
जम्मू-कश्मीर डेस्कः मशहूर गुलमर्ग रोपवे में तकनीकी खराबी आने के बाद सैकड़ों पर्यटक बीच हवा में फंस गए। जानकारी के मुताबिक, करीब 300 लोग रोपवे के केबिनों में फंसे रहे। केबिन अचानक रुक जाने से मौके पर अफरा-तफरी मच गई और पर्यटक घबराकर चीखने-चिल्लाने लगे। घटना के तुरंत बाद रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया, जिसमें सेना, पुलिस और प्रशासन की टीमें जुट गईं।
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खराब मौसम बना रेस्क्यू में चुनौती
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि सरकार लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है और घबराने की कोई जरूरत नहीं है। गुलमर्ग में पहले से मौजूद SDRF, NDRF और गुलमर्ग गोंडोला की QRT टीमों ने तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया। हालांकि खराब मौसम के कारण रेस्क्यू अभियान में दिक्कतें आ रही हैं। पिछले कुछ दिनों से कश्मीर में लगातार बारिश और ओलावृष्टि हो रही है। बचाव दल सीढ़ियों की मदद से हर केबिन तक पहुंचकर पर्यटकों को सुरक्षित बाहर निकाल रहा है। कई घंटों की मशक्कत के बाद ज्यादातर पर्यटकों को सुरक्षित निकाल लिया गया है।
मुख्यमंत्री कार्यालय ने जारी किया बयान
मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया कि तकनीकी खराबी के कारण गुलमर्ग गोंडोला केबल कार सेवा को अस्थायी रूप से बंद किया गया है। सरकार पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए है। सभी केबिन सुरक्षित हैं और फंसे हुए पर्यटकों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए प्रशिक्षित टीमें लगातार बचाव कार्य में लगी हुई हैं। बयान में कहा गया कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और किसी को घबराने की आवश्यकता नहीं है।
किसी नुकसान की खबर नहीं
तकनीकी टीम के अनुसार, पूरा केबल सिस्टम बेहद मजबूत है और अब तक किसी तरह के नुकसान या हानि की खबर नहीं मिली है। एहतियात के तौर पर केबल को चलाने वाले मोटर्स को बंद कर दिया गया है।
गुलमर्ग रवाना हुए डीजीपी
जम्मू-कश्मीर पुलिस के डीजीपी नलिन प्रभात भी गुलमर्ग के लिए रवाना हो गए हैं। बचाव अभियान जारी है और कई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद हैं।
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