
Restrictive orders in Faridkot until October 3 : फरीदकोट। जिला मजिस्ट्रेट राहुल चाबा (IAS) ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता-2023 की धारा 163 के तहत जिले में कई प्रतिबंध लागू किए हैं। आदेश 3 अक्टूबर 2026 तक प्रभावी रहेंगे। लाउडस्पीकर के इस्तेमाल, सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे, शिक्षण संस्थानों के पास तंबाकू बिक्री और बिना मंजूरी सार्वजनिक तालाब भरने पर रोक लगाई गई है।
ज़िला मजिस्ट्रेट ने फरीदकोट ज़िले की सीमा के भीतर लाउडस्पीकर लगाने पर रोक लगा दी है। उन्होंने कहा कि पंजाब इंस्ट्रूमेंट्स (शोर नियंत्रण) एक्ट 1956 के तहत, कोई भी व्यक्ति रात 10 बजे से सुबह 6 बजे के बीच बिना इजाज़त के लाउडस्पीकर नहीं चला सकता। उन्होंने कहा कि खास हालात और मौकों पर, आयोजक संबंधित सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट से लिखित इजाज़त लेने और पंजाब इंस्ट्रूमेंट (शोर नियंत्रण) एक्ट, 1956 में बताई गई शर्तों का पालन करने के बाद ही लाउडस्पीकर का इस्तेमाल कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि ज़िले में लोग सांस्कृतिक, धार्मिक या त्योहारों के कार्यक्रमों के दौरान लाउडस्पीकर का इस्तेमाल करते हैं, जिससे सार्वजनिक शांति भंग होती है। इन सब बातों को ध्यान में रखते हुए, ज़िला मजिस्ट्रेट ने लाउडस्पीकर के इस्तेमाल पर रोक लगा दी है। यह रोक 3 अक्टूबर, 2026 तक लागू रहेगी।
इसके अलावा, फरीदकोट ज़िले की सीमा के भीतर किसी भी व्यक्ति द्वारा सरकारी सड़कों या रास्तों की ज़मीन पर अवैध कब्ज़ा करने पर भी रोक लगा दी गई है। उन्होंने कहा कि आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ धारा 223 BNS के तहत कार्रवाई की जाएगी।
तंबाकू की बिक्री पर रोक ज़िला मजिस्ट्रेट ने फरीदकोट ज़िले में शिक्षण संस्थानों के 100 मीटर के दायरे में तंबाकू रखने और 18 साल से कम उम्र के लोगों को इसे बेचने या इस्तेमाल करने पर पूरी तरह रोक लगा दी है। उन्होंने कहा कि तंबाकू का इस्तेमाल शरीर को नुकसान पहुंचाता है, जिससे व्यक्ति शारीरिक और मानसिक रूप से बीमार हो जाता है। यह रोक 3 अक्टूबर, 2026 तक लागू रहेगी।
फरीदकोट के ज़िला मजिस्ट्रेट ने फरीदकोट ज़िले के ग्रामीण इलाकों में सार्वजनिक तालाबों को भरने पर रोक लगा दी है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण इलाकों में आम लोग या पंचायतें सार्वजनिक तालाबों को भरने का काम करती हैं, जिससे गांवों में पानी का बहाव रुक जाता है और झगड़े का डर बना रहता है। इसी वजह से यह रोक लगाई गई है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण इलाकों में कोई भी व्यक्ति या पंचायत, ज़िला मजिस्ट्रेट (यानी खुद उनके), संबंधित सब-डिविज़नल मजिस्ट्रेट या संबंधित ब्लॉक डेवलपमेंट और पंचायत अधिकारी से पहले मंज़ूरी लिए बिना सार्वजनिक तालाबों को नहीं भरेगा। यह रोक 3 अक्टूबर, 2026 तक लागू रहेगी।
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