Last Updated: October 24, 2026

Dainik Savera Times Logo

संसद में पेपर लीक और छात्रों पर लाठीचार्ज को लेकर जोरदार हंगामा,  विपक्ष ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग उठाई

July 21, 2026

संसद में पेपर लीक और छात्रों पर लाठीचार्ज को लेकर जोरदार हंगामा,  विपक्ष ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग उठाई

नई दिल्लीः मानसून सत्र के दूसरे दिन, मंगलवार को संसद के दोनों सदनों में छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज और पेपर लीक के मुद्दे को लेकर भारी हंगामा हुआ। विपक्षी दलों ने इस मामले पर सरकार से जवाब मांगा और संसद में चर्चा कराने की मांग की। लगातार शोर-शराबा और नारेबाजी के कारण लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक स्थगित करनी पड़ी।

विपक्ष की मांग- पेपर लीक पर हो चर्चा
विपक्षी सांसदों का कहना था कि देशभर में बार-बार पेपर लीक की घटनाएं हो रही हैं, जिससे लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हो रहा है। उनका आरोप था कि सरकार इस गंभीर समस्या पर ध्यान नहीं दे रही है। विपक्ष चाहता था कि संसद में इस मुद्दे पर विस्तृत चर्चा हो और सरकार अपना पक्ष स्पष्ट करे।

लोकसभा और राज्यसभा में नारेबाजी
जैसे ही लोकसभा की कार्यवाही शुरू हुई, विपक्षी सांसदों ने पेपर लीक और छात्रों पर कार्रवाई के विरोध में नारे लगाने शुरू कर दिए। इसी तरह राज्यसभा में भी विपक्ष ने सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। लगातार हंगामे के कारण दोनों सदनों की कार्यवाही कुछ समय के लिए रोकनी पड़ी।

मल्लिकार्जुन खरगे का सरकार पर बड़ा आरोप
राज्यसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि विपक्ष को अपनी बात रखने का मौका नहीं दिया जा रहा है। उनका दावा था कि जैसे ही उन्होंने बोलना शुरू किया, उनका माइक बंद कर दिया गया। खरगे ने कहा कि देशभर में हजारों छात्र पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन उनकी बात सुनने के बजाय उन पर लाठीचार्ज किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों को पीटा गया और उन पर आंसू गैस के गोले छोड़े गए। उनके अनुसार यह घटना लोकतंत्र के लिए बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है।

“एक शब्द बोलते ही माइक बंद कर दिया गया”
खरगे ने कहा कि विपक्ष केवल छात्रों के साथ हुए व्यवहार और पेपर लीक के मुद्दे पर चर्चा करना चाहता था। उनका कहना था कि उन्होंने जैसे ही अपनी बात शुरू की, उनका माइक बंद कर दिया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर संसद में विपक्ष अपनी बात नहीं रख सकता, तो लोकतंत्र का क्या मतलब रह जाता है? उन्होंने मांग की कि इस पूरे मामले पर संसद में चर्चा हो और गृह मंत्री सदन में आधिकारिक बयान दें।

 

सरकार पर छात्रों को दबाने का आरोप
खरगे ने कहा कि सरकार को यह बताना चाहिए कि प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज क्यों किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार लोगों की आवाज दबाने का काम कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि विपक्ष को संसद में इन मुद्दों पर बोलने का मौका नहीं दिया गया। उनके अनुसार विपक्षी सांसदों को सदन से बाहर जाने तक की अनुमति नहीं दी गई और उन्हें अंदर ही रोककर रखा गया। खरगे ने आरोप लगाया कि देश में अराजक माहौल बन रहा है और सरकार इसे रोकने के बजाय बढ़ावा दे रही है।

राहुल गांधी ने उठाए छात्रों के भविष्य से जुड़े सवाल
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा कि संसद में छात्रों के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि पेपर लीक की घटनाओं ने परीक्षा प्रणाली पर लोगों का भरोसा कमजोर कर दिया है। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि जो छात्र अपने अधिकारों के लिए शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे, उनके साथ मारपीट की गई। उन्होंने पूछा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस पूरे मामले पर चुप क्यों हैं और सरकार ने अब तक छात्रों से माफी क्यों नहीं मांगी।

“शिक्षा व्यवस्था पर आरएसएस का कब्जा”
राहुल गांधी ने यह भी आरोप लगाया कि देश की शिक्षा व्यवस्था पर आरएसएस का प्रभाव बढ़ गया है। उन्होंने कहा कि मौजूदा शिक्षा व्यवस्था सही तरीके से काम नहीं कर रही है और लगातार पेपर लीक होने से लाखों युवाओं का भविष्य खतरे में पड़ गया है। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की मांग की।

प्रियंका गांधी ने युवाओं की चिंता जताई
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने कहा कि उनकी पार्टी लंबे समय से पेपर लीक का मुद्दा उठाती रही है, लेकिन सरकार ने इस पर प्रभावी कार्रवाई नहीं की। उन्होंने कहा कि देशभर के लाखों माता-पिता अपने बच्चों की पढ़ाई के लिए कर्ज लेते हैं और कई साल तक मेहनत करते हैं। लेकिन जब परीक्षा का पेपर लीक हो जाता है, तो छात्रों की सारी मेहनत बेकार चली जाती है।

“नियुक्ति पत्र का इंतजार करते-करते उम्र निकल रही है”
प्रियंका गांधी ने उत्तर प्रदेश का उदाहरण देते हुए कहा कि उन्हें 26-27 साल के कई ऐसे युवा मिले, जो वर्षों से सरकारी नौकरी का इंतजार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कई युवाओं की शादी तक इसलिए नहीं हो पा रही क्योंकि उन्हें अब तक नौकरी नहीं मिली। उनका कहना था कि छात्र परीक्षा की तैयारी करते हैं, लेकिन बार-बार पेपर लीक होने से उनकी उम्मीदें टूट जाती हैं।

शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग
प्रियंका गांधी ने कहा कि पेपर लीक का मामला बेहद गंभीर है और इसे हल्के में नहीं लिया जा सकता। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष जब भी इस विषय पर संसद में चर्चा करना चाहता है, उसे बोलने का मौका नहीं दिया जाता। उन्होंने कहा कि जिन युवाओं पर लाठीचार्ज किया गया और आंसू गैस छोड़ी गई, उनकी बात सरकार को सुननी चाहिए। साथ ही उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराई।

विपक्ष ने कहा- पेपर लीक की घटनाओं ने लाखों छात्रों का भविष्य संकट में डाल दिया 
विपक्ष का कहना है कि पेपर लीक की घटनाओं ने लाखों छात्रों का भविष्य संकट में डाल दिया है। उनका आरोप है कि सरकार इस मुद्दे पर गंभीर नहीं है और संसद में चर्चा से भी बच रही है। विपक्ष ने मांग की कि छात्रों की समस्याओं पर खुलकर चर्चा हो, दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए और सरकार युवाओं का भरोसा वापस जीतने के लिए ठोस कदम उठाए।

 

खबरें और भी हैं...

Copyright © 2025 Dainik Savera Times. All rights reserved.
ऐप खोलें