
इस वर्ष के अंत में होने वाली प्रतिष्ठित एशियन चैंपियंस ट्रॉफी के साथ पंजाब एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय खेल जगत के केंद्र में आने जा रहा है। दुनिया की शीर्ष हॉकी टीमों की मेजबानी के लिए राज्य सरकार ने तैयारियों को युद्धस्तर पर शुरू कर दिया है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने उच्चस्तरीय बैठक में व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को सितंबर से पहले सभी बुनियादी ढांचा परियोजनाएं और अन्य आवश्यक कार्य पूरा करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट के सफल आयोजन में कोई कमी नहीं रहने दी जाएगी और पंजाब मेहमान खिलाड़ियों, अधिकारियों तथा खेल प्रेमियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराएगा। यह आयोजन न केवल पंजाब की खेल संस्कृति को नई पहचान देगा, बल्कि राज्य की मेहमाननवाजी और संगठनात्मक क्षमता को भी वैश्विक मंच पर प्रदर्शित करेगा।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि विशेषज्ञों, खिलाड़ियों और अन्य भागीदारों को शामिल करते हुए एक प्रबंधकीय समिति बनाई जाए, जो सभी प्रबंधों को समय पर पूरा करना सुनिश्चित करेगी। उन्होंने जालंधर और मोहाली में चल रहे कार्यों की प्रगति की नियमित रूप से निगरानी के लिए वरिष्ठ अधिकारियों की एक उच्च-शक्ति समिति के गठन को भी मंजूरी दी।
विश्व स्तरीय सुविधाओं के महत्व पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “सभी प्रबंधों को समयबद्ध तरीके से लागू करने के लिए विशेषज्ञों, खिलाड़ियों और अन्य भागीदारों की प्रबंधकीय समिति बनाई जाए। इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट से संबंधित हर काम सितंबर से पहले पूरा होना सुनिश्चित किया जाए, ताकि इस आयोजन की शानदार सफलता में कोई कमी न रह जाए।”
बुनियादी ढांचे की आवश्यकताओं की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने निर्देश दिए कि जालंधर और मोहाली के स्टेडियमों को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार नवीनतम सुविधाओं से अपग्रेड किया जाए। भारतीय हॉकी फेडरेशन को पूरा समर्थन देने का भरोसा दिलाते हुए उन्होंने कहा कि राज्य के इतिहास में इस स्तर के पहले टूर्नामेंट के सफल आयोजन को सुनिश्चित करने के लिए पंजाब सरकार पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब की धरती पर हॉकी के खिलाड़ी पैदा होते रहे हैं और हमारी धरती पर ऐसे अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट की मेजबानी हमारे युवाओं को खेलों से जुड़ने के लिए और अधिक प्रेरित करेगी। आयोजन के प्रति पंजाब सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि चैंपियनशिप के सुचारू प्रबंधों को सुनिश्चित करने के लिए सुरक्षा, लॉजिस्टिक्स और खिलाड़ियों की सुविधाओं से संबंधित सभी आवश्यक प्रबंध किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब सरकार इस विश्व स्तरीय प्रतियोगिता में भाग लेने वाले खिलाड़ियों को सुरक्षा और हर संभव सुविधा प्रदान करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। उन्होंने आगे कहा, “एशियन चैंपियंस ट्रॉफी में बेहतरीन प्रदर्शन करने वाली हॉकी की 6 टीमें भाग लेंगी। पहली बार पंजाब को इस अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट की मेजबानी का अवसर मिला है, जो खेल के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि है।”
इस आयोजन को पंजाब के लिए ऐतिहासिक पल बताते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह गर्व की बात है कि इस चैंपियनशिप की मेजबानी के लिए हमारे राज्य को चुना गया, जिससे पंजाब भर में हॉकी और खेल संस्कृति को भरपूर बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा, “यह बहुत खुशी और संतुष्टि की बात है कि पंजाब इस व्यापक अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजन की मेजबानी करेगा। यह राज्य में खेलों की पुरानी शान को बहाल करने में बहुत सहायक होगा।”
भारतीय हॉकी में पंजाब के बहुमूल्य योगदान को उजागर करते हुए उन्होंने आगे कहा, “दशकों से हॉकी में पंजाबियों की मजबूत भागीदारी के बावजूद पंजाब ने आज तक कभी भी किसी बड़े अंतरराष्ट्रीय हॉकी टूर्नामेंट की मेजबानी नहीं की है। इस चैंपियनशिप का राज्य में होना एक बड़े सपने के साकार होने जैसा है।” बैठक के दौरान मुख्य सचिव के.ए.पी. सिन्हा, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव डॉ. रवि भगत, पंजाब हॉकी के अध्यक्ष नितिन कोहली और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
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