
अंबाला। अब प्रदेश फिर ये चमकने लगेगा। इसका कारण 13 दिन के बाद सफाई कर्मचारियों की हड़ताल खत्म होना है। पिछले दिनों कर्मचारियों ने मांगी नहीं माने जाने के कारण तीन दिन हड़ताल और बढ़ा दी थी।
इसके एक दिन बाद सरकार ने बातचीत का निमंत्रण दे दिया था। इसके अलावा अग्निशमन कर्मचारियों की हड़ताल भी खत्म हो गई है। सरकार ने इनकी मांगों को मान लिया है।
चंडीगढ़ स्थित हरियाणा निवास में दो चरणों में करीब छह घंटे तक चली इस बैठक में सरकार ने कर्मचारियों की सभी 12 मांगों पर को मान लिया। इसमें शहरी निकाय मंत्री विपुल गोयल और मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव राजेश खुल्लर की मौजूदगी में हुए इस समझौते से प्रदेश के हजारों कर्मचारियों को राहत मिली है। इस समझौते की सबसे बड़ी उपलब्धि कच्चे सफाई कर्मचारियों के वेतन में वृद्धि होगी। अब तक महज ठेका कर्मचारियों का न्यूनतम वेतन बढ़ाकर 15,220 रुपये कर दिया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि वेतन अब सीधे बैंक खातों में आएगा और ठेकेदारों की मनमानी रोकने के लिए उनके लाइसेंस रद्द करने तक का प्रावधान किया है। इसके अलावा कर्मचारियों को ईएसआई और ईपीएफ भी काटा जाएगा। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि ड्यूटी के दौरान मृत्यु होने पर सहायता राशि को तीन लाख से बढ़ाकर पांच लाख रुपये कर दिया गया है और आश्रितों के लिए उम्र की बंदिशें खत्म कर दी गई हैं।
सरकार ने फरीदाबाद अग्निशमन विभाग के उन जांबाज कर्मचारियों के परिवारों का भी विशेष ख्याल रखा है, जिन्होंने हादसे में अपनी जान गंवाई थी। सरकार ने उनके आश्रितों को 50-50 लाख रुपये का मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने का ऐलान किया है। साथ ही, पे-रोल पर कार्यरत 1250 कर्मचारियों को पक्का करने का रास्ता साफ हो गया है, जिन्हें आयु सीमा और सीटेट जैसी शर्तों से छूट दी जाएगी। वर्दी और जोखिम भत्ते के तौर पर पांच-पांच हजार रुपये देने की फाइल भी अंतिम चरण में है।
हड़ताल खत्म होने के साथ ही अब नगर पालिकाओं और नगर निगमों की सफाई व्यवस्था पटरी पर लौटने की उम्मीद है। कर्मचारी नेताओं ने रोहतक में प्रदेश स्तरीय बैठक बुलाकर इस जीत का जश्न मनाया और सरकार के सकारात्मक रुख का स्वागत किया। सरकार का मानना है कि इस फैसले से न केवल कर्मचारियों का जीवन स्तर सुधरेगा, बल्कि आगामी चुनौतियों से निपटने के लिए निकायों की कार्यक्षमता में भी इजाफा होगा। फरीदाबाद के उन 111 कर्मचारियों के लिए भी यह बड़ी जीत है जो हाई कोर्ट में केस जीतने के बाद अपने हक का इंतजार कर रहे थे।
Also Read :
Also Read :
Also Read :