यमुनानगर : जिस घर में नौकरी की, उसी घर में पूर्व में काम कर चुकी महिला ने अपने दो बेटों के साथ मिलकर सिक्योरिटी गार्ड को बंधक बनाकर लूट की वारदात को अंजाम दिया। सीआईए वन की टीम ने महिला व उसके दो बेटों को गिरफ्तार किया है। महिला को कोर्ट में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया, जबकि दोनों आरोपी बेटों को रिमांड पर लिया गया है। आरोपियों से लूटे गए पचास हजार भी बरामद किये गए है।
सीआईए वन इंचार्ज राजकुमार ने बताया कि एक महिला और उसके दो साथियों ने मिलकर प्रौफेसर कालोनी यमुनानगर में प्लाईवुड व्यापारी भूवनेश बसंल के मकान में दाखिल होकर चौकीदार को चाकू के दम पर बंदी बनाकर घर के अन्दर से 3 लाख रुपए कैश व एक चांदी के सिक्के की लूट की वारदात को अंजाम दिया था। सीआईए वन इंचार्ज राजकुमार द्वारा एएसआई मनीष, एएसआई सुखदेव, अमरजीत सिंह, कुलदीप सिंह,मनीष, महिला राजबाला की एक टीम गठित की गई थी।
इस टीम में शामिल पुलिस कर्मचारियों ने गुप्त सूचना के आधार पर इस वारदात में शामिल मुख्य आरोपी वर्षा रानी पत्नी शिम्पी कुमार वासी आजाद नगर यमुनानगर को आजाद नगर से गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है। जिससे इस वारदात के बारे गहनता से पूछताछ की गई, जिसने पूछताछ पर अपना अपराध कबूल कर लिया है और इस वारदात में लूटे गए कैश में से एक चांदी का सिक्का व 50 हजार रूपये बरामद कर लिये हैं। जिसने पूछताछ पर बताया कि उसने यह वारदात अपने दोनों लडको हर्ष वा मनप्रीत के साथ मिलकर की है जिनको भी आज वर्षा की निशानदेही पर गिरफतार कर लिया गया है।
आठ महीने पहले छोड़ चुकी नौकरी इंचार्ज राजकुमार ने बताया कि आरोपी महिला पहले उद्योगपति के घर में नौकरी करती थी, आठ महीने पहले ही उसने वहां से नौकरी छोडी। उसे उद्योपगति के बारे सबकुछ पता था। उसका बेटा मुम्बई व बेटी चाइना रहती है जबकि उद्योगपति भी बिजनेस के सिलसिले में बाहर रहता था। वह आस पास आकर रैकी करती थी और रात को बेटों के साथ कार में सवार होकर वारदात को अंजाम दिया। महिला ने पहले ही अलमारी की दूसरी चाबियां बनवा ली थी। वारदात के बाद वह अपने बेटे हर्ष को लेकर मायके चली गई जबकि दूसरा बेटा अपने ससुराल चला गया।