
अमेरिकी अख़बार ‘पॉलिटिको’ की वेबसाइट पर 15 मार्च को प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार, ‘पॉलिटिको’ और ब्रिटेन की स्वतंत्र सर्वेक्षण कंपनी ‘पब्लिक फ़र्स्ट’ द्वारा किए गए एक हालिया सर्वेक्षण में यह सामने आया है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की नीतियों के प्रभाव में कनाडा, जर्मनी, फ़्रांस और ब्रिटेन जैसे अमेरिका के पारंपरिक सहयोगी देशों के नागरिकों में अमेरिका के प्रति असंतोष तेज़ी से बढ़ रहा है। सर्वेक्षण के निष्कर्ष बताते हैं कि इन देशों के उत्तरदाता अब चीन के साथ अधिक घनिष्ठ संबंध स्थापित करने के पक्ष में झुकाव दिखा रहे हैं और उनका मानना है कि वैश्विक महाशक्ति के रूप में अमेरिका की भूमिका धीरे-धीरे कमज़ोर पड़ रही है।
सर्वेक्षण के अनुसार, इन देशों के कई उत्तरदाता अमेरिका की तुलना में चीन को अधिक विश्वसनीय साझेदार मानते हैं। उनका आकलन है कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता सहित उन्नत प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में चीन तेज़ी से अग्रणी भूमिका निभा रहा है। इसके साथ ही एक महत्वपूर्ण धारणा यह भी उभरकर सामने आई है कि अमेरिका पर निर्भरता को कम करना अपेक्षाकृत संभव है, जबकि चीन पर निर्भरता को कम करना कहीं अधिक कठिन प्रतीत होता है। यह रुझान वैश्विक आपूर्ति शृंखलाओं और तकनीकी परिदृश्य में चीन की मज़बूत पकड़ को भी रेखांकित करता है।
कनाडा और जर्मनी के अधिकांश उत्तरदाताओं का मानना है कि चीन के साथ बढ़ती नज़दीकियाँ मुख्यतः अमेरिका की घटती विश्वसनीयता का परिणाम हैं। फ़्रांस और ब्रिटेन के कई उत्तरदाताओं ने भी इसी दृष्टिकोण का समर्थन किया है। डोनाल्ड ट्रम्प की ‘अमेरिका फ़र्स्ट’ नीति के तहत अमेरिका ने पारंपरिक ‘नियम-आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था’ से दूरी बनाई है, जिससे वैश्विक मंच पर उसका प्रभाव और स्वीकार्यता प्रभावित हुई है।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)
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