इंटरनेशनल डेस्क: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के ऊर्जा प्लांट्स पर संभावित हमलों को फिलहाल 5 दिनों के लिए टाल दिया है। इस फैसले के बाद ईरान ने दावा किया है कि अमेरिका उनकी सख्त चेतावनी की वजह से पीछे हटा है।
ईरान के सरकारी टीवी के अनुसार, तेहरान (ईरान की राजधानी) ने अमेरिका को कड़ी चेतावनी दी थी, जिसके बाद यह फैसला लिया गया। पहले अमेरिका द्वारा तय की गई समय सीमा मंगलवार सुबह (भारतीय समय अनुसार करीब 6 बजे) खत्म होने वाली थी, लेकिन उससे पहले ही ट्रंप ने इसे आगे बढ़ा दिया।
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ईरान के विदेश मंत्रालय ने साफ कहा है कि अमेरिका और ईरान के बीच इस समय कोई बातचीत नहीं हो रही है। उनका कहना है कि ट्रंप के बयान का मकसद असल में समय हासिल करना और ऊर्जा की कीमतों को नियंत्रित करना है, ताकि अमेरिका अपनी सैन्य रणनीति बेहतर तरीके से तैयार कर सके।
हालांकि, ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ सोशल (Truth Social) पर लिखा कि पिछले दो दिनों में ईरान के साथ बातचीत सकारात्मक रही है और दोनों देश मध्य पूर्व के तनाव को खत्म करने के लिए चर्चा कर रहे हैं। इसी वजह से उन्होंने हमलों को 5 दिन के लिए रोकने का आदेश दिया। दूसरी तरफ, अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स (जैसे Axios) के मुताबिक, ईरान ने अमेरिका से बमबारी से हुए नुकसान का मुआवजा मांगा है। इसके साथ ही ईरान ने यह भी शर्त रखी है कि भविष्य में उस पर हमला नहीं किया जाएगा।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि अमेरिका चाहता है कि ईरान कुछ महत्वपूर्ण शर्तें माने। इनमें खास तौर पर ये बातें शामिल हैं, अगले 5 साल तक मिसाइल कार्यक्रम न चलाना। यूरेनियम संवर्धन (परमाणु कार्यक्रम) पर रोक लगाना। क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखने की गारंटी देना। फिलहाल दोनों देशों के बीच स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है, लेकिन आने वाले दिनों में बातचीत से हल निकलने की उम्मीद भी जताई जा रही है।
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