Last Updated: October 6, 2026

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‘टोस्टर’ बना ट्रबल… एक छोटी सी बात ने खड़ा कर दिया बड़ा कन्फ्यूजन; Netflix पर देखें

April 17, 2026

‘टोस्टर’ बना ट्रबल… एक छोटी सी बात ने खड़ा कर दिया बड़ा कन्फ्यूजन; Netflix पर देखें

एंटरटेनमेंट डेस्क (फरीद शेख): डार्क कॉमेडी और क्राइम के तड़के के साथ आई निर्देशक विवेक दाशचौधरी की फिल्म ‘टोस्टर’ एक बेहद अनोखे कॉन्सेप्ट पर आधारित है। एक साधारण से टोस्टर के इर्द-गिर्द घूमती यह कहानी धीरे-धीरे कॉमेडी से निकलकर कन्फ्यूजन और क्राइम की दुनिया में पहुंच जाती है।

फिल्म एक ऐसे इंसान की कहानी है, जो शादी में गिफ्ट दिया हुआ टोस्टर वापस लेने के पीछे इस कदर पागल हो जाता है कि मामला एक साधारण कॉमेडी से आगे बढ़कर क्राइम और अफरा-तफरी तक जा पहुंचता है। एक छोटा सा आइडिया कैसे बड़ा बवाल बन जाता है, यही फिल्म का मूल आधार है।

राजकुमार राव इस फिल्म की असली जान साबित होते हैं। एक कंजूस इंसान के किरदार को उन्होंने इतने प्रभावी तरीके से निभाया है कि भले ही किरदार चिड़चिड़ा लगे, लेकिन स्क्रीन पर उनसे नजर हटाना मुश्किल हो जाता है। उनकी परफॉर्मेंस पूरी फिल्म को मजबूती देती है।

Toaster Review
Toaster Review

सान्या मल्होत्रा का अभिनय भी बेहद नैचुरल और असरदार है। अपने एक्सप्रेशंस और शानदार टाइमिंग के साथ वह हर सिचुएशन को रियल बना देती हैं। उनका किरदार कहानी को जमीन से जोड़कर रखता है, जिससे फिल्म में इमोशन और कनेक्शन बना रहता है। एंसेंबल कास्ट भी फिल्म में अलग रंग भरती है। अभिषेक बनर्जी और अर्चना पूरन सिंह अपने अतरंगी और मजेदार अंदाज़ से कई ऐसे पल देते हैं जो दर्शकों के चेहरे पर मुस्कान ले आते हैं। उनका स्क्रीन प्रेज़ेंस कहानी की हलचल को और दिलचस्प बना देता है।

फिल्म में कैमियो अपीयरेंस भी खास आकर्षण हैं। फराह खान और अन्य गेस्ट एक्टर्स की एंट्री अचानक से हंसी का माहौल बना देती है और कुछ सबसे मजेदार सीन इन्हीं के हिस्से आते हैं। सबसे दिलचस्प बात इसका यूनिक कॉन्सेप्ट है। एक साधारण घरेलू उपकरण से शुरू होकर पूरे देश में अफरा-तफरी मचने का आइडिया नया और ताज़गी भरा लगता है, जो फिल्म को बाकी कॉमेडी से अलग पहचान देता है।

राइटिंग इस एक आइडिया को अलग-अलग तरीकों से पेश करने की कोशिश करती है, जिससे कई सीन में सिचुएशनल ह्यूमर निकलकर आता है। फिल्म धीरे-धीरे इस कैरेक्टर ट्रेट को अपनी स्टाइल बना लेती है और उसी के जरिए एंटरटेनमेंट देने की कोशिश करती है। हालांकि कहानी उसी जोक के आसपास घूमती रहती है, लेकिन इसे हल्के-फुल्के अंदाज़ में देखने पर ये लगातार स्माइल बनाए रखती है और फैमिली ऑडियंस के लिए एक आसान, एंजॉयबल एक्सपीरियंस बन जाती है।

Dainik Savera Times इस फिल्म को 3.5 स्टार की रेटिंग देता है।

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