Last Updated: September 22, 2026

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सभी स्कूल होंगे हाईटेक: पहली से 12वीं तक ‘आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस’ बनेगा मुख्य विषय

July 12, 2026

सभी स्कूल होंगे हाईटेक: पहली से 12वीं तक ‘आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस’ बनेगा मुख्य विषय

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने राज्य को स्कूल शिक्षा के क्षेत्र में एक नया अध्याय जोड़ते हुए पहली से 12वीं कक्षा तक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को मुख्य विषय के रूप में शामिल करने का फैसला लिया है। इसके साथ ही पंजाब ऐसा करने वाला भारत का पहला राज्य बन गया है। इस पहल का उद्देश्य छात्रों को भविष्य की तकनीकी दुनिया के लिए तैयार करना और शुरुआती स्तर से ही आधुनिक डिजिटल कौशल प्रदान करना है।

सरबत.आर्टिफिशियल इंटेलिजेंसपरियोजना के तहत होगी शुरुआत

पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड इस महत्वाकांक्षी कार्यक्रम को ‘सरबत.आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस’ परियोजना के तहत चरणबद्ध तरीके से लागू करेगा। यह देश के सबसे बड़े राज्य स्तरीय आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस शिक्षा अभियानों में शामिल माना जा रहा है। पंजाब सरकार का लक्ष्य छात्रों को केवल तकनीक का उपयोग करना ही नहीं, बल्कि नवाचार और समस्या समाधान जैसे कौशल भी सिखाना है।

हरजोत सिंह बैंस ने किया शुभारंभ

स्कूल शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने दिल्ली के पूर्व शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया, शिक्षा विशेषज्ञों और तकनीकी साझेदारों की मौजूदगी में इस परियोजना का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि अब पंजाब के हर सरकारी और पीएसईबी से जुड़े स्कूल में AI शिक्षा को पाठ्यक्रम का अहम हिस्सा बनाया जाएगा, ताकि शहर और गांव के विद्यार्थियों को समान अवसर मिल सकें।

अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप तैयार किया गया पाठ्यक्रम

पंजाब सरकार के अनुसार, AI का पाठ्यक्रम सिंगापुर, फिनलैंड, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) और अमेरिका जैसे देशों की शिक्षा प्रणालियों का अध्ययन करने के बाद तैयार किया गया है। इसे यूनेस्को के नैतिक AI ढांचे के अनुरूप विकसित किया गया है, ताकि विद्यार्थी तकनीक का सुरक्षित, जिम्मेदार और नैतिक उपयोग करना सीख सकें।

दो चरणों में लागू होगी योजना

कार्यक्रम के पहले चरण में आठवीं से 12वीं कक्षा तक AI को कंप्यूटर साइंस विषय के साथ जोड़ा जाएगा। विद्यार्थियों को लाइव ऑनलाइन क्लास, रिकॉर्डेड लेक्चर, प्रोजेक्ट आधारित शिक्षा, नियमित मूल्यांकन और लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टम के माध्यम से प्रशिक्षण दिया जाएगा।

दूसरे चरण में पहली से सातवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों के लिए भी ‘आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस’ आधारित पाठ्यक्रम लागू किया जाएगा।

लाखों विद्यार्थियों और शिक्षकों को मिलेगा लाभ

पंजाब सरकार के मुताबिक, इस परियोजना से राज्य के 25 हजार से अधिक स्कूलों और लगभग 31.5 लाख विद्यार्थियों को लाभ मिलेगा। शुरुआती चरण में 12,424 कंप्यूटर साइंस शिक्षक कार्यक्रम का संचालन करेंगे, जबकि आने वाले समय में सभी विषयों के दो लाख से अधिक शिक्षकों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित शिक्षण के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा।

तकनीकी कंपनियों का मिलेगा सहयोग

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस शिक्षा कार्यक्रम को लागू करने में कई प्रमुख तकनीकी संस्थानों और कंपनियों का सहयोग लिया जाएगा। इस पहल के तहत शिक्षकों की क्षमता बढ़ाने, डिजिटल संसाधन उपलब्ध कराने और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न तकनीकी साझेदारों के साथ मिलकर काम किया जाएगा।

विद्यार्थियों को भविष्य के लिए तैयार करने पर फोकस

शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस उपयोगकर्ता बनाना नहीं, बल्कि उन्हें तकनीक आधारित समाधान विकसित करने, नवाचार करने और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने के लिए तैयार करना है।

उन्होंने कहा कि पंजाब पहले हरित क्रांति का नेतृत्व कर चुका है और अब राज्य आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित शिक्षा के क्षेत्र में भी देश का नेतृत्व करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

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