Last Updated: September 27, 2026

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शोध रिपोर्ट: चीन का विद्युत तकनीकी नवाचार विश्व में प्रथम स्थान पर

July 12, 2026

शोध रिपोर्ट: चीन का विद्युत तकनीकी नवाचार विश्व में प्रथम स्थान पर

संयुक्त राष्ट्र सतत विकास उच्च-स्तरीय राजनीतिक मंच के वैश्विक ऊर्जा इंटरनेट विषयगत कार्यक्रम 10 जुलाई को न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में जारी “वैश्विक विद्युत विकास सूचकांक (2026)” शोध रिपोर्ट के अनुसार, चीन की विद्युत विकास समग्र रैंकिंग विश्व के अग्रणी देशों में शामिल है, जिसमें विद्युत तकनीकी नवाचार विश्व में प्रथम स्थान पर है।

रिपोर्ट में आपूर्ति सुरक्षा, उपभोग सेवा, हरित निम्न-कार्बन, और तकनीकी नवाचार समेत चार आयामों के आधार पर दुनिया के 100 देशों की विद्युत विकास स्तर का मूल्यांकन किया गया। समग्र विकास स्तर में शीर्ष पाँच देश क्रमशः फिनलैंड, स्वीडन, स्विट्जरलैंड, चीन और नॉर्वे रहे। चीन का विद्युत तकनीकी नवाचार विश्व में प्रथम, स्वच्छ ऊर्जा संस्थापित क्षमता विश्व में प्रथम, तथा विद्युत डिजिटल-बुद्धिमत्ता प्रौद्योगिकी का अनुप्रयोग विश्व में अग्रणी रहा।

रिपोर्ट में बताया गया कि 2025 में विश्व भर में नवीन ऊर्जा की कुल संस्थापित क्षमता 3.95 अरब किलोवाट से अधिक हो गई, जो विश्व भर में विद्युत संस्थापित क्षमता का लगभग 40% है, और वैश्विक विद्युत क्षेत्र में तीव्र परिवर्तन हो रहा है। कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डिजिटल ट्विन, आभासी विद्युत संयंत्र जैसी प्रौद्योगिकियाँ अब प्रदर्शन परियोजनाओं से बड़े पैमाने पर अनुप्रयोग की ओर बढ़ रही हैं।

इस कार्यक्रम का आयोजन वैश्विक ऊर्जा इंटरनेट विकास एवं सहयोग संगठन, संयुक्त राष्ट्र में चीन के स्थायी प्रतिनिधिमंडल, संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (UNDP), संयुक्त राष्ट्र एशिया-प्रशांत आर्थिक और सामाजिक आयोग (ESCAP), तथा संयुक्त राष्ट्र सतत विकास समाधान नेटवर्क द्वारा संयुक्त रूप से किया गया।

संयुक्त राष्ट्र आर्थिक एवं सामाजिक परिषद के अध्यक्ष लॉक थापा ने अपने संबोधन में सुझाव दिया कि वैश्विक स्तर पर विकासशील देशों में हरित ऊर्जा बुनियादी ढाँचे के निवेश को बढ़ाया जाना चाहिए, प्रौद्योगिकी के सार्वभौमिक साझाकरण को बढ़ावा दिया जाना चाहिए, निष्पक्षता-उन्मुख दृष्टिकोण अपनाया जाना चाहिए, तथा नवाचार के माध्यम से एक लचीला और समावेशी वैश्विक ऊर्जा परिवर्तन पथ तैयार किया जाना चाहिए।

संयुक्त राष्ट्र के उप-महासचिव ली चूनहुआ ने कहा कि ऊर्जा सतत विकास की नींव है, सभी देशों को ऊर्जा तकनीकी नवाचार और ग्रिड अंतर-संपर्क में तेजी लानी चाहिए, विकासशील देशों को नीतिगत और तकनीकी सहायता प्रदान करनी चाहिए, बहु-क्षेत्रीय बहुपक्षीय साझेदारी को गहरा करना चाहिए, तथा एक न्यायसंगत और समावेशी ऊर्जा परिवर्तन को बढ़ावा देना चाहिए।

(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)

 

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