Last Updated: November 5, 2026

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भाजपा से सावधान रहें, अगर भाजपा सत्ता में आई तो वे तीन काले कृषि कानून लागू कर देंगे: सीएम भगवंत सिंह मान

May 17, 2026

भाजपा से सावधान रहें, अगर भाजपा सत्ता में आई तो वे तीन काले कृषि कानून लागू कर देंगे: सीएम भगवंत सिंह मान

कहा- आर्मी स्कूलों में संस्कृत को अनिवार्य और पंजाबी को वैकल्पिक विषय बनाना भाजपा की पंजाब विरोधी सोच को दर्शाता है  

समराला: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज भाजपा, अकाली दल और कांग्रेस पर तीखा राजनीतिक हमला करते हुए कहा कि इन पारंपरिक राजनीतिक पार्टियों ने दशकों तक फूट डालने वाली राजनीति, पंजाब विरोधी फैसलों और भ्रष्टाचार के माध्यम से पंजाब के साथ धोखा किया है। उन्होंने कहा कि अगर राज्य में भाजपा की सरकार आई तो वे एक बार फिर काले कृषि कानून लागू करेंगे। समराला के गांव माणकी में लोक मिलनी के दौरान बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि भाजपा ने आर्मी स्कूलों में संस्कृत को अनिवार्य और पंजाबी को वैकल्पिक बनाकर अपनी पंजाब विरोधी सोच उजागर कर दी है। उन्होंने बताया कि पार्टी चुनावों से पहले मतदाताओं में फूट डालने के लिए सांप्रदायिक तनाव पैदा करने में माहिर है।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि कृषि कानून रद्द कराने के लिए किए गए आंदोलन के दौरान सैकड़ों किसान शहीद हो गए थे। उन्होंने कहा कि सैकड़ों किसानों की शहादत के बाद भी भाजपा पंजाब में वोट कैसे मांग सकती है। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों के विपरीत, ‘आप’ सरकार कल्याणकारी योजनाओं, नौकरियों, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा और विकास कार्यों के माध्यम से लोगों का पैसा उन्हें वापस कर रही है। उन्होंने गांव में विकास परियोजनाओं के लिए 50 लाख रुपए भी दिए।

समराला में लोक मिलनी के दौरान सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब को फूट डालने वाली और पंजाब विरोधी ताकतों से सतर्क रहना चाहिए जो राज्य को राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक रूप से कमजोर करने की लगातार कोशिशें कर रही हैं। उन्होंने कहा, “भाजपा ने पंजाब विरोधी सोच अपना रखी है और उनकी यह संकीर्ण सोच पंजाब के आर्मी स्कूलों में संस्कृत को अनिवार्य बनाने और पंजाबी को वैकल्पिक विषय बनाने से उजागर होती है। भाजपा ने हमेशा पंजाब के साथ अन्याय किया है।”

मुख्यमंत्री ने कहा, “राज्य के साथ पंजाब यूनिवर्सिटी, चंडीगढ़, बीबीएमबी, एसवाईएल नहर, हरिके नहर, गणतंत्र दिवस की झांकियों, आरडीएफ फंड या सीमावर्ती क्षेत्र के फंड जैसे मुद्दों पर भाजपा ने लगातार अन्याय किया है।”

उन्होंने कहा कि भाजपा ने हमेशा दंगों और फूट डालने की राजनीति खेली है। उन्होंने लोगों से आगामी चुनावों से पहले पंजाब में अस्थिरता पैदा करने की कोशिश करने वाली ताकतों को उचित जवाब देने का आह्वान किया। उन्होंने आगे कहा, “पंजाब में कुछ राजनीतिक पार्टियां धर्म के नाम पर लोगों में फूट डालने की कोशिशें कर रही हैं। भाजपा की राजनीति समुदायों के बीच फूट डालने और फिर उन्हें डराकर वोट मांगने पर केंद्रित है। पंजाब पहले ही बीते दौर में काले दिन देख चुका है जिसने राज्य के विकास को पटरी से उतार दिया था। इसलिए लोगों को ऐसी ताकतों से सतर्क रहना चाहिए।”

लोगों से एकजुट रहने की अपील करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि उनकी सरकार ने पंजाब के सर्वांगीण विकास के लिए अथक मेहनत की है और पिछली सरकारों के विपरीत उन्होंने कभी भी निजी सुख-सुविधाओं के लिए जनता के पैसे का दुरुपयोग नहीं किया। उन्होंने कहा, “मैंने अपने लिए सरकारी खजाने से एक पैसा भी नहीं लिया। करदाताओं का पैसा जनता की भलाई के लिए पूरी समझदारी से खर्च किया जा रहा है। आपका बेटा और भाई होने के नाते, मैंने हमेशा पिछली सरकारों की तरह आराम की जिंदगी जीने के बजाय आपके दर्द और मुश्किलों को साझा करने पर ध्यान केंद्रित किया है।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सरकारें सिर्फ अपने घरों तक सीमित थीं और उन्होंने कभी भी लोगों से उनकी समस्याओं के बारे में सीधे तौर पर बात करने की जहमत नहीं उठाई। उन्होंने कहा, “कोई भी पुराना नेता कभी भी इस तरह से लोगों के बीच उनकी शिकायतें सुनने और निदान करने के लिए नहीं आया। वे अहंकारी राजनेता जनता से दूर रहे और आज वे पंजाब सरकार द्वारा किए जा रहे हर जन-पक्षीय उपायों से हैरान हैं।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि उनकी सरकार द्वारा नागरिक-केंद्रित और विकास-केंद्रित नीतियां लोगों की प्रतिक्रिया के आधार पर बनाई जा रही हैं। उन्होंने कहा, “विपक्षी दल झूठी और अपमानजनक बयानबाजी के माध्यम से लोगों को गुमराह करने की कोशिश कर रहा है, लेकिन पंजाबी इतने समझदार हैं कि इन नेताओं के संदिग्ध और चालबाज चरित्र से अच्छी तरह वाकिफ हैं। ये चालें मुझे कभी भी पंजाब की सेवा करने से नहीं रोक सकतीं।”

विरोधी पार्टियों पर तीखा हमला करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि उनका पंजाब सरकार के खिलाफ कोई एजेंडा नहीं है क्योंकि सरकार ने जनता की भलाई के लिए कई ऐतिहासिक फैसले लिए हैं। अकाली दल की निंदा करते हुए उन्होंने कहा कि पार्टी ने श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के अपमान की घटनाओं के माध्यम से पंजाबियों की भावनाओं को ठेस पहुंचाई है।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “अकालियों को डाला गया हर वोट गुरु और गुरबाणी के अपमान के पक्ष में फतवा होगा। उन्होंने महान गुरुओं की बानी का अनादर किया और बहबल कलां तथा बरगाड़ी में निर्दोष लोगों पर गोली चलाने का आदेश दिया। उन्होंने श्री अकाल तख्त साहिब का भी घोर अनादर किया।”

 

सुखबीर बादल के अकाली शासन के दौरान विकास के दावों का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अकाली नेताओं ने कोटकपूरा, बहबल कलां और बरगाड़ी में हुई दर्दनाक घटनाओं को आसानी से नजरअंदाज कर दिया, जहां अपमान की घटनाएं हुईं और मासूम लोगों ने अपनी जान गंवाई। उन्होंने कहा, “अकालियों ने पंजाब को बुरी तरह लूटा, पंजाबियों को भावनात्मक रूप से ठेस पहुंचाई और राज्य में माफियाओं को संरक्षण दिया। अकालियों को डाला गया हर वोट अपमान के पक्ष में फतवा होगा।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि अकाली नेतृत्व को कभी माफ नहीं किया जा सकता क्योंकि उसने अपने कार्यकाल के दौरान नशीली दवाओं के धंधे को संरक्षण दिया, जिससे पंजाब की युवा पीढ़ियां बर्बाद हो गईं। उन्होंने कहा, “ये लोग कई पीढ़ियों के नरसंहार के लिए जिम्मेदार हैं क्योंकि उनके कुशासन के लंबे दौर के दौरान उनके संरक्षण में नशीले पदार्थों के कारोबार ने पैर पसारे थे।”

जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) अधिनियम, 2026 के पारित होने पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब सरकार ने सर्वसम्मति से एक ऐतिहासिक कानून पारित किया है जिसमें श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के अपमान के लिए कड़ी सजा सुनिश्चित की गई है। उन्होंने कहा, “हम भाग्यशाली हैं कि वाहिगुरु ने हमें इस ऐतिहासिक अधिनियम को सर्वसम्मति से पारित करने की जिम्मेदारी सौंपी है। यह कानून सुनिश्चित करेगा कि भविष्य में कोई भी अपमान करने की हिम्मत न करे। इस अक्षम्य अपराध का दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को मिसाली सजा दी जाएगी और दोषी को किसी भी कीमत पर नहीं बख्शा जाएगा।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि दुनिया भर के लोग इस कानून को लागू करने के लिए पंजाब सरकार की प्रशंसा और धन्यवाद कर रहे हैं। अकाली नेतृत्व पर फिर से निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि कानून का विरोध करने वाले कुछ नेता ऐसा इसलिए कर रहे हैं क्योंकि वे जानते थे कि उनके मालिकों को बेअदबी की घटनाओं में अपनी संलिप्तता के लिए जवाबदेही का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने कहा, “ये अवसरवादी नेता अपनी सुविधा और व्यक्तिगत राजनीतिक हितों के अनुसार गिरगिट की तरह रंग बदलते रहते हैं। बादल परिवार के साथी इस एक्ट का विरोध कर रहे हैं क्योंकि वे जानते हैं कि उनके मालिकों को उनके कार्यों के परिणाम भुगतने होंगे।” उन्होंने आगे कहा कि बादल परिवार के हाथ देशभक्तों के खून से रंगे हैं और पंजाब के हितों के साथ उनके विश्वासघात को कभी माफ नहीं किया जा सकता।

कांग्रेस पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि हर कांग्रेसी नेता मुख्यमंत्री बनना चाहता है और पार्टी में आम कार्यकर्ताओं से अधिक मुख्यमंत्री बनने के चाहवान हैं। उन्होंने कहा, “कांग्रेस एक विभाजित घर है और इसका आंतरिक कलह ही इसे बर्बाद कर देगा। उनके नेता सत्ता में आने के सपने देख रहे हैं, लेकिन पंजाबी उनकी असलियत से पूरी तरह वाकिफ हैं।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों से एकत्र किया गया टैक्स का पैसा लोगों का है और पंजाब सरकार इसे ईमानदारी से कल्याणकारी पहलों पर खर्च कर रही है। “लोगों का पैसा अब विकास, स्कूलों, अस्पतालों और सड़कों के माध्यम से लोगों को वापस किया जा रहा है। 90 फीसद घरों को मुफ्त बिजली मिल रही है। 65,000 से अधिक युवाओं को भ्रष्टाचार के बिना सरकारी नौकरियां दी गई हैं। सड़कों में सुधार किया जा रहा है, अवधि पूरी कर चुके टोल प्लाजा बंद किए गए हैं, जिससे लोगों की रोजाना 70 लाख रुपए की बचत हो रही है और पंजाब भर में बुनियादी ढांचे को मजबूती दी जा रही है।”

उन्होंने कहा कि जब मौजूदा सरकार ने सत्ता संभाली थी, पंजाब में सिंचाई के लिए सिर्फ 22 फीसद नहरी पानी का उपयोग किया जा रहा था, लेकिन अब यह बढ़कर 80 फीसद से अधिक हो गया है। “आप सरकार ने पंजाब भर में 14,000 किलोमीटर पाइपलाइन बिछाने के साथ-साथ जलमार्गों को मजबूत और सुरजीत किया है। किसानों को लाभ पहुंचाने और सिंचाई जरूरतों को पूरा करने के लिए इन जलमार्गों के माध्यम से लगभग 21,000 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। यह दो भाखड़ा नहरों की सप्लाई के बराबर है।”

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि ‘आप’ सरकार 15 जुलाई तक पंजाब भर में 3,100 नवनिर्मित स्टेडियमों को लोगों को समर्पित करेगी, जिसका उद्देश्य युवाओं की खेलों में भागीदारी को बढ़ावा देना और नशे की लानत को समाप्त करना है। “नशों के खिलाफ लड़ाई में खेल संस्कृति सबसे मजबूत हथियार है। जब युवा खेलों में भाग लेते हैं, तो उनकी ऊर्जा कुछ हासिल करने और उत्कृष्टता की ओर जाती है। खेलों में शामिल युवाओं के पास नशों की ओर देखने का भी समय नहीं होता क्योंकि वे अपने-अपने क्षेत्रों में उत्कृष्टता प्राप्त करने पर केंद्रित रहते हैं। यह नशों की समस्या को समाप्त करने में मदद करेगा और युवाओं को पंजाब के सामाजिक-आर्थिक विकास में समान भागीदार बनाएगा।”

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