Last Updated: October 1, 2026

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TMC में बड़ा बवाल: बागी गुट ने ममता बनर्जी को अध्यक्ष पद से हटाया, अभिषेक बनर्जी निलंबित

June 22, 2026

TMC में बड़ा बवाल: बागी गुट ने ममता बनर्जी को अध्यक्ष पद से हटाया, अभिषेक बनर्जी निलंबित

Mamata Banerjee News: पश्चिम बंगाल की राजनीति में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के अंदर चल रहा विवाद अब और गहरा गया है। सोमवार को पार्टी के बागी गुट ने बड़ा फैसला लेते हुए ममता बनर्जी को पार्टी अध्यक्ष पद से हटाने और उनके भतीजे अभिषेक बनर्जी को पार्टी से निलंबित करने का ऐलान कर दिया। यह फैसला उलुबेरिया पूर्व के विधायक ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व में हुई एक अहम बैठक में लिया गया।

बागी नेताओं का दावा है कि वही “असली तृणमूल कांग्रेस” हैं। बैठक के दौरान नई संगठनात्मक समिति बनाई गई और उसके बाद अभिषेक बनर्जी के निलंबन का प्रस्ताव पारित किया गया। बैठक में वरिष्ठ विधायक अरूप रॉय को नई संगठनात्मक समिति का चेयरमैन नियुक्त किया गया। इसके साथ ही उन्हें ममता बनर्जी की जगह पार्टी का नया चेयरपर्सन घोषित किया गया। यह बैठक न्यू टाउन के एक होटल में हुई, जिसमें कई बागी विधायक और कोलकाता नगर निगम (KMC) समेत तीन जिलों के लगभग 70 पार्षद शामिल हुए।

बागी गुट ने क्या कहा?

ऋतब्रत बनर्जी ने कहा कि पार्टी संविधान के अनुसार हर तीन साल में राष्ट्रीय कार्यकारी समिति का गठन होना चाहिए। उनका दावा है कि आखिरी बार यह समिति फरवरी 2022 में बनाई गई थी और उसके बाद संगठन का पुनर्गठन नहीं किया गया। इसी वजह से पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व को फिर से गठित करने की जरूरत पड़ी।

अब तीन हिस्सों में बंटी दिख रही है TMC

ताजा घटनाक्रम के बाद तृणमूल कांग्रेस तीन अलग-अलग गुटों में बंटी हुई नजर आ रही है। ममता बनर्जी के नेतृत्व वाला मूल TMC गुट। ऋतब्रत बनर्जी का बागी गुट, जो अब पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष की भूमिका निभा रहा है। काकोली घोष दस्तीदार के नेतृत्व वाला सांसदों का गुट, जिसके करीब दो दर्जन सांसदों ने नेशनल सिटिजंस पार्टी नामक दल में विलय कर केंद्र की NDA सरकार को समर्थन देने का फैसला किया है।

चुनाव चिन्ह और पार्टी पर दावा

अभिषेक बनर्जी के निलंबन के बाद पार्टी के असली नेतृत्व को लेकर विवाद और बढ़ गया है। बागी नेताओं ने संकेत दिए हैं कि वे TMC के नाम और चुनाव चिन्ह पर दावा करने के लिए सुप्रीम कोर्ट का रुख कर सकते हैं। बागी विधायक भी पार्टी के नाम और सिंबल पर अपना अधिकार जता रहे हैं।

पार्टी फंड को लेकर भी विवाद

पार्टी के करीब 1,100 करोड़ रुपये के फंड को लेकर भी विवाद खड़ा हो गया है। हाल ही में बागी गुट की शिकायत के बाद तृणमूल कांग्रेस के तीन बैंक खातों में जमा लगभग 440 करोड़ रुपये पर डेबिट फ्रीज लगा दिया गया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार इन खातों से अब कोई पैसा निकाला या ट्रांसफर नहीं किया जा सकता, हालांकि खातों में पैसा जमा कराया जा सकता है। ऋतब्रत बनर्जी गुट के 10 विधायकों ने बिधाननगर पुलिस कमिश्नरेट के साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने खातों में जमा धन के स्रोत की जांच की मांग की है।

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