
हैदराबाद : रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सशस्त्र बलों में शामिल होने वाले नए अधिकारियों से आधुनिक संघर्ष के बदलते स्वरूप के लिए मानसिक रूप से तैयार रहने का आह्वान किया। शनिवार को हैदराबाद के निकट भारतीय वायुसेना अकादमी में संयुक्त स्नातक परेड को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि अब बड़ी शक्तियों को युद्धक्षेत्र में पहले जैसी बढ़त हासिल नहीं है, क्योंकि छोटी ताकतें भी नई रणनीतियों और खतरनाक हथियारों से भारी नुकसान पहुंचा सकती हैं।
उन्होंने कहा कि रडार, उपग्रह, ड्रोन, सेंसर और रोबोटिक्स जैसी उभरती प्रौद्योगिकियों ने युद्ध की परिभाषा बदल दी है। अधिकारियों को आधुनिक युद्ध की रणनीतियों को समझते हुए उनके अनुरूप ढलने और जरूरत पड़ने पर उनमें बदलाव करने के लिए तैयार रहना चाहिए। उन्होंने कड़ी मेहनत के साथ ‘स्मार्ट’ तरीके से काम करने के महत्व पर भी जोर दिया। राजनाथ सिंह ने भारतीय वायुसेना को करोड़ों भारतीयों के लिए प्रेरणास्रोत बताते हुए अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला का उल्लेख किया और महिला पायलटों की बढ़ती भागीदारी का स्वागत किया।
उन्होंने संकट के समय बचाव अभियानों और मानवीय सहायता कार्यों में वायुसेना की भूमिका की भी सराहना की। समारोह में प्रशिक्षण पूरा करने वाले फ्लाइट कैडेटों को ‘प्रैसिडेंट्स कमीशन’, जबकि भारतीय वायुसेना, नौसेना, तटरक्षक बल और वियतनाम के प्रशिक्षुओं को ‘विंग्स’ और ‘ब्रेवेट्स’ प्रदान किए गए।
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