Last Updated: September 22, 2026

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चीन में मानवाधिकारों की रक्षा पर ऐसे दिया जा रहा ध्यान, नागरिकों का जीवन हुआ खुशहाल

June 18, 2026

चीन में मानवाधिकारों की रक्षा पर ऐसे दिया जा रहा ध्यान, नागरिकों का जीवन हुआ खुशहाल

इंटरनेशनल डेस्क: चीनी नागरिकों का जीवन खुशहाल हो रहा है, पिछले कुछ दशकों में करोड़ों लोगों को गरीबी के चंगुल से मुक्त कराया गया है। लोगों को शिक्षा, स्वास्थ्य व अन्य मूलभूत सुविधाएं मिल रही हैं। उनके साथ धर्म, जाति, क्षेत्र या रंग आदि के नाम पर भेदभाव नहीं होता है। चीन सरकार और चीनी कम्युनिस्ट पार्टी अपने देशवासियों के हितों की रक्षा करने के लिए प्रतिबद्ध लगती है। चीन में लोगों के साथ जिस तरह का व्यवहार किया जाता है, जिस तरह का जीवन स्तर उनका है, वह यह बताने के लिए पर्याप्त है कि चीन में मानवाधिकारों की क्या स्थिति है। चीन में हो रहे विकास के साथ भी इसे जोड़कर देखा जा सकता है, क्योंकि चीनियों ने अपने देश के निर्माण में व्यापक योगदान दिया है।

जाहिर है कि आज चीन हर क्षेत्र में दुनिया के सम्मुख उदाहरण प्रस्तुत कर रहा है। चीन अंतर्राष्ट्रीय मामलों और संकटों के दौरान अहम भूमिका निभा रहा है। चीन की ओर से युद्ध के बजाय शांति कायम करने का पैगाम दिया जा रहा है। अकसर दुनिया को मानवाधिकारों का पाठ पढ़ाने वाले अमेरिका और अन्य देशों की दशा देखने लायक है। हाल के दशकों में अमेरिका द्वारा कई देशों के खिलाफ युद्ध छेड़े गए, जिनमें लाखों निर्दोष लोगों की जानें जा चुकी हैं। क्या पश्चिमी दुनिया की नजर में मानवाधिकार यही हैं, क्या स्कूली बच्चों की जान लेना मानवाधिकारों की रक्षा करना है?

एक ओर अमेरिका है, वहीं दूसरी ओर चीन। चीन ने अपनी जिम्मेदारी समझते हुए वैश्विक मानवाधिकार शासन को बढ़ावा देने पर जोर दिया है। हाल में चीन ने राजधानी पेइचिंग में वैश्विक मानवाधिकार शासन उच्च स्तरीय मंच का आयोजन कर एक्शन प्लान पेश किया। इस कार्य योजना में मुख्य रूप से जो बात कही गयी है, उसमें लोगों के बुनियादी हितों की रक्षा करने पर बल दिया गया।

कहा गया है कि लोगों की मुख्य स्थिति का सम्मान करना होगा। साथ ही बुनियादी हितों की रक्षा की जाएगी, सामाजिक निष्पक्षता और न्याय को बढ़ावा दिया जाएगा। इसके अलावा, यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि आधुनिकीकरण का लाभ सभी को मिले। इन्हें हासिल करने के लिए उच्च गुणवत्तापूर्ण विकास के जरिए आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक अधिकारों की पूर्ण सुरक्षा को बढ़ावा दिया जाय। 

शहरी और ग्रामीण लोगों के जीवन के अंतर को पाटने के लिए भी कार्य किया जाएगा। जिसके तहत खेती और ग्रामीण इलाकों के आधुनिकीकरण को तेज किया जाएगा, ताकि गांवों में बड़े पैमाने पर सुधार हो सके। इन क्षेत्रों में लोगों की आय बढ़ाने, शिक्षा, सामाजिक सुरक्षा के अलावा हेल्थकेयर सिस्टम को मजबूत बनाया जाएगा। यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि बुनियादी जन सेवाओं तक सभी की पहुंच हो। 

बता दें कि चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग के नेतृत्व में हाल के वर्षों में चीन ने जिस तेज गति से विकास किया है, भ्रष्टाचार के खिलाफ कदम उठाएं हैं, लोगों के वैध अधिकारों की रक्षा की है, उसकी प्रशंसा करनी होगी। कहने का मतलब है कि चीन ने अपने नागरिकों के मानवाधिकारों का सम्मान करने के साथ-साथ उनकी रक्षा भी की है। 

आंकड़े भी इसकी गवाही दे रहे हैं। चाइना सोसाइटी फॉर ह्यूमन राइट्स स्टडीज़ और देश की अन्य एजेंसियों द्वारा जारी रिपोर्ट के अनुसार चीन ने अपने मानवाधिकार रक्षा संबंधी कार्यों को पूरी तरह से मजबूत किया है। रिपोर्ट में चीन की राष्ट्रीय मानवाधिकार कार्य योजना (2021-2025) को लागू करने का आकलन किया गया है, जिसे सितंबर 2021 में जारी किया गया था। रिपोर्ट के मुताबिक, उक्त पाँच वर्षों में एक्शन प्लान को पूरी तरह लागू किया, इसमें बताए गए मानवाधिकार संबंधी सारे 181 कार्य पूरे किए गए। 

जैसा कि कहा जाता है कि हर देश का शासन करने का अपना अलग तरीका होता है, चीन अपनी विशेषता वाले समाजवाद के रास्ते पर बढ़ रहा है, जिसका नतीजा देखने को मिल रहा है। क्योंकि लोग अच्छी जिंदगी जी रहे हैं और देश को आगे ले जाने में अहम योगदान दे रहे हैं। इसी से देश का विकास हो रहा है, जन-जीवन बेहतर हो रहा है और लोगों के मानवाधिकारों की रक्षा हो रही है। कहा जा सकता है कि दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था और प्राचीन सभ्यता वाले देश के रूप में, चीन विकास के पथ पर अग्रसर है, जहां लोगों को सम्मान से जीवन बिताने का अधिकार मिला हुआ है। 

(अनिल पांडेय, चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)

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