्राम नमक दिया जाएगा। इस योजना को लागू करने के लिए वित्तीय वर्ष 2026–27 में लगभग 900 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है।
सरकार ने यह भी घोषणा की है कि राज्य में नए राशन कार्ड के लिए नामांकन प्रक्रिया फिर से शुरू की जाएगी। लंबे समय से कई गरीब परिवार राशन कार्ड के लिए इंतजार कर रहे थे। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के निर्देश पर अगले वर्ष करीब 10 लाख नए लाभार्थियों को खाद्य सुरक्षा योजना में शामिल किया जाएगा, ताकि कोई भी जरूरतमंद परिवार इस सुविधा से वंचित न रहे।
इसके साथ ही सरकार युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने पर भी ध्यान दे रही है। राज्य में उचित मूल्य की दुकानों (राशन डिपो) के आवंटन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। आने वाले 1 से 2 महीनों में लगभग 7,500 लोगों को राशन डिपो चलाने के लिए लाइसेंस जारी किए जाएंगे।
1,279 नई बसें जोड़ने की तैयारी
पंजाब सरकार ने राज्य में सार्वजनिक परिवहन को मजबूत बनाने के लिए बड़ा कदम उठाने की घोषणा की है। वित्तमंत्री ने बताया कि महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा योजना को जारी रखते हुए अब बस सेवाओं का विस्तार भी किया जाएगा, ताकि उन क्षेत्रों में भी बेहतर सुविधा मिल सके जहां बसों की कमी है या यात्रियों की भीड़ अधिक रहती है।
इस समय राज्य में कुल 2,267 बसें संचालित हो रही हैं। सरकार ने इनमें 1,279 नई बसें जोड़ने का प्रस्ताव रखा है। इनमें से कुछ बसें पहले ही सड़कों पर उतर चुकी हैं, जबकि बाकी बसें नवंबर 2026 तक चरणबद्ध तरीके से शुरू कर दी जाएंगी।
खनन आय में हुआ भारी इजाफा
पंजाब ने खनन क्षेत्र में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। वित्तमंत्री ने बताया कि भारत सरकार के खनन मंत्रालय द्वारा जारी स्टेट माइनिंग रीडिनेस इंडेक्स में पंजाब ने पहली रैंक हासिल की है। यह उपलब्धि राज्य में खनन नीतियों और नियमों में किए गए सुधारों का प्रत्यक्ष परिणाम है।
पंजाब माइनर मिनरल्स रूल्स में बदलाव कर नए प्रकार की साइटें पेश की गई हैं, जिनमें क्रशर माइनिंग साइट्स और लैंडओनर माइनिंग साइट्स शामिल हैं। ये साइटें जमीन मालिकों को अपने क्षेत्र में संचालन के लिए पारदर्शी और समयबद्ध कॉन्ट्रैक्ट प्रदान करती हैं, जिससे स्थानीय लोगों को भी लाभ हुआ है।
इन सुधारों के चलते, बॉर्डर एरिया पर चेकपोस्ट स्थापित करना, प्रवर्तन को मजबूत करना और नीलामी प्रक्रिया को आधुनिक बनाना जैसी पहलें की गई हैं। इसका नतीजा यह हुआ कि पंजाब की खनन आय में पिछले एक साल में जबरदस्त वृद्धि हुई ₹260 करोड़ से बढ़कर ₹500 करोड़ से अधिक हो गई।
राज्य में सड़क और बुनियादी ढांचे में दोगुना निवेश
पंजाब सरकार ने वित्त वर्ष 2026–27 में सड़कों, पुलों और सार्वजनिक बुनियादी ढांचे के निर्माण और सुधार के लिए ₹5,440 करोड़ का बजट पेश किया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में दोगुना है। वित्तमंत्री ने कहा कि यह निवेश राज्यभर में सड़क नेटवर्क के विस्तार और मौजूदा संरचनाओं के व्यवस्थित रखरखाव पर सरकार की प्राथमिकता को दर्शाता है।
इस बजट में कुल 2,570 किलोमीटर योजनाबद्ध सड़कों के उन्नयन और कनेक्टिविटी सुधार के लिए ₹1,500 करोड़ आरक्षित किए गए हैं। इससे जिले और अंतर-जिला सड़क नेटवर्क को और मजबूत बनाने में मदद मिलेगी। सरकार ने 31 निर्माणाधीन पुलों को पूरा करने और नए पुलों के निर्माण के लिए ₹130 करोड़ का प्रावधान किया है। इस कदम से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में संपर्क और यातायात की सुरक्षा दोनों में सुधार की उम्मीद है।
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY-III) के तहत, वित्त वर्ष 2025–26 में लगभग 500 किलोमीटर ग्रामीण सड़कें पूरी होने की संभावना है, जिनकी अनुमानित लागत ₹290 करोड़ है। वहीं, वित्त वर्ष 2026–27 में इस योजना के तहत 400 किलोमीटर सड़कों का उन्नयन प्रस्तावित है, जिसकी अनुमानित लागत ₹400 करोड़ है। सेंट्रल रोड एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर फंड (CRIF) के तहत 100 किलोमीटर सड़कों के उन्नयन और 6 RUBs/ROBs के निर्माण के लिए ₹300 करोड़ का बजट रखा गया है। इसके माध्यम से राज्यभर में सड़क सुरक्षा और कनेक्टिविटी दोनों को बढ़ावा मिलेगा।
वित्तमंत्री ने कहा कि यह बजट राज्य के बुनियादी ढांचे को आधुनिक और मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे न केवल यातायात सुगमता बढ़ेगी, बल्कि आर्थिक गतिविधियों को भी बल मिलेगा।
पंजाब में डिजिटल हुईं 13 प्रमुख सरकारी सेवाएं
पंजाब सरकार ने नागरिकों को सुविधाजनक सेवा प्रदान करने के लिए बड़े डिजिटल सुधार लागू किए हैं। वित्त मंत्री ने बताया कि इन सुधारों के चलते सरकारी सेवाओं के वितरण में महत्वपूर्ण बदलाव आया है और आम लोगों को इसका सीधा लाभ मिला है।
स्टेट पेंडेंसी डैशबोर्ड के जरिए अब विभागों में लंबित मामलों पर रीयल-टाइम निगरानी संभव हो गई है। इससे लंबित मामलों का प्रतिशत 14% से घटकर मात्र 0.33% रह गया और आवेदन प्रक्रिया तेजी से पूरी होने लगी है।
विशेष रूप से, आय, निवास और जाति प्रमाण पत्र समेत 13 प्रमुख सरकारी सेवाओं के लिए अब कागजी फॉर्म का इस्तेमाल पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है। अब ये सभी सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध हैं, जिससे नागरिकों को विभागीय दफ्तरों का दौरा करने की जरूरत काफी हद तक कम हो गई है।
गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहादत दिवस पर विशेष कार्यक्रम
पंजाब में इस वर्ष श्री गुरु तेग बहादुर जी की 350वीं शहादत वर्षगांठ के अवसर पर विशेष कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। वित्त मंत्री ने इस मौके पर कहा कि यह वर्ष हमें गुरु साहिब जी के अद्वितीय बलिदान और उनकी आस्था की गहराई को याद करने का अवसर देता है। सरकार द्वारा श्री आनंदपुर साहिब में तीन दिवसीय विशेष स्मरण कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं ने भक्ति और सम्मान के साथ गुरु साहिब जी को श्रद्धांजलि अर्पित की।
इस वर्ष नवंबर में पंजाब विधानसभा का एक विशेष सत्र भी श्री आनंदपुर साहिब में बुलाया गया, जिसमें गुरु साहिब जी के योगदान और पंजाब के गौरवशाली इतिहास को याद किया गया। इस सत्र के माध्यम से राज्य सरकार ने सामाजिक और सांस्कृतिक मूल्यों को बनाए रखने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को भी दोबारा व्यक्त किया।
सरकार ने यह भी घोषणा की कि वित्त वर्ष 2026–27 में श्री गुरु रविदास जी की 650वीं जयंती राज्य स्तर पर बड़े पैमाने पर मनाई जाएगी। गुरु रविदास जी का संदेश समानता, एकेश्वरवाद में भक्ति और जातिवाद का विरोध आज भी समाज के लिए प्रेरणास्त्रोत है। उनका सपना एक ऐसा समाज बनाने का था, जहाँ अन्याय, कष्ट और भेदभाव का कोई स्थान न हो, और यह संदेश आज भी उतना ही प्रासंगिक है।
मुख्य कार्यक्रम श्री गुरु रविदास जी मेमोरियल कॉम्प्लेक्स, गांव खुरालगढ़, जिला होशियारपुर में आयोजित होंगे। यह स्थल उनके तपस्थल के रूप में जाना जाता है और सामाजिक सौहार्द एवं मानव गरिमा को बढ़ावा देने का केंद्र रहा है।
शहरी विकास के लिए ₹7,257 करोड़ का बजट प्रस्तावित
पंजाब सरकार ने वित्त वर्ष 2026–27 के लिए शहरी विकास और हाउसिंग क्षेत्र में ₹7,257 करोड़ का बजट प्रस्तावित किया है। वित्तमंत्री ने बताया कि राज्य ने GIS आधारित शहरी मैपिंग में भी महत्वपूर्ण प्रगति की है, जिससे शहरों की योजना, निगरानी और नागरिक सेवाओं की वितरण प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और प्रभावी बन जाएगी।
राज्य के 163 शहरी स्थानीय निकायों में वार्ड और नगर निगम की सीमाओं को डिजिटल रूप में रिकॉर्ड किया गया है। इसके अलावा, वन मैप पंजाब GIS पोर्टल की शुरुआत की गई है, जो विभिन्न विभागों के डेटा को एक प्लेटफॉर्म पर जोड़कर काम की रियल-टाइम निगरानी संभव बनाता है।
1 लाख नए घरों के लिए ₹800 करोड़
पंजाब में ग्रामीण इलाकों में घर बनाने की गति को और तेज करने के लिए सरकार ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। वित्तमंत्री ने बताया कि वर्ष 2017 से मार्च 2022 के बीच प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत लगभग 39,000 घर पूरे किए गए थे। हालांकि, वर्तमान सरकार के कार्यकाल में इस पहल की गति काफी बढ़ गई है। इस साल अब तक 76,000 परिवारों को आवास सहायता प्रदान की जा चुकी है, जिसमें 30,000 बाढ़ प्रभावित परिवार भी शामिल हैं।
मनरेगा के लिए 1,500 करोड़ रुपये का बजट
पंजाब सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 में मनरेगा (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम) के तहत कुल 1,500 करोड़ रुपये के व्यय का अनुमान लगाया है। वित्तमंत्री ने बताया कि वर्तमान वर्ष में इस योजना के अंतर्गत लगभग 1,100 करोड़ रुपये खर्च किए गए, जिससे 223 लाख मानव-दिवस रोजगार सृजित हुए।
बिजली सब्सिडी पर 7,715 करोड़ रुपए का बजट
पंजाब सरकार ने किसानों के लिए मुफ्त और सब्सिडी वाली बिजली देने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराते हुए कृषि क्षेत्र में बिजली सब्सिडी के लिए 7,715 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया है। वित्तमंत्री ने कहा कि यह कदम किसानों की लागत कम करने और उनकी आय बढ़ाने के लिए अहम साबित होगा।
इस योजना के अंतर्गत फल, सब्जियां, फूल और औषधीय फसलों के रकबे को वर्तमान में 4.59 लाख हेक्टेयर से बढ़ाकर 2035 तक 17.34 लाख हेक्टेयर करने का लक्ष्य रखा गया है। बेहतर सिंचाई प्रणालियों, कीट प्रबंधन और जैविक खेती जैसी टिकाऊ तकनीकों को भी इस योजना में शामिल किया जाएगा।
प्रोजेक्ट के तहत नए बीज, नर्सरी, शोध, आधुनिक मंडियां, कोल्ड स्टोरेज, प्रोसेसिंग सुविधाएं और किसानों के प्रशिक्षण में भी निवेश किया जाएगा। वित्तमंत्री ने बताया कि उनके क्षेत्र में किसान ड्रैगन फ्रूट की खेती तेजी से अपना रहे हैं। सरकार किसानों को प्रशिक्षण और तकनीकी सलाह देकर नई तकनीकों को अपनाने में मदद करेगी, जिससे उनकी आय बढ़ेगी, प्राकृतिक संसाधनों की बचत होगी और पर्यावरण सुरक्षित रहेगा।
किसानों को मशीन खरीदने पर बढ़ी सब्सिडी
कृषि मंत्रालय की ओर से किसानों को मशीनें खरीदने पर वित्तीय सहायता देने की योजना को और व्यापक बनाया जा रहा है। वित्तमंत्री ने बताया कि पराली जलाने की समस्या को कम करने के लिए सरकार सक्रिय कदम उठा रही है।
इस योजना के तहत पंचायतों को मशीनों पर 80 प्रतिशत तक की सब्सिडी दी जा रही है, जबकि व्यक्तिगत किसानों के लिए यह लाभ 50 प्रतिशत तक है। वित्त वर्ष 2025–26 में इस योजना के अंतर्गत किसानों को मदद देने के लिए कुल 402 करोड़ रुपये खर्च किए गए। सरकार अब इस पहल को और मजबूत करने की योजना बना रही है। वित्त वर्ष 2026–27 के लिए इस योजना पर 600 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित किया गया है।
पंजाब में कृषि के लिए 15,377 करोड़ का बजट
पंजाब सरकार ने वित्त वर्ष 2026–27 के लिए कृषि और उससे जुड़े क्षेत्रों के लिए 15,377 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया है। वित्तमंत्री ने बताया कि राज्य के पास देश की कुल खेती योग्य जमीन का केवल 3 प्रतिशत हिस्सा होने के बावजूद, पंजाब केंद्रीय भंडार में लगभग 40 प्रतिशत गेहूं और 31 प्रतिशत चावल योगदान देता है।
उन्होंने कहा कि मजबूत कृषि मंडी व्यवस्था और कुशल आपूर्ति श्रृंखला के कारण पंजाब देश की खाद्य सुरक्षा बनाए रखने में अहम भूमिका निभा रहा है। साथ ही, यह राज्य की खेती आधारित अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान करता है।
सरकार ने यह बजट किसानों की आय बढ़ाने, उनकी उत्पादन क्षमता मजबूत करने और खेती को टिकाऊ बनाने के उद्देश्य से तैयार किया है। बजट का मुख्य उपयोग फसल विविधीकरण, टिकाऊ कृषि पद्धतियों, कृषि बाजार सुधार और किसानों के कल्याण से जुड़े विभिन्न कार्यक्रमों में किया जाएगा।
मलेरकोटला में नई मेडिकल कॉलेज की स्थापना
मलेरकोटला में मेडिकल शिक्षा को और अधिक सुदृढ़ बनाने के प्रयासों के तहत राज्य सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। वित्त मंत्री ने घोषणा की कि सरकार ने मलेरकोटला में एक नए मेडिकल कॉलेज की स्थापना के लिए 38.50 एकड़ जमीन खरीदी है। इस जमीन की कुल लागत लगभग 49 करोड़ रुपए बताई गई है।
वित्त मंत्री के अनुसार, यह कदम राज्य में उच्च गुणवत्ता वाली मेडिकल शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ावा देने के उद्देश्य से उठाया गया है। नया मेडिकल कॉलेज आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा और यहां छात्रों को उत्तम शिक्षा के साथ-साथ प्रायोगिक अनुभव भी मिलेगा।
हेल्थ सेक्टर के लिए ₹6,879 करोड़ का बजट
वित्तमंत्री हरपाल चीमा ने कहा कि उन्होंने 2026–27 के लिए हेल्थ सेक्टर के लिए ₹6,879 करोड़ का बजट दिया है। इसका मकसद पंजाब में सरकारी हेल्थ सर्विसेज़ को और मज़बूत करना, हेल्थकेयर तक पहुंच बढ़ाना और हर नागरिक को आसान, सस्ती और अच्छी देखभाल देना है।
आनंदपुर साहिब में बनेगा एक ट्रॉमा सेंटर और जच्चा-बच्चा हॉस्पिटल
फाइनेंस मिनिस्टर ने कहा कि श्री गुरु तेग बहादुर की 350वीं शहादत की सालगिरह के मौके पर, सरकार श्री आनंदपुर साहिब में एक मॉडर्न ट्रॉमा सेंटर और एक अलग मदर एंड चाइल्ड केयर हॉस्पिटल बनाने का प्रपोज़ल रखती है। यह स्टेट-ऑफ़-द-आर्ट फैसिलिटी इमरजेंसी और क्रिटिकल केयर सर्विसेज़ को मज़बूत करेगी, साथ ही मैटरनल और चाइल्ड हेल्थ केयर इंफ्रास्ट्रक्चर में भी काफ़ी सुधार करेगी। इससे लोकल लोगों और आने वाले तीर्थयात्रियों को पवित्र शहर में समय पर और अच्छी मेडिकल केयर मिल सकेगी, जिससे दूर के हॉस्पिटल में रेफर करने की ज़रूरत कम हो जाएगी।
हर साल ₹10 लाख तक का कैशलेस इलाज
फाइनेंस मिनिस्टर ने कहा, “हमारी सरकार ने सीएम हेल्थ स्कीम के ज़रिए राज्य के इतिहास में हेल्थ सेक्टर में सबसे बड़े सुधारों में से एक लागू किया है। यह स्कीम पंजाब के लोगों को यूनिवर्सल हेल्थ इंश्योरेंस कवरेज देती है।”
फाइनेंशियल ईयर 2026–27 के लिए ₹2,000 करोड़ का बजट प्रपोज़ किया गया है। इस स्कीम से लगभग 6.5 मिलियन परिवारों को फायदा होने और पूरे राज्य में गंभीर बीमारियों के इलाज का फाइनेंशियल बोझ काफी कम होने की उम्मीद है। इस स्कीम के तहत, पंजाब का हर परिवार हर साल ₹10 लाख तक के कैशलेस इलाज का हकदार है। यह सुविधा 900 से ज़्यादा सरकारी और लिस्टेड प्राइवेट अस्पतालों में उपलब्ध है। आसान प्रोसेस और हेल्थ कार्ड जारी करने से इलाज तक पहुंच आसान, ट्रांसपेरेंट और सुविधाजनक हो गई है।
आम आदमी क्लीनिक में 107 दवाइयाँ और 47 टेस्ट मुफ़्त
फाइनेंस मिनिस्टर ने कहा कि प्राइमरी हेल्थ केयर को मज़बूत करना इस सरकार के आसान और सस्ती हेल्थकेयर देने के वादे का एक अहम हिस्सा है। अभी, 881 क्लीनिक चल रहे हैं, जिनमें से 565 ग्रामीण इलाकों में और 316 शहरी इलाकों में हैं।
ये क्लीनिक 107 ज़रूरी दवाइयाँ और 47 तरह के डायग्नोस्टिक टेस्ट मुफ़्त देते हैं। अब तक लगभग 50 मिलियन आउटपेशेंट विज़िट दर्ज की गई हैं, जिनमें 15.5 मिलियन खास मरीज़ शामिल थे। खास बात यह है कि 55 प्रतिशत बेनिफिशियरी महिलाएँ हैं, जो सरकारी हेल्थकेयर सर्विस तक बेहतर पहुँच और बढ़ते भरोसे को दिखाता है।
टेक्निकल एजुकेशन के लिए ₹569 करोड़ का बजट
फाइनेंस मिनिस्टर ने बताया कि 11 जेलों में ITI (इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग इंस्टिट्यूट) शुरू किए गए हैं, जिनका मकसद स्किल डेवलपमेंट को सोशल रिहैबिलिटेशन के साथ जोड़ना है। यह एक नई पहल है जो कैदियों को जाने-माने वोकेशनल स्किल सिखाती है, जिससे वे रिहाई के बाद इज्ज़तदार ज़िंदगी जी सकें और समाज में फिर से घुल-मिल सकें।
चुने हुए ITI को PM-SETU के तहत हब-एंड-स्पोक मॉडल के ज़रिए सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस के तौर पर डेवलप किया जा रहा है। इनोवेशन लैब और इंडस्ट्रीज़ के साथ पार्टनरशिप, जिसमें IIT रोपड़ के साथ कोलेबोरेशन भी शामिल है, स्टूडेंट्स को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), इंटरनेट ऑफ़ थिंग्स (IoT), और साइबर-फिजिकल सिस्टम जैसी उभरती टेक्नोलॉजी में प्रैक्टिकल एक्सपीरियंस दे रही हैं।
फाइनेंशियल ईयर 2026-27 के लिए टेक्निकल एजुकेशन पहलों के लिए ₹569 करोड़ का बजट एलोकेशन प्रपोज़ किया गया है।
सरकारी स्कूलों में छात्रों के लिए बुनियादी सुविधाओं में सुधार
पंजाब के वित्तमंत्री चीमा ने घोषणा की है कि राज्य के लगभग 30 हजार सरकारी स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं को मजबूती से बढ़ाया गया है। उन्होंने बताया कि 99% स्कूलों में अब चारदीवारी मौजूद है, जिससे बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की गई है। इसके अलावा, 10 हजार से अधिक नए टॉयलेट बनाए गए हैं और यह सुनिश्चित किया गया है कि कोई भी बच्चा फर्श पर बैठकर पढ़ाई न करे।
शिक्षा के बुनियादी ढांचे को और मजबूत करने के लिए 6200 नए क्लासरूम का निर्माण किया गया है और 4700 क्लासरूम का नवीनीकरण भी किया गया है। इस साल इस कार्य के लिए 690 करोड़ रुपए का बजट रखा गया है।
विशेष रूप से 118 “स्कूल ऑफ़ एमिनेंस” में 193 करोड़ रुपए से बुनियादी सुविधाओं को उन्नत किया गया है। इसके सकारात्मक परिणाम नजर आए हैं, क्योंकि 2025 में इन स्कूलों के 267 छात्रों ने JEE मेन्स और 847 छात्रों ने NEET प्रतियोगिता पास की है, जो कि 2022 के मुकाबले पांच गुना अधिक है।
इसके साथ ही 9वीं से 12वीं कक्षा तक के लगभग 7 लाख 35 हजार छात्रों के लिए काउंसलिंग फ्रेमवर्क तैयार किया जा रहा है। वित्तमंत्री ने बताया कि करियर सलाहकार पोर्टल की शुरुआत की जाएगी, जो छात्रों को उनकी रूचि और क्षमता के अनुसार सही करियर विकल्प चुनने में मदद करेगा।
शिक्षा के लिए ₹19,279 करोड़ का बजट
फाइनेंस मिनिस्टर चीमा ने कहा कि 2026-27 में शिक्षा के लिए ₹19,279 करोड़ का बजट दिया गया है, जो पिछले साल से 7% ज़्यादा है।
पंजाब ने शिक्षा में केरल को पीछे छोड़ दिया
वित्त मंत्री ने कहा, “हमने शिक्षा को अपने राजनीतिक एजेंडे में सबसे ऊपर रखा है। भारत सरकार के पारिख सर्वे में पंजाब पहले स्थान पर है। पंजाब ने केरल को भी पीछे छोड़ दिया है, जो पहले टॉप राज्यों में था।”
बजट पेश करने से पहले लिया मां का आशीर्वाद
बजट पेश करने से पहले उन्होंने सुबह अपनी मां का आशीर्वाद लिया और साथ ही स्वतंत्रता सेनानी भगत सिंह और समाज सुधारक भीमराव अंबेडकर को भी नमन किया। वित्तमंत्री हरपाल चीमा ने फुलकारी डिज़ाइन वाली बजट कॉपी लेकर सदन में प्रवेश किया। यह बजट पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 से पहले सरकार की नीतियों और चुनावी वादों का एक बड़ा संकेत माना जा रहा है। विशेष रूप से महिलाओं के लिए इस बजट में एक अहम प्रावधान रखा गया है। AAP सरकार अपने 2022 के चुनावी वादे के अनुसार हर महिला को प्रति माह 1,000 रुपए देने की योजना पर वित्तीय आवंटन करेगी।
युवाओं के लिए रोजगार का बड़ा पैकेज
बजट में युवाओं के लिए भी विशेष घोषणाएं हो सकती हैं। सरकार 22 हजार सरकारी नौकरियों की घोषणा कर सकती है। इसमें 17 हजार नए पदों की भर्ती की योजना पहले ही महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर द्वारा बताई जा चुकी है। इन पदों में दिव्यांग कोटे के लिए आरक्षण भी शामिल होगा।
पंजाब पुलिस में 3,298 कांस्टेबल पदों पर भर्ती की प्रक्रिया पहले ही शुरू हो चुकी है। सरकार पिछले चार वर्षों में कुल 63 हजार से अधिक सरकारी नौकरियों के सृजन का दावा कर रही है और इन नियुक्तियों को भ्रष्टाचार-मुक्त और सिफारिश रहित बताया गया है।
उद्योग और ग्रामीण विकास पर जोर
सरकार ने बजट से पहले ही बिजली दरों में कटौती और नई उद्योग नीति लागू कर यह संकेत दिया है कि ग्रामीण इलाकों और उद्योगों दोनों पर ध्यान दिया जाएगा।
चुनावी साल होने के चलते सरकार ने कोई नया टैक्स नहीं लगाया है। राजस्व वृद्धि के लिए एक्साइज ड्यूटी में 86% से अधिक और GST में सुधार दिखाकर वित्तीय प्रबंधन पर फोकस किया गया है।
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बजट सत्र के दौरान 117 विधानसभा क्षेत्रों में स्क्रीन लगाकर आम जनता को बजट की जानकारी भी उपलब्ध कराई जाएगी। इस बजट को पंजाब की AAP सरकार का “लोकप्रिय और चुनावी” बजट बताया जा रहा है, जिसमें महिला सशक्तिकरण, युवाओं को रोजगार और ग्रामीण-शहरी विकास सभी का संतुलन देखने को मिलेगा।
मेष: दिन शुभ रहेगा...