Ashadh Maah 2026 Date: हिंदू पंचांग के अनुसार आषाढ़ वर्ष का चौथा महीना माना जाता है। यह माह भगवान विष्णु की उपासना, तप, जप और दान-पुण्य के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। साथ ही किसानों के लिए भी इसका विशेष महत्व है, क्योंकि इसी अवधि में वर्षा ऋतु का आरंभ होता है। आइए जानते हैं वर्ष 2026 में आषाढ़ मास कब से प्रारंभ होगा, इसका धार्मिक महत्व क्या है और इस दौरान किन बातों का ध्यान रखना चाहिए…
आषाढ़ मास 2026 की तिथि
साल 2026 में आषाढ़ का महीना 30 जून से शुरू होकर 29 जुलाई तक रहेगा। हिंदू धर्म में इस महीने को बहुत पवित्र माना जाता है। इस दौरान लोग भगवान की पूजा-अर्चना, व्रत, जप और धार्मिक कार्यों में अधिक समय देते हैं।
देवशयनी एकादशी से शुरू होगा चातुर्मास
धार्मिक मान्यता के अनुसार, आषाढ़ शुक्ल पक्ष की देवशयनी एकादशी से भगवान विष्णु चार महीने के लिए योगनिद्रा में चले जाते हैं। इसी समय से चातुर्मास की शुरुआत होती है, जिसे हिंदू धर्म में बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है।
चातुर्मास के दौरान शादी-विवाह, सगाई, गृह प्रवेश, मुंडन और अन्य शुभ कार्य नहीं किए जाते हैं। यह चार महीने की अवधि कार्तिक माह की देवउठनी एकादशी पर समाप्त होती है, जब भगवान विष्णु योगनिद्रा से जागते हैं।
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आषाढ़ मास में अपनाएं ये धार्मिक नियम
–प्रतिदिन प्रातःकाल स्नान के बाद सूर्य देव को जल अर्पित करें।
–भगवान शिव और भगवान विष्णु के मंत्रों का नियमित जाप करें
–गुरुजनों का सम्मान करें तथा गुरु पूजन का विशेष महत्व समझें।
–जरूरतमंद लोगों को अन्न, वस्त्र, धन और वर्षा से बचाव हेतु छाते का दान करें।
–मांस, मदिरा तथा अन्य नशीली वस्तुओं से दूरी बनाए रखें।
–सात्विक भोजन ग्रहण करें और अत्यधिक तैलीय तथा कुछ पत्तेदार सब्जियों के सेवन से बचें।
–संध्या समय तुलसी के समीप घी का दीपक जलाना शुभ माना जाता है।
चातुर्मास में शुभ कार्यों पर क्यों लगता है विराम?
धार्मिक मान्यता के मुताबिक भगवान विष्णु सृष्टि का पालन करते हैं। देवशयनी एकादशी के दिन वे चार महीने के लिए योगनिद्रा में चले जाते हैं। इसी वजह से चातुर्मास के दौरान शादी-विवाह और अन्य शुभ काम करने से बचा जाता है।
इस अवधि में विवाह, गृह प्रवेश, भूमि पूजन, जनेऊ संस्कार, नया कारोबार शुरू करना, नया वाहन या संपत्ति खरीदने जैसे मांगलिक कार्य आमतौर पर नहीं किए जाते हैं।
आषाढ़ मास 2026 के प्रमुख व्रत एवं पर्व
10 जुलाई 2026: योगिनी एकादशी
15 जुलाई 2026: आषाढ़ गुप्त नवरात्रि प्रारंभ
16 जुलाई 2026: जगन्नाथ रथ यात्रा
25 जुलाई 2026: देवशयनी एकादशी
29 जुलाई 2026: गुरु पूर्णिमा
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(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। दैनिक सवेरा टाइम्स एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
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