संयुक्त राष्ट्र : संयुक्त राष्ट्र में भारत ने पाकिस्तान पर सीमा पार आतंकवाद को बढ़ावा देने का आरोप लगाते हुए कहा कि ऐसे कृत्यों के “परिणाम” भुगतने पड़ते हैं और भारत को अपनी रक्षा करने का पूरा अधिकार है।संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि हरीश पर्वतनेनी ने सुरक्षा परिषद की बैठक में पाकिस्तान की टिप्पणियों को “निराधार और अनुचित” बताया।
उन्होंने कहा कि पाकिस्तान लंबे समय से सीमा पार आतंकवाद और “हजार जख्म देकर भारत को कमजोर करने” की नीति अपनाता रहा है। पर्वतनेनी ने कहा कि भारत ने अपने अस्तित्व की शुरुआत ही पाकिस्तान की आक्रामकता का सामना करते हुए की थी।
उन्होंने आरोप लगाया कि पाकिस्तान ने कई युद्ध छेड़े, सीमा पार आतंकवाद को समर्थन दिया और संप्रभुता व क्षेत्रीय अखंडता के सिद्धांतों का उल्लंघन किया। यह प्रतिक्रिया सुरक्षा परिषद में पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री एवं विदेश मंत्री इसहाक डार द्वारा जम्मू-कश्मीर और सिंधु जल संधि का मुद्दा उठाने के बाद आई। भारत ने अप्रैल 2025 के पहलगाम आतंकी हमले के बाद सिंधु जल संधि को स्थगित कर दिया था।
भारत ने कहा कि पाकिस्तान को सभी प्रकार के आतंकवाद के समर्थन को विश्वसनीय और अपरिवर्तनीय रूप से समाप्त करना होगा। पर्वतनेनी ने जोर देकर कहा कि भारत अपनी सुरक्षा और संप्रभुता की रक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने का अधिकार रखता है।