Last Updated: September 21, 2026

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फिल्म इंडस्ट्री को लगा बड़ा झटका, इस फिल्ममेकर का हुआ निधन… एक्टर गोविंदा को किया था लॉन्च

June 4, 2026

फिल्म इंडस्ट्री को लगा बड़ा झटका, इस फिल्ममेकर का हुआ निधन… एक्टर गोविंदा को किया था लॉन्च

Pahlaj Nihalani Passes Away: हिंदी फिल्म इंडस्ट्री से एक दुखद खबर सामने आई है। फिल्म निर्माता और सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (सेंसर बोर्ड) के पूर्व अध्यक्ष पहलाज निहलानी का निधन हो गया है। उन्होंने 76 वर्ष की उम्र में अंतिम सांस ली। भारतीय फिल्म निर्माताओं के सबसे बड़े संगठन द इंडियन मोशन पिक्चर प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन (इम्पा) के प्रेसिडेंट अभय सिन्हा ने इस खबर की पुष्टि की है।

लंबे समय से चल रहे थे बीमार 

जानकारी के अनुसार, पहलाज निहलानी लंबे समय से बीमार चल रहे थे। पहलाज निहलानी फिल्म जगत की एक जानी-मानी हस्ती थे, जिन्होंने कई सफल और लोकप्रिय फिल्मों का निर्माण किया। उनके निधन की खबर से फिल्म इंडस्ट्री में शोक की लहर दौड़ गई है। वे न केवल एक निर्माता के रूप में, बल्कि एक सख्त और चर्चित सेंसर बोर्ड प्रमुख के तौर पर भी पहचाने जाते थे। अपने फिल्मी करियर में पहलाज निहलानी ने कई हिट फिल्मों को समर्थन दिया। इनमें ‘इल्जाम’, ‘आग ही आग’, ‘शोला और शबनम’ और ‘आंखें’ जैसी फिल्में शामिल हैं। खास तौर पर फिल्म ‘आंखें’ 1990 के दशक की सबसे बड़ी हिट फिल्मों में गिनी जाती है और आज भी इसे उनकी सबसे सफल फिल्मों में से एक माना जाता है।

अभिनेता गोविंदा को फिल्म ‘इल्जाम’ से लॉन्च किया

पहलाज निहलानी ने कई बड़े कलाकारों को फिल्म इंडस्ट्री में पहला मौका दिया। उन्होंने अभिनेता गोविंदा को फिल्म ‘इल्जाम’ से लॉन्च किया, जो 1986 में आई थी। इसी तरह अभिनेता चंकी पांडे ने भी उनकी फिल्म ‘आग ही आग’ से अपने करियर की शुरुआत की थी। इसके अलावा, गोविंदा और चंकी पांडे स्टारर 1993 की उनकी फिल्म ‘आंखें’ उस समय की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्मों में शामिल रही। उनकी फिल्मोग्राफी में ‘हथकड़ी’, ‘आंधी-तूफान’, ‘पाप की दुनिया’, ‘आग का गोला’, ‘दिल तेरा दीवाना’, ‘भाई भाई’, ‘जूली 2’ और ‘रंगीला राजा’ जैसी कई सफल फिल्में भी शामिल हैं।

सेंसर बोर्ड के अध्यक्ष के रूप में भी कार्य किया

निर्माता के रूप में योगदान के साथ-साथ पहलाज निहलानी ने 2015 से 2017 तक सेंसर बोर्ड के अध्यक्ष के रूप में भी कार्य किया। अपने कार्यकाल के दौरान वे अपनी सख्त सेंसरशिप नीतियों के कारण अक्सर चर्चा में रहे। उस समय कई फिल्मों को लेकर विवाद भी सामने आए। निहलानी लंबे समय तक फिल्म निर्माण और फिल्म संगठनों से भी जुड़े रहे और लंबे समय तक एसोसिएशन ऑफ मोशन पिक्चर एंड टीवी प्रोग्राम प्रोड्यूसर्स के अध्यक्ष रहे। साल 2009 में उन्होंने पद से इस्तीफा दे दिया था।

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