यूपी डेस्कः अयोध्या के राम मंदिर में मिले दान, चढ़ावे और वित्तीय लेन-देन को लेकर नया विवाद सामने आया है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) से संबंधित शिकायत के आधार पर मांगी गई वित्तीय जानकारी देने से इंकार कर दिया है। ट्रस्ट का कहना है कि इस मामले की जांच विशेष जांच दल (SIT) द्वारा की जा रही है, इसलिए फिलहाल कोई भी जानकारी साझा नहीं की जा सकती।
पीएमओ ने जिला प्रशासन से मांगी रिपोर्ट
प्रधानमंत्री कार्यालय ने शिकायत को गंभीरता से लेते हुए इसे अयोध्या जिला प्रशासन को भेज दिया। जिला प्रशासन को निर्देश दिया गया कि वह शिकायत में उठाए गए मुद्दों की जानकारी जुटाकर रिपोर्ट उपलब्ध कराए। इसके बाद जिला प्रशासन ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से संपर्क कर आवश्यक जानकारी मांगी।
ट्रस्ट से मांगा गया वित्तीय विवरण
सूत्रों के अनुसार, 23 जून को अयोध्या के एडीएम (कानून-व्यवस्था) इंद्रकांत द्विवेदी ने एडीएम (प्रशासन) विशु राजा को एक पत्र भेजा। इस पत्र में बताया गया कि उन्होंने पीएमओ द्वारा मांगी गई जानकारी के संबंध में राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय से संपर्क किया था। शिकायत में मंदिर ट्रस्ट की आय, खर्च, दान, बैंक खातों, जमीन की खरीद-बिक्री और अन्य संपत्तियों से संबंधित जानकारी मांगी गई थी।
चंपत राय ने जानकारी देने से किया इंकार
एडीएम (कानून-व्यवस्था) इंद्रकांत द्विवेदी के अनुसार, ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने फिलहाल कोई भी जानकारी देने से मना कर दिया। उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले की जांच एसआईटी द्वारा की जा रही है। जांच दल सभी जरूरी दस्तावेज, रिकॉर्ड और वित्तीय जानकारी एकत्र कर रहा है। इसलिए जांच पूरी होने तक मांगी गई सूचनाएं उपलब्ध नहीं कराई जा सकतीं।
शिकायत में क्या-क्या जानकारी मांगी गई
भाजपा नेता डॉ. रजनीश सिंह द्वारा पीएमओ को भेजी गई शिकायत में कई महत्वपूर्ण जानकारियों को सार्वजनिक करने की मांग की गई थी।
1. समर्पण निधि अभियान का पूरा हिसाब
राम मंदिर निर्माण के लिए देशभर से जुटाए गए “समर्पण निधि” अभियान के धन का पूरा विवरण।
2. दान और चढ़ावे का रिकॉर्ड
मंदिर को नकद दान, ऑनलाइन दान और अन्य माध्यमों से प्राप्त राशि का पूरा लेखा-जोखा।
3. सोना, चांदी और आभूषण
भक्तों द्वारा चढ़ाए गए सोने, चांदी, हीरे-जवाहरात और अन्य कीमती वस्तुओं का विवरण।
4. बैंक खाते और वित्तीय लेन-देन
ट्रस्ट के सभी बैंक खातों, जमा धनराशि और वित्तीय लेन-देन की जानकारी।
5. जमीन की खरीद-बिक्री
मंदिर ट्रस्ट द्वारा खरीदी और बेची गई जमीनों का पूरा रिकॉर्ड तथा उनसे जुड़े वित्तीय लेन-देन।
6. निर्माण और प्रशासनिक खर्च
मंदिर निर्माण, रखरखाव और प्रशासनिक कार्यों पर अब तक हुए खर्च का विवरण।
7. ऑडिट और निरीक्षण रिपोर्ट
ट्रस्ट के खातों की जांच, ऑडिट रिपोर्ट और निरीक्षण से जुड़ी सभी रिपोर्टों को सार्वजनिक करने की मांग।
अब आगे क्या?
फिलहाल मामला एसआईटी जांच के अधीन है। ट्रस्ट का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही संबंधित जानकारी उपलब्ध कराई जा सकती है। वहीं शिकायतकर्ता डॉ. रजनीश सिंह लगातार ट्रस्ट के वित्तीय मामलों में पारदर्शिता की मांग कर रहे हैं। ऐसे में अब सभी की नजर एसआईटी जांच और उसकी रिपोर्ट पर टिकी हुई है।
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