Janhvi Kapoor: हाल ही में जान्हवी कपूर ने शराब से जुड़े एक अहम मुद्दे पर लोगों का ध्यान आकर्षित करते हुए बताया है कि आजकल सोशल सर्कल में शराब पीना आम बात हो गई है, लेकिन इसके गंभीर परिणाम पर बहुत कम लोग ध्यान देते हैं। दरअसल होता यह है कि बहुत कम लोग समझते हैं कि कब यह आदत एक गंभीर समस्या बन जाती है। हालांकि शराब की लत एक मेडिकल कंडीशन है, जिसमें दिमाग, व्यवहार और भावनाओं पर असर पड़ता है। विशेष रूप से हमारे देश में कई लोग इससे प्रभावित हैं, लेकिन फिर भी इसे सही तरीके से समझा और इलाज नहीं किया जाता।
अक्सर लोग इस समस्या को पहचान ही नहीं पाते और न ही उन्हें सही समय पर सही मदद मिल पाती है। इसके अलावा समाज में भी इसे या तो नजरअंदाज कर दिया जाता है या इसे सिर्फ इच्छाशक्ति की कमी मान ली जाती है।
फिलहाल इसी सोच को बदलने के लिए जाह्नवी कपूर ने ऑफ़ द रॉक्स (Off the Rocks) नाम की एक जागरूक पहल की शुरूआत की है, जिसका मकसद लोगों को यह समझाना है कि शराब की लत एक इलाज योग्य मानसिक स्वास्थ्य समस्या है, और इसके लिए मदद लेना बेहद जरूरी है।
इस विषय में जाह्नवी कपूर कहती हैं, “शराब को लेकर बातचीत या तो होती ही नहीं है, या फिर बहुत जजमेंट के साथ होती है। इससे उन लोगों को मदद ही नहीं मिल पाती, जिन्हें सच में इसकी जरूरत है। ऐसे में ऑफ़ द रॉक्स का मकसद लोगों को यह समझाना है कि यह एक गंभीर समस्या है और इसका इलाज संभव है।”

गौरतलब है कि जान्हवी कपूर ने इस जागरूक पहल को मजबूत बनाने के लिए अमाहा (Amaha) के साथ साझेदारी की है। Amaha एक जानी-मानी मानसिक स्वास्थ्य संस्था है, जो लोगों को क्लिनिकल के साथ भरोसेमंद इलाज उपलब्ध कराती है।
इस संदर्भ में Amaha के फाउंडर और सीईओ डॉक्टर अमित मलिक कहते हैं, “लत चाहे कोई भी हो, ये एक गंभीर मानसिक स्वास्थ्य स्थिति है, लेकिन अफ़सोस की बात यह है कि इसे अक्सर गलत समझ लिया जाता है। ऐसे में हम उम्मीद करते हैं कि ऑफ़ द रॉक्स जैसी पहल से लोगों में न सिर्फ जागरूकता बढ़ेगी, बल्कि उन्हें सही मदद भी मिलेगी।”
गौरतलब है कि Amaha द्वारा शुरू हुई यह पहल लंबे समय तक चलने वाली प्रक्रिया है, जिसमें एक्सपर्ट्स की राय, लोगों के अनुभव और आसान जानकारी के जरिए यह समझाया जाएगा कि शराब की लत क्या होती है और इससे कैसे निपटा जा सकता है। इसका मुख्य उद्देश्य है लोगों में समझ बढ़ाना, शर्म और डर को कम करना और सही इलाज तक आसानी से पहुँच बनाना।
गौरतलब है कि मानसिक स्वास्थ्य संस्था Amaha के ज़रिए आप ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीकों से सेवाएं ले सकते हैं, जैसे थेरेपी, मनोचिकित्सा और सेल्फ-केयर टूल्स। Amaha की टीम में 200 से ज्यादा विशेषज्ञ हैं और मुंबई, दिल्ली और बेंगलुरु में इसके सेंटर्स हैं। अब तक यह 600 से ज्यादा शहरों में लोगों को अपनी सेवाएं दे चुकी है। वर्ष 2025 मेंAmaha ने बेंगलुरु में एक विशेष मानसिक स्वास्थ्य अस्पताल भी शुरू किया है, जहां गंभीर मानसिक समस्याओं का इलाज किया जाता है। इसके अलावा, Amaha के ऐप और सपोर्ट कम्युनिटीज़ के जरिए भी दुनियाभर में लाखों लोगों तक पहुंच बनाई गई है, जिससे लोग अपने मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर समझ पा रहे हैं।