अयोध्या: राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी और गड़बड़ी के मामले के बीच श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय का बड़ा बयान सामने आया है। सूत्रों के अनुसार, उन्होंने अपने करीबी सहयोगियों से कहा है कि अब वह इस विवाद और बदनामी के साथ अपनी जिम्मेदारी आगे नहीं निभाना चाहते। बताया जा रहा है कि वह इन दिनों काफी दुखी हैं और एकांत में समय बिता रहे हैं।
सूत्रों के मुताबिक, चंपत राय ने अपने कुछ भरोसेमंद लोगों से बातचीत के दौरान कहा कि जिन लोगों पर उन्होंने सबसे ज्यादा विश्वास किया, उन्हीं लोगों ने उनका भरोसा तोड़ दिया। उन्होंने किसी व्यक्ति का नाम नहीं लिया, लेकिन कहा कि इस घटना से उन्हें गहरा मानसिक आघात पहुंचा है। उन्होंने यह भी कहा कि अयोध्या और राम मंदिर के लिए उन्होंने जितनी सेवा करनी थी, वह अब पूरी हो चुकी है। उनके अनुसार, इतने गंभीर आरोपों और सामाजिक कलंक के साथ वह अपने पद पर बने रहना उचित नहीं समझते। इसलिए वह आगे अपनी जिम्मेदारी नहीं निभाना चाहते।
जानकारी के अनुसार, चंपत राय ने इस मामले में नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए अपने पद से इस्तीफे की पेशकश भी की है। ट्रस्ट के एक अन्य सदस्य अनिल मिश्रा ने भी इस्तीफा देने की इच्छा जताई है। दोनों के इस्तीफों पर 6 जुलाई को होने वाली श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की अहम बैठक में चर्चा होगी। बताया जा रहा है कि ट्रस्ट के सदस्य दो-तिहाई बहुमत के आधार पर अंतिम फैसला लेंगे। इस बैठक में ट्रस्ट के कामकाज और प्रबंधन में संभावित बदलावों पर भी चर्चा होने की उम्मीद है। साथ ही उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित विशेष जांच दल (SIT) की सिफारिशों पर भी विचार किया जाएगा।
यह पूरा विवाद 7 जून को उस समय शुरू हुआ था, जब समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने राम मंदिर के चढ़ावे में गड़बड़ी और धन के दुरुपयोग के आरोप लगाए थे। इसके बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया। एसआईटी ने 23 जून को अपनी शुरुआती रिपोर्ट सरकार को सौंपी। रिपोर्ट में कथित अनियमितताओं की पुष्टि होने के बाद 25 जून को एफआईआर दर्ज की गई। पुलिस ने चढ़ावे की गिनती से जुड़े आठ लोगों को गिरफ्तार किया।
इसके अलावा जांच के दौरान चंपत राय समेत ट्रस्ट के कई पदाधिकारियों के भी बयान दर्ज किए गए हैं। फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है। 6 जुलाई को होने वाली ट्रस्ट की बैठक में चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफों के साथ-साथ ट्रस्ट के भविष्य और प्रबंधन से जुड़े महत्वपूर्ण फैसले लिए जा सकते हैं।