नेशनल डेस्क: पटना हाईकोर्ट ने 19 मार्च 2026 को जेडीयू के बाहुबली विधायक अनंत सिंह को बड़ी राहत देते हुए जमानत दे दी है। वह दुलारचंद यादव हत्या मामले में पिछले करीब साढ़े 4 महीने से पटना की बेऊर जेल में बंद थे। अब कोर्ट के आदेश के बाद वे जल्द ही जेल से बाहर आ सकते हैं।
यह भी पढ़ें- मिडिल ईस्ट में बढ़ा तनाव: ट्रंप की ईरान को सख्त चेतावनी, LNG हमलों पर कड़ा जवाब
यह मामला 30 अक्टूबर 2025 का है। उस दिन बिहार के मोकामा के घोसवरी थाना क्षेत्र के बसावनचक गांव में दुलारचंद यादव की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। दुलारचंद यादव पहले आरजेडी से जुड़े थे और उस समय जन सुराज पार्टी के उम्मीदवार के लिए चुनाव प्रचार कर रहे थे। इस हत्याकांड में पुलिस ने अनंत सिंह को मुख्य आरोपी मानते हुए 1 नवंबर 2025 की रात गिरफ्तार कर लिया था। अगले दिन उन्हें कोर्ट में पेश कर बेऊर जेल भेज दिया गया था।
इस केस में अनंत सिंह ने निचली अदालतों में जमानत की अर्जी दी थी, लेकिन वहां से राहत नहीं मिली। अब पटना हाईकोर्ट ने उनकी याचिका स्वीकार कर ली है।
दिलचस्प बात यह है कि अनंत सिंह ने जेल में रहते हुए ही मोकामा विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा और जीत हासिल की। 16 मार्च को वे राज्यसभा चुनाव में वोट डालने के लिए विधानसभा भी पहुंचे थे, जहां उन्होंने कहा था कि वे जल्द ही जेल से बाहर आएंगे।
हाल ही में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के फैसले के बाद अनंत सिंह ने भी घोषणा की है कि वे अब आगे चुनाव नहीं लड़ेंगे। उन्होंने कहा है कि भविष्य में मोकामा सीट से उनके बड़े बेटे चुनाव लड़ेंगे।
यह भी पढ़ें- Assam Elections 2026: BJP ने 88 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी की
अनंत सिंह को लंबी कानूनी लड़ाई के बीच बड़ी राहत मिली है। मोकामा की राजनीति में अब उनके परिवार की भूमिका बढ़ सकती है। केस अभी खत्म नहीं हुआ है, आगे सुनवाई जारी रहेगी। इस फैसले से बिहार की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है।