नेशनल डेस्क: नोएडा में बढ़ते ट्रैफिक जाम से राहत दिलाने के लिए प्राधिकरण ने बड़ी योजना बनाई है। मेरठ, फरीदाबाद, दिल्ली, गाजियाबाद, हापुड़, आगरा और ग्रेटर नोएडा की ओर से आने वाले वाहनों को शहर की आंतरिक सड़कों पर प्रवेश करने से रोकने की योजना तैयार की जा रही है। इसका उद्देश्य बाहरी वाहनों को शहर के बाहर ही बाहर निकालकर अंदर की सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव कम करना है, ताकि जाम की समस्या से लोगों को राहत मिल सके।
इस योजना के तहत फरीदाबाद-नोएडा-गाजियाबाद (एफएनजी) मार्ग की उपयोगिता बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। इसी क्रम में पर्थला गोलचक्कर पर केबल सस्पेंशन ब्रिज के नीचे करीब 710 मीटर लंबा और छह लेन वाला अंडरपास बनाने की योजना बनाई गई है। इस परियोजना पर नोएडा प्राधिकरण लगभग 85.50 करोड़ रुपये खर्च करेगा। अंडरपास बनने के बाद ट्रैफिक को बिना रुकावट आगे बढ़ने में मदद मिलेगी।
इस प्रोजेक्ट की विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने की जिम्मेदारी प्राधिकरण ने वर्क सर्किल-6 को दी थी। इसके बाद दिल्ली इंटीग्रेटेड मल्टी-मॉडल ट्रांजिट सिस्टम (डिम्ट्स) ने इसकी विस्तृत योजना तैयार कर ली है। अब इस योजना को लागू करने से पहले अगले सप्ताह प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी कृष्णा करुणेश के सामने इसकी प्रस्तुति दी जाएगी। अगर योजना को मंजूरी मिलती है तो शहर के लोगों को जल्द बेहतर कनेक्टिविटी का लाभ मिल सकता है।
कुछ महीने पहले नोएडा प्राधिकरण के सीईओ ने अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी के साथ पर्थला ब्रिज के नीचे बने गोलचक्कर का निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि भविष्य में यहां ट्रैफिक का दबाव काफी बढ़ सकता है। फिलहाल एफएनजी एक्सप्रेसवे पूरी तरह शुरू नहीं हुआ है, इसलिए वाहनों की संख्या अपेक्षाकृत कम है, लेकिन इसके पूरी तरह चालू होने के बाद इस गोलचक्कर पर भारी जाम लगने की संभावना जताई जा रही है।
इसी को देखते हुए पर्थला गोलचक्कर के नीचे अंडरपास बनाने की योजना तैयार की गई है। अंडरपास बनने के बाद फेज-2 और सोहरखा की ओर से आने वाले वाहन छिजारसी के सामने से होते हुए आसानी से दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे तक पहुंच सकेंगे। इससे ट्रैफिक का प्रवाह बेहतर होगा और लोगों का समय भी बचेगा।
इस अंडरपास का एक और बड़ा फायदा यह होगा कि ग्रेटर नोएडा वेस्ट जाने वाले लोगों को भी काफी सहूलियत मिलेगी। अभी छिजारसी के पास एनएच-9 पर आने-जाने में लोगों को परेशानी होती है, लेकिन अंडरपास बनने के बाद सोहरखा की ओर से बिसरख पुल के रास्ते ग्रेटर नोएडा वेस्ट तक पहुंचना आसान हो जाएगा। इसके अलावा पर्थला ब्रिज से किसान चौक तक आने-जाने का रास्ता भी अधिक सुगम हो जाएगा।
वर्तमान में सेक्टर-71 अंडरपास से आने-जाने वाले लोग किसान चौक तक पहुंचने के लिए पर्थला ब्रिज का इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में नए अंडरपास के बनने से इस पूरे इलाके में यातायात व्यवस्था बेहतर होने की उम्मीद है। इसके अलावा छिजारसी कट पर लगने वाले जाम को कम करने के लिए भी प्राधिकरण काम कर रहा है। एनएच-9 से नोएडा में प्रवेश करने वाले मार्ग को चौड़ा किया जा रहा है। साथ ही एफएनजी मार्ग पर छिजारसी के पास लगभग 640 मीटर लंबा फ्लाईओवर बनाने की भी योजना तैयार की गई है। इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद इस पूरे क्षेत्र में ट्रैफिक व्यवस्था में काफी सुधार आने की उम्मीद है।
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