Last Updated: October 2, 2026

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Amarnath Yatra 2026: अमरनाथ यात्रा आज से शुरू, किन तैयारियों की जरूरत… कौन सा रास्ता चुनें और साथ क्या ले जाएं, पढ़ें पूरी डिटेल

July 2, 2026

Amarnath Yatra 2026: अमरनाथ यात्रा आज से शुरू, किन तैयारियों की जरूरत… कौन सा रास्ता चुनें और साथ क्या ले जाएं, पढ़ें पूरी डिटेल

Amarnath Yatra 2026 : बाबा बर्फानी के भक्तों का लंबे समय से इंतजार आखिरकार खत्म हो गया है। जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने जम्मू के यात्री निवास बेस कैंप से श्री अमरनाथजी यात्रा 2026 के पहले जत्थे को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस दौरान पूरे परिसर में भक्तिमय माहौल देखने को मिला। चारों ओर “बम-बम भोले” और “हर-हर महादेव” के जयकारे गूंजते रहे और श्रद्धालुओं में जबरदस्त उत्साह दिखाई दिया।

इस अवसर पर उपराज्यपाल ने सभी श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं दीं और उनकी यात्रा सुरक्षित, सुखद और मंगलमय होने की कामना की। उन्होंने यात्रा को सफल बनाने में जुटे सुरक्षा बलों, प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग, स्वयंसेवी संस्थाओं और सेवा कार्य में लगे सभी लोगों के प्रयासों की भी सराहना की।

 

अमरनाथ यात्रा 2026 कब तक चलेगी
इस वर्ष अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई 2026 से शुरू होकर 28 अगस्त 2026 तक चलेगी। कुल 57 दिनों तक चलने वाली इस पवित्र यात्रा में देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए पहुंचेंगे। यात्रा को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए सरकार ने पूरे मार्ग पर कड़े सुरक्षा इंतजाम किए हैं। जगह-जगह पुलिस, सेना, केंद्रीय सुरक्षा बल और प्रशासनिक टीमें तैनात की गई हैं ताकि यात्रियों को किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।

अमरनाथ गुफा तक पहुंचने के दो मुख्य रास्ते
बाबा अमरनाथ की पवित्र गुफा तक पहुंचने के लिए श्रद्धालुओं के पास दो प्रमुख मार्ग उपलब्ध हैं। दोनों रास्तों की दूरी और कठिनाई अलग-अलग है।

पहलगाम मार्ग

पहलगाम मार्ग सबसे पुराना और पारंपरिक रास्ता माना जाता है। अधिकांश श्रद्धालु इसी रास्ते से यात्रा करना पसंद करते हैं। इस मार्ग पर यात्रा का क्रम इस प्रकार है— जम्मू → पहलगाम → चंदनवाड़ी → पिस्सू टॉप → शेषनाग → पंचतरणी → अमरनाथ गुफा। इस रास्ते की कुल दूरी लगभग 32 किलोमीटर है। हालांकि यह मार्ग लंबा है, लेकिन इसमें कई पड़ाव बनाए गए हैं, जहां श्रद्धालु आराम कर सकते हैं। रास्ते में भोजन, चिकित्सा और ठहरने जैसी सुविधाएं भी अच्छी तरह उपलब्ध रहती हैं।

इस मार्ग का बेस कैंप अनंतनाग जिले के नुनवान (पहलगाम) में स्थित है, जो श्रीनगर से लगभग 90 किलोमीटर दूर है। यात्रा शुरू करने के लिए प्रवेश द्वार (एक्सेस कंट्रोल गेट) चंदनवाड़ी में बनाया गया है, जो नुनवान से लगभग 12 किलोमीटर दूर है।

बालटाल मार्ग

बालटाल मार्ग दूरी के हिसाब से छोटा है, लेकिन यह काफी खड़ी चढ़ाई वाला रास्ता है। इसलिए इसे अपेक्षाकृत अधिक कठिन माना जाता है। इस मार्ग पर यात्रा का क्रम इस प्रकार है— जम्मू → बालटाल → डोमेल → बरारी → अमरनाथ गुफा। इस रास्ते की कुल दूरी लगभग 14 किलोमीटर है। बालटाल का बेस कैंप गांदरबल जिले में स्थित है, जो श्रीनगर से लगभग 95 किलोमीटर दूर है। यात्रा शुरू करने का प्रवेश द्वार डोमेल में है, जो बालटाल से लगभग 2.5 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।

 

यात्रा के दौरान मिलने वाली सुविधाएं
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए यात्रा मार्ग पर कई तरह की व्यवस्थाएं की गई हैं।

ठहरने की व्यवस्था
नुनवान, बालटाल, शेषनाग और पंचतरणी जैसे प्रमुख पड़ावों पर किराए पर टेंट उपलब्ध कराए गए हैं। यहां श्रद्धालु रात में आराम कर सकते हैं।

मुफ्त लंगर
यात्रा मार्ग पर कई धार्मिक संस्थाएं और स्वयंसेवी संगठन श्रद्धालुओं के लिए निशुल्क भोजन, चाय, पानी और हल्का नाश्ता उपलब्ध कराते हैं। हजारों श्रद्धालु हर दिन इन लंगरों का लाभ उठाते हैं।

स्वास्थ्य सेवाएं
यात्रा के दौरान स्वास्थ्य सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा गया है। मार्ग पर जगह-जगह बेस हॉस्पिटल, मेडिकल सहायता केंद्र, ऑक्सीजन बूथ, एम्बुलेंस सेवा, आपातकालीन चिकित्सा सुविधा उपलब्ध रहेगी। इन सेवाओं का संचालन जम्मू-कश्मीर स्वास्थ्य विभाग, सेना, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) और कई स्वयंसेवी संस्थाएं मिलकर करेंगी।

क्लॉक रूम
श्रद्धालु अपने अतिरिक्त सामान को सुरक्षित रखने के लिए विभिन्न कैंपों और पवित्र गुफा के पास बने क्लॉक रूम का उपयोग कर सकते हैं।

पार्किंग सुविधा
बालटाल बेस कैंप में दोपहिया, कार, बस और अन्य भारी वाहनों के लिए पार्किंग की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।

मोबाइल नेटवर्क
यात्रा मार्ग पर BSNL, Jio और Airtel की मोबाइल सेवाएं उपलब्ध रहेंगी। कई स्थानों पर प्रीपेड और पोस्टपेड सिम कार्ड भी खरीदे जा सकेंगे।

टट्टू और पालकी
जिन श्रद्धालुओं को पैदल चलने में कठिनाई होती है, उनके लिए तय स्थानों से टट्टू (घोड़ा) और पालकी किराए पर उपलब्ध रहेगी।

हेलीकॉप्टर सेवा नहीं मिलेगी
इस वर्ष अमरनाथ यात्रा के दौरान हेलीकॉप्टर सेवा उपलब्ध नहीं होगी। सरकार ने सुरक्षा कारणों से 1 जुलाई 2026 से यात्रा समाप्त होने तक पहलगाम और बालटाल दोनों मार्गों को ‘नो-फ्लाइंग जोन’ घोषित किया है। इसलिए श्रद्धालुओं को पूरी यात्रा सड़क और पैदल मार्ग से ही करनी होगी।

अमरनाथ यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन कैसे करें?
श्रद्धालु ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीकों से अपना पंजीकरण करा सकते हैं।

ऑनलाइन आवेदन करते समय इन बातों का ध्यान रखें—
एक मोबाइल नंबर से अधिकतम चार यात्रियों का पंजीकरण किया जा सकता है। आवेदन जमा करने के बाद उसमें कोई बदलाव नहीं किया जा सकता। एडवांस ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन 3 जुलाई 2026 से 12 अगस्त 2026 तक उपलब्ध रहेगा। बाद की यात्रा तिथियों के लिए पंजीकरण बाद में खोला जाएगा। रजिस्ट्रेशन के लिए अधिकृत डॉक्टर या अस्पताल द्वारा जारी स्वास्थ्य प्रमाण पत्र (हेल्थ सर्टिफिकेट) अनिवार्य होगा।

ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन
जो श्रद्धालु ऑनलाइन आवेदन नहीं कर पाए हैं, वे ऑफलाइन भी पंजीकरण करा सकते हैं। इसके लिए जम्मू के निर्धारित रजिस्ट्रेशन केंद्रों से टोकन लेकर रजिस्ट्रेशन और RFID कार्ड प्राप्त किए जा सकते हैं। इसके अलावा देशभर में SBI, पंजाब नेशनल बैंक, यस बैंक और जम्मू-कश्मीर बैंक की 500 से अधिक अधिकृत शाखाओं में भी रजिस्ट्रेशन की सुविधा उपलब्ध है।

यात्रा के दौरान ट्रैफिक एडवाइजरी
अमरनाथ यात्रा के दौरान वाहनों की आवाजाही को सुरक्षित और सुचारु बनाए रखने के लिए जम्मू-कश्मीर पुलिस ने विशेष ट्रैफिक एडवाइजरी जारी की है। यात्रियों, पर्यटकों और आम नागरिकों से सभी ट्रैफिक नियमों का पालन करने की अपील की गई है।

मुख्य निर्देश इस प्रकार हैं—

  • श्रद्धालुओं के काफिले के गुजरने के दौरान नवयुग टनल पर कुछ समय के लिए आम वाहनों की आवाजाही रोकी जाएगी।
  • कश्मीर से जम्मू जाने वाले वाहन सुबह 11:30 बजे से पहले नवयुग टनल पार करें।
  • जम्मू से कश्मीर जाने वाले वाहन दोपहर 3 बजे के बाद नवयुग टनल में प्रवेश नहीं कर सकेंगे।
  • मीर बाजार से श्रीनगर और अनंतनाग की ओर जाने वाले वाहनों को शाम 4 बजे से पहले निकलना होगा।
  • नवयुग टनल की ओर जाने वाले वाहनों को शाम 5 बजे से पहले निर्धारित चेक प्वाइंट पार करना होगा।

 

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