
अमृतसर: पंजाब सरकार के आदेश के मुताबिक, नेशनल डी-वार्मिंग डे पर ज़िला लेवल कैंपेन की शुरुआत सिविल सर्जन डॉ. रश्मि विज ने सेंट मैरी सीनियर सेकेंडरी स्कूल में बच्चों को एल्बेंडाज़ोल टैबलेट देकर की। इस मौके पर सिविल सर्जन डॉ. रश्मि विज ने कहा कि बच्चों के पेट में कीड़े होना एक आम बीमारी है, लेकिन अगर इसका समय पर इलाज न किया जाए, तो यह बीमारी कई दूसरी बीमारियों का रूप ले सकती है, जैसे एनीमिया, कुपोषण, कमज़ोरी, शारीरिक और मानसिक विकास में कमी इत्यादि। इसलिए, आज यह कैंपेन पूरे भारत में चलाया जा रहा है।
पैरामेडिकल स्टाफ़ घर आकर देगा टैबलेट
अमृतसर ज़िले में भी सभी सरकारी और प्राइवेट स्कूलों के बच्चों के अलावा पैरामेडिकल स्टाफ़ घरों में जाकर भी एल्बेंडाज़ोल टैबलेट दे रहा है। उन्होंने आम लोगों से अपील की कि वे इस कैंपेन का पूरा फ़ायदा उठाएं और अपने 1 से 19 साल के सभी बच्चों को एल्बेंडाज़ोल की गोलियां ज़रूर खिलाएं। उन्होंने कहा कि जो बच्चे आज छूट जाएंगे, उन्हें 17 अगस्त 2025 को मॉप अप डे पर एल्बेंडाज़ोल की गोलियां खिलाई जाएंगी।
ज़िला टास्क फ़ोर्स को दी ज़रूरी गाइडलाइंस
स्कूल हेल्थ नोडल ऑफिसर डॉ. नेहा अग्रवाल ने इस मौके पर कहा कि ज़िला प्रशासन ने “नेशनल डी-वार्मिंग डे” की कामयाबी के लिए एक दिन पहले ही ज़िला टास्क फ़ोर्स की मीटिंग करके ज़रूरी गाइडलाइंस दे दी हैं। इस कैंपेन के दौरान अमृतसर ज़िले में 1 से 19 साल के लगभग 7,29,500 बच्चों को कवर किया जाएगा। इसमें सरकारी स्कूल, प्राइवेट स्कूल, मान्यता प्राप्त स्कूल और आंगनवाड़ी के बच्चे शामिल हैं।
घर पर बना पौष्टिक खाना खाने का सुझाव
इसके अलावा, उन्होंने “नेशनल डी-वार्मिंग डे” की अहमियत के बारे में डिटेल में जानकारी दी। इस मौके पर डिस्ट्रिक्ट MEIO ने कहा कि हमें हेल्दी आदतों और पौष्टिक खाने पर ज़्यादा ध्यान देना चाहिए और बाज़ार की चीज़ों की जगह घर पर बने साफ़ और पौष्टिक खाने को प्राथमिकता देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि हमें खाने से पहले और टॉयलेट जाने के बाद हाथ धोने चाहिए और फिजिकल हाइजीन का ध्यान रखना चाहिए। इस मौके पर प्रिंसिपल मैडम रेनू मट्टू, स्कूल हेल्थ टीम की डॉ. अंजू, डॉ. परवीन भाटिया, लवप्रीत सिंह और सारा स्टाफ मौजूद था।
मेष: दिन शुभ रहेगा...