
सोनीपत। ये है सोनीपत का सारंग रोड। यहां रेलवे का एक अंडरपास है। यह 30 सालों से परेशान करता है। जलभराव आम आदमी को निकलने नहीं देता। यहां हर बार चुनाव में वादे तो होते हैं पर काम नहीं होता। या यूं कहें कि यहां जनप्रतिनिधि तो बदलते हैं पर हालात नहीं बदलते। यानी रेलवे अंडरपास जस का तस है।
लोगों को जान जोखिम में डालकर इसके नीचे से गुजरना पड़ता है। अंडरपास के दोनों ओर लंबे समय से कचरे के ढेर हैं। ये तो नहीं उठ रहे पर नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल जरूर उठते हैं। स्थानीय लोगों ने कहा कि वर्षों से समस्या जस की तस बनी हुई है जबकि कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी बदल चुके हैं। बारिश होने पर स्थिति और गंभीर हो जाती है। अंडरपास में कई फीट दूषित पानी भर जाता है। ऐसे में लोगों को लंबी दूरी तय करके गोहाना रोड स्थित आरओबीस से जाना पड़ता है।
इस समय तीन दिन से अंडरपास में दूषित पानी भरा हुआ है। आसपास फैला कचरा सड़क तक आ चुका है जिससे राहगीरों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। राहगीर राजेश, मनोज और मुकेश कहते हैं कि जनस्वास्थ्य विभाग की तरफ से डाली गई सीवर लाइन समय के साथ कई जगह से लीकेज हो चुकी है। इसकी वजह से अंडरपास में बार-बार जलभराव हो रहा है। अंडरपास से पानी निकासी के लिए वर्ष 1995 में लगाया गया डिस्पोजल पंप अब कारगर साबित नहीं हो रहा। कभी मोटर खराब होने तो कभी सीवर लाइन में खराबी के कारण जलनिकासी व्यवस्था ठप रहती है।
इस संबंध में नगर निगम के कार्यकारी अभियंता पदमभूषण कहते हैं कि अंडरपास में नई सीवर लाइन डालने के लिए करीब 35 लाख रुपये का वर्क ऑर्डर जारी किया गया है। रेलवे से मंजूरी मांगी गई है और निकाय चुनाव के बाद इस संबंध में बैठक की जाएगी। मंजूरी मिलते ही कार्य शुरू करने का दावा किया गया है।
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