Last Updated: September 22, 2026

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4.43 लाख से अधिक मरीज, 782 करोड़ रुपये का कैशलेस उपचार: भगवंत मान सरकार की ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ से बदल रही है पंजाब के स्वास्थ्य ढांचे की तस्वीर

July 6, 2026

4.43 लाख से अधिक मरीज, 782 करोड़ रुपये का कैशलेस उपचार: भगवंत मान सरकार की ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ से बदल रही है पंजाब के स्वास्थ्य ढांचे की तस्वीर

Chief Minister Sehat Yojana: पंजाब की ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ राज्य के स्वास्थ्य क्षेत्र की तस्वीर बदल रही है। स्टेट हेल्थ एजेंसी (एसएचए) पंजाब के अनुसार, पटियाला जिला इस योजना को अपनाने और इसके उपयोग में सबसे आगे है तथा कार्यक्रम के तहत राज्य में सबसे अधिक मरीजों और खर्च के मामले में शीर्ष पर है। पूरे पंजाब में 4,43,906 से अधिक मरीज लाभान्वित हो चुके हैं और उन पर कुल 782.79 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किया गया है।

सरकारी और सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में कैशलेस उपचार उपलब्ध करवाने के लिए तैयार की गई ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ राज्य की सबसे बेहतर जनकल्याणकारी योजनाओं में से एक बन चुकी है। एसएचए पंजाब के ताजा आंकड़ों (23 जून तक) के अनुसार इस योजना ने बड़े स्तर पर परिवर्तन लाया है।

पटियाला योजना का लाभ लेने में सबसे आगे है, जहां 52,672 मरीजों के उपचार पर लगभग 79.15 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। इसके बाद बठिंडा है, जहां 30,813 मरीजों पर 76.81 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं, जबकि लुधियाना में 44,227 मरीजों पर 60.54 करोड़ रुपये का खर्च दर्ज किया गया है। पटियाला की अग्रणी स्थिति से प्रतीत होता है कि यहां अस्पतालों के साथ बेहतर समन्वय और लाभार्थियों में योजना के प्रति अधिक जागरूकता है।

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने एक बयान में कहा, “इस योजना ने लोगों को उनकी जेब से होने वाले बड़े स्वास्थ्य खर्चों से राहत दी है।” उन्होंने कहा, “मुख्यमंत्री सेहत योजना केवल कागज पर आधारित नीति नहीं है, बल्कि उन परिवारों के लिए जीवन रेखा है, जिन्हें कभी अस्पताल के बिल बीमारी से भी अधिक डरावने लगते थे।”

पूरे पंजाब में योजना का प्रभाव स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। जालंधर (27,682 मरीज), अमृतसर (20,503) और एस.ए.एस. नगर (20,085) जैसे जिलों ने योजना का व्यापक लाभ उठाया है, जबकि छोटे जिले जैसे कपूरथला (9,384) और मलेरकोटला (3,181) में भी योजना की पहुंच और उपयोग लगातार बढ़ रहा है।

एसएचए के आंकड़ों के अनुसार राज्य भर में 4,43,906 मरीजों ने लाभ प्राप्त किया है और उन पर कुल 782.79 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। डॉ. बलबीर सिंह ने जोर देते हुए कहा, “हमारा उद्देश्य बहुत सरल है—पंजाब में कोई भी परिवार बीमारी के कारण कर्जदार न हो। यह योजना हर तिमाही के साथ और अधिक विस्तार पा रही है।”

ग्रामीण क्षेत्रों में यह योजना आम जनता के बीच काफी चर्चा में है। मानसा के 62 वर्षीय किसान गुरमीत सिंह ने कहा, “यदि यह योजना नहीं होती तो उपचार के लिए मुझे अपनी जमीन बेचनी पड़ती।” ऐसे अनुभव संगरूर, होशियारपुर और फिरोजपुर आदि जिलों में भी सामने आ रहे हैं, जहां मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत अस्पतालों में भर्ती होने वाले मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है।

गुरदासपुर और रूपनगर जैसे जिलों में भी औसत आंकड़े होने के बावजूद योजना का लगातार बढ़ता उपयोग इस बात का संकेत देता है कि लोगों में जागरूकता बढ़ रही है और सूचीबद्ध अस्पतालों के नेटवर्क का भी निरंतर विस्तार हो रहा है।

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