15 अप्रैल को दक्षिण-पूर्वी चीन के चच्यांग प्रांत के निंगपो शहर में चाइना मीडिया ग्रुप (CMG) फ़िल्म संस्कृति कार्निवल का शुभारंभ हुआ। सीएमजी के अधीन चाइना ग्लोबल टेलीविज़न नेटवर्क (CGTN) और रनमिन यूनिवर्सिटी ऑफ चाइना द्वारा न्यू एरा इंटरनेशनल कम्युनिकेशन रिसर्च इंस्टीट्यूट के माध्यम से किए गए एक सर्वेक्षण में यह सामने आया कि चीनी सिनेमा अब दुनिया के लिए चीन को समझने का एक महत्वपूर्ण माध्यम बन चुका है। इस सर्वेक्षण में 41 देशों के 12,302 लोगों को शामिल किया गया था।
हाल के वर्षों में चीन में बनी फ़िल्मों में विषय और शैली, दोनों स्तरों पर काफ़ी विविधता आई है। कॉमेडी, मार्शल आर्ट, यथार्थवादी सिनेमा, एनीमेशन और जासूसी जैसे कई आयामों ने अलग-अलग दर्शक वर्गों को जोड़ा है। ये फ़िल्में न सिर्फ़ मनोरंजन करती हैं, बल्कि पारंपरिक और आधुनिक चीन की झलक भी पेश करती हैं।
सर्वेक्षण में जब लोगों से चीनी संस्कृति को समझने के माध्यमों के बारे में पूछा गया, तो “चीनी फ़िल्म और टेलीविज़न कृतियाँ” दूसरे स्थान पर रहीं, जबकि पहला स्थान “सोशल मीडिया” का रहा। वहीं, सांस्कृतिक अनुभवों के लिहाज़ से “चीनी फ़िल्में और कार्यक्रम देखना” तीसरे स्थान पर रहा, जो “चीन की यात्रा” और “चीनी व्यंजन चखने” के बाद आता है।
इसके अलावा, 81.6 प्रतिशत लोगों का मानना है कि चीनी संस्कृति की सॉफ्ट पावर और उसका वैश्विक प्रभाव तेज़ी से बढ़ रहा है। 78.6 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने चीनी संस्कृति को बेहद आकर्षक बताया। 82.2 प्रतिशत लोगों ने कहा कि पारंपरिक चीनी संस्कृति को समझना, चीन को बेहतर ढंग से समझने में मदद करता है, जबकि 77 प्रतिशत के अनुसार लोकप्रिय संस्कृति से परिचित होना भी उतना ही ज़रूरी है। वहीं, 64.9 प्रतिशत लोगों ने पारंपरिक संस्कृति के संरक्षण और नवाचार में चीनी फ़िल्मों और टेलीविज़न कृतियों की भूमिका को सकारात्मक रूप से आंका।
आंकड़ों के अनुसार, 14 अप्रैल तक चीन का 2026 का कुल बॉक्स ऑफ़िस राजस्व (प्री-सेल्स सहित) 12.5 अरब युआन से अधिक हो चुका है। इन फ़िल्मों में दिखाए गए चीनी सांस्कृतिक तत्व विदेशी दर्शकों के बीच तेज़ी से लोकप्रिय हो रहे हैं। साथ ही, चीनी सिनेमा सभ्यताओं के बीच आदान-प्रदान और आपसी सीख को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभा रहा है।
सर्वेक्षण के नतीजे यह भी दिखाते हैं कि चीन द्वारा प्रस्तावित वैश्विक सभ्यता पहल को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर व्यापक समर्थन मिल रहा है। सर्वेक्षण में शामिल 70.1 प्रतिशत लोगों ने माना कि चीन सभ्यताओं के बीच संवाद और पारस्परिक ज्ञानवर्धन को बढ़ावा देने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। 70.6 प्रतिशत उत्तरदाताओं का मानना है कि चीनी सभ्यता वैश्विक शासन के लिए नए विचार प्रस्तुत करती है, जबकि 70.3 प्रतिशत लोगों के अनुसार चीनी सभ्यता और मूल्य विकासशील देशों के लिए उपयोगी हैं और वैश्विक शासन को नए समाधान दे सकते हैं।
यह सर्वेक्षण एक ऑनलाइन सैंपल डेटाबेस के ज़रिये किया गया, जिसमें प्रतिभागियों का चयन विभिन्न देशों की जनगणना के अनुसार आयु और लिंग के संतुलन को ध्यान में रखकर किया गया। इसमें विकसित देशों के साथ-साथ ग्लोबल साउथ के प्रतिनिधि देशों को भी शामिल किया गया।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)
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