Last Updated: October 13, 2026

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पहले दिन बेटी को कंधा, अगले दिन पिता भी छोड़ गए दुनिया

July 11, 2026

पहले दिन बेटी को कंधा, अगले दिन पिता भी छोड़ गए दुनिया

Death of father and daughter in the family : रेवाड़ी। हंस नगर में भीषण धमाके ने एक ही परिवार की खुशियां उजाड़ दीं। जिस पिता ने एक दिन पहले ही अपनी जवान बेटी को नम आंखों से अंतिम विदाई दी थी, वह खुद भी जिंदगी की जंग हार गया। गंभीर रूप से झुलसे पूर्व सैनिक सतबीर चौहान ने शनिवार को अस्पताल में अंतिम सांस ली। अब इस हादसे ने पूरे परिवार को गहरे सदमे और इलाके को शोक में डुबो दिया।

परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

बेटी तन्नु का अंतिम संस्कार शुक्रवार शाम को ही किया गया था और शनिवार को उनके पिता ने भी दम तोड़ दिया। अब इस हादसे में मृतकों की संख्या दो हो गई है। इस मामले में मॉडल टाउन थाना पुलिस ने आईजीएल (इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड) के कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। वहीं सतबीर की पत्नी, भतीजी और पड़ोसी दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में भर्ती हैं, जहां उनका इलाज जारी है। सतबीर चौहान की पत्नी मधु ने बताया कि 5 जुलाई को शाम के वक्त गेट के पास चारपाई पर बैठे मेर पति सतबीर और कुर्सी पर बैठे पड़ोसी जयभगवान चाय पी रहे थे।

बटन दबाते ही उजड़ गया परिवार

उनके चाय पीने के बाद मैं वो बर्तन रसोई में रखने चली गई। तभी मेरी बेटी तन्नु ने बेटे आकाश के कपड़े प्रेस करने के लिए स्विच ऑन किया और तभी जोरदार धमाका हो गया। मधु ने बताया कि इस धमाके में मेरी बेटी काफी ज्यादा जल गई। पति सतबीर का मुंह, हाथ और पैर व पड़ोसी जयभगवान का हाथ, पैर और मुंह जल गया। चारपाई पर सो रही मेरी 2 वर्षीय भतीजी के मुंह, हाथ, पैर जल गए। जब मैंने भागकर आग बुझाने की कोशिश की, तो मेरे भी हाथ जल गए। मैं जोर से चिल्लाई तो सभी पड़ोसी इकट्ठा हो गए। उन्होंने आग बुझाई।

पहले आई गैस की बदबू, फिर धमाका

मुझे, मेरे पति, बेटी, भतीजी और पड़ोसी को ट्रॉमा सेंटर में भर्ती करवाया गया। हादसे से कुछ समय पहले मेरे पति कह रहे थे कि मेन गेट पर गैस की बदबू आ रही है। आरोप है कि यह हादसा आईजीएल की पीएनजी (पाइप्ड नेचुरल गैस) गेस टेस्टिंग व पाइप लाइन खुली होने के कारण घर के अंदर काफी मात्रा में गैस जमा होने से हुआ है। यह आईजीएल कंपनी कर्मचारियों की लापरवाही के कारण हुआ है। शुक्रवार शाम को पूर्व सैनिक सतबीर चौहान के पैतृक गांव टांकड़ी में बेटी तन्नु का अंतिम संस्कार किया गया था।

शादी से पहले बुझ गई तन्नु की जिंदगी

हादसे में झुसली तन्नु की वीरवार शाम दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई थी। मंगनी के बाद परिवार ने 25 नवंबर को तन्नु की शादी तय की हुई थी। डॉक्टरों के अनुसार तन्नु 90 प्रतिशत झुलसी हुई थी। वहीं, शनिवार सुबह पिता सतबीर चौहान ने भी दम तोड़ दिया। सतबीर 70 प्रतिशत तक झुलस गए थे, वहीं, पड़ोसी जयभगवान 60 और 2 वर्षीय बच्ची 50 प्रतिशत से ज्यादा झुलसे हैं।

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