
Siya-Chetan love story: पुणे के चर्चित लोहगढ़ हत्याकांड की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे मामले से जुड़े कई नए तथ्य सामने आ रहे हैं। पुलिस इस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है और आरोपियों के निजी जीवन, पारिवारिक पृष्ठभूमि तथा उनके आपसी संबंधों की भी गहराई से पड़ताल की जा रही है।
पुलिस जांच में सामने आया है कि मुख्य आरोपी सिया गोयल पुणे के गंगाधाम इलाके में स्थित न्यू एरा सोसायटी में अपने परिवार के साथ रहती थी। उसके परिवार में माता-पिता और एक भाई हैं। जांच एजेंसियां अब सिया के पारिवारिक और सामाजिक संबंधों की भी जानकारी जुटा रही हैं ताकि मामले से जुड़े हर पहलू को बेहतर तरीके से समझा जा सके।
दिवाली पार्टी में हुई थी पहली मुलाकात
पुलिस सूत्रों के अनुसार, सिया गोयल और चेतन की पहली मुलाकात पिछले वर्ष दिवाली के दौरान आयोजित एक पार्टी में हुई थी। इस मुलाकात के बाद दोनों के बीच बातचीत शुरू हुई और धीरे-धीरे दोनों के संपर्क बढ़ने लगे।
जांच अधिकारी अब यह जानने की कोशिश कर रहे हैं कि दोनों के बीच संबंध किस प्रकार के थे और समय के साथ उनमें क्या बदलाव आए। इसके लिए उनके कॉल रिकॉर्ड, मैसेज, सोशल मीडिया गतिविधियों और मुलाकातों की जानकारी खंगाली जा रही है।
ड्राई फ्रूट और मसालों का कारोबार करते हैं सिया के पिता
जानकारी के अनुसार, सिया के पिता प्रवीण गोयल शहर में ड्राई फ्रूट और मसालों के व्यापार से जुड़े हुए हैं। उनका अपना व्यापारिक प्रतिष्ठान भी है और वे लंबे समय से इस व्यवसाय में सक्रिय हैं। पुलिस और जांच एजेंसियां परिवार की पृष्ठभूमि से जुड़ी जानकारियों की भी जांच कर रही हैं ताकि मामले से संबंधित सभी तथ्यों को स्पष्ट किया जा सके।
चेतन के बारे में भी सामने आई अहम जानकारी
मामले में आरोपी बनाए गए चेतन के बारे में भी कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आई हैं। बताया जा रहा है कि वह भी ड्राई फ्रूट के कारोबार से जुड़ा हुआ था। सूत्रों के मुताबिक, चेतन ने बीबीए (बैचलर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन) की पढ़ाई शुरू की थी, लेकिन उसने बीच में ही पढ़ाई छोड़ दी थी। फिलहाल पुलिस उसके पेशेवर जीवन, मित्रों, पारिवारिक संबंधों और अन्य गतिविधियों की भी जांच कर रही है।
रिश्तों की सच्चाई जानने में जुटी पुलिस
जांच अधिकारियों का मानना है कि इस मामले की गुत्थी सुलझाने के लिए सिया और चेतन के बीच संबंधों की वास्तविक स्थिति को समझना बेहद जरूरी है। इसी कारण पुलिस दोनों के बीच हुई बातचीत, मुलाकातों और घटनाओं के क्रम को जोड़कर पूरे मामले की तस्वीर साफ करने का प्रयास कर रही है।
डिजिटल सबूतों पर विशेष फोकस
पुलिस इस मामले में डिजिटल साक्ष्यों को सबसे महत्वपूर्ण मान रही है। जांच टीम मोबाइल फोन, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर), चैट, सोशल मीडिया डेटा और अन्य इलेक्ट्रॉनिक दस्तावेजों की मदद से घटनाक्रम को समझने की कोशिश कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि हर तथ्य की पुष्टि की जा रही है और बिना सत्यापन के किसी भी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचा जाएगा।
जांच जारी, हर पहलू की हो रही पड़ताल
फिलहाल पुलिस मामले के सभी पहलुओं की गहन जांच कर रही है। जांच एजेंसियों का उद्देश्य घटना से जुड़े हर तथ्य को सत्यापित करना और पूरे घटनाक्रम की सच्चाई सामने लाना है। आने वाले दिनों में जांच के दौरान और भी महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आने की संभावना है।