Last Updated: September 30, 2026

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Flood News: अरुणाचल में भारी बारिश के बाद आई बाढ़, 3 लोग लापता, असम में हाई अलर्ट

June 24, 2026

Flood News: अरुणाचल में भारी बारिश के बाद आई बाढ़, 3 लोग लापता, असम में हाई अलर्ट

नेशनल डेस्क। अरुणाचल प्रदेश के कीई पन्योर जिले में भारी बारिश के कारण बुधवार को अचानक बाढ़ आ गई। इस बाढ़ में कम से कम 3 लोग लापता हो गए, जबकि करीब 20 घर और आवासीय इकाइयां क्षतिग्रस्त हो गईं। स्थिति को देखते हुए पड़ोसी राज्य असम में भी नदी जलस्तर बढ़ने की आशंका के चलते हाई अलर्ट जारी किया गया है।

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ईटानगर के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, लगातार हो रही भारी बारिश के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग पर कई स्थानों पर भूस्खलन हुआ, जिससे यातायात प्रभावित हो गया और कई यात्री रास्ते में फंस गए। अधिकारियों ने बताया कि कीई पन्योर जिले के याजाली सर्कल अंतर्गत पूसा स्थित एनईईपीसीओ परियोजना कॉलोनी के पास आई फ्लैश फ्लड में तीन लोग लापता हो गए। तेज बारिश के कारण एक रिटेनिंग वॉल भी ढह गई, जबकि बाढ़ का पानी याजाली क्षेत्र के कई निचले रिहायशी इलाकों में घुस गया।

घटना की सूचना मिलते ही अतिरिक्त उपायुक्त, पुलिस उपाधीक्षक और सर्कल अधिकारी प्रभावित क्षेत्रों में पहुंच गए हैं और नुकसान का आकलन करने के साथ राहत एवं बचाव कार्यों का समन्वय कर रहे हैं। राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) की टीम को मौके पर तैनात कर दिया गया है, जबकि राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) के जवान भी राहत एवं बचाव अभियान में शामिल होने के लिए रवाना हो चुके हैं। सरकारी स्वामित्व वाली नॉर्थ ईस्टर्न इलेक्ट्रिक पावर कॉर्पोरेशन (एनईईपीसीओ) ने एहतियातन रांगनदी बांध से पानी छोड़ना शुरू कर दिया है। परियोजना में बिजली उत्पादन भी फिलहाल अस्थायी रूप से रोक दिया गया है।

पिछले कई दिनों से पहाड़ी राज्य अरुणाचल प्रदेश में लगातार भारी बारिश हो रही है, जिससे विभिन्न जिलों में भूस्खलन, फ्लैश फ्लड और मकानों व बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा है। आपदा प्रबंधन विभाग ने नदी किनारे और संवेदनशील इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने तथा अनावश्यक आवाजाही से बचने की सलाह दी है।

उधर, अरुणाचल प्रदेश के लोअर सुबनसिरी जिले में भारी बारिश और फ्लैश फ्लड की खबरों के बाद असम सरकार भी हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है। आशंका है कि इसका असर असम के निचले इलाकों में देखने को मिल सकता है। क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र, गुवाहाटी और मौसम विज्ञान केंद्र, ईटानगर से प्राप्त जानकारी के अनुसार, याजाली में पिछले 24 घंटों के दौरान 72.8 मिमी बारिश दर्ज की गई। इसमें से अधिकांश वर्षा 24 जून की सुबह 6 बजे से 9 बजे के बीच हुई।

आधिकारिक बयान के अनुसार, उपग्रह और रडार चित्रों से बुधवार सुबह अत्यधिक बारिश की पुष्टि हुई है, जिसके कारण ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में नदी के प्रवाह में अचानक वृद्धि दर्ज की गई। पन्योर लोअर हाइड्रोइलेक्ट्रिक परियोजना क्षेत्र, जिसे पहले रांगनदी हाइड्रोइलेक्ट्रिक परियोजना के नाम से जाना जाता था, में फ्लैश फ्लड की सूचना मिली है। जल प्रवाह बढ़ने के कारण अतिरिक्त पानी निकालने के लिए एक स्पिलवे गेट खोला गया है।

याजाली से मिली रिपोर्टों के अनुसार, मलबे के साथ आई बाढ़ ने मकानों और बुनियादी ढांचे को व्यापक नुकसान पहुंचाया है। अधिकारियों को आशंका है कि ऊपरी क्षेत्रों में भारी बारिश और बढ़ते जलप्रवाह के कारण असम में ब्रह्मपुत्र नदी तथा उसकी सहायक नदियों का जलस्तर और प्रवाह गति काफी बढ़ सकती है। बाढ़ की लहर सबसे पहले धेमाजी, लखीमपुर, बिश्वनाथ और सोनितपुर जिलों को प्रभावित कर सकती है। इसके बाद अगले एक-दो दिनों में यह अन्य जिलों से होते हुए धुबरी तक पहुंचने की संभावना है।

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के निर्देश पर मुख्य सचिव रवि कोटा ने सभी संबंधित विभागों और जिला प्रशासन को अधिकतम सतर्कता बरतने तथा हर स्थिति के लिए तैयार रहने को कहा है। राज्य सरकार ने निचले और बाढ़ संभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों से सतर्क रहने तथा प्रशासन के निर्देश मिलने पर सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है। साथ ही लोगों को जलमग्न क्षेत्रों में जाने और ब्रह्मपुत्र व उसकी सहायक नदियों में छोटी नावों से यात्रा करने से बचने की सलाह दी गई है, क्योंकि नदी का बहाव काफी तेज होने की आशंका है।

असम सरकार ने कहा है कि सभी संबंधित एजेंसियों और जिला प्रशासन के साथ लगातार समन्वय बनाए रखा जा रहा है तथा जन सुरक्षा के हित में समय-समय पर एडवाइजरी और अपडेट जारी किए जाएंगे।

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