
नई दिल्ली [भारत]: एयर इंडिया ने सुरक्षा और प्रोफेशनलिज़्म के प्रति अपनी प्रतिबद्धता के तहत, मौजूदा नियमों की ज़रूरतों से आगे बढ़कर अपने सभी पायलटों के लिए एक स्वैच्छिक टेस्टिंग प्रोग्राम शुरू किया है।
एयरलाइन ने एक बयान में कहा, “सुरक्षा और प्रोफेशनलिज़्म के प्रति अपनी अटूट प्रतिबद्धता के अनुरूप, एयर इंडिया ने नियमों की ज़रूरतों से आगे बढ़कर सभी पायलटों के लिए स्वेच्छा से एक टेस्टिंग प्रोग्राम शुरू किया है।”
एयरलाइन ने आगे कहा कि यह प्रक्रिया अभी चल रही है और मीडिया व अन्य संबंधित पक्षों से अपील की कि वे बिना पुष्टि वाली या बिना आधार वाली जानकारी के आधार पर अटकलें लगाने या रिपोर्टिंग करने से बचें।
एयरलाइन ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, “क्योंकि यह प्रक्रिया अभी चल रही है, इसलिए हम मीडिया और अन्य संबंधित लोगों से अपील करते हैं कि वे बिना पुष्टि या बिना सबूत वाली जानकारी के आधार पर कोई अटकलें न लगाएं या रिपोर्टिंग न करें। किसी भी तरह का आकलन करने से पहले प्रक्रिया के पूरा होने और तथ्यों की पुष्टि का इंतज़ार करना चाहिए।”
यह बढ़ी हुई स्क्रीनिंग 4 अगस्त को फुकेत-दिल्ली फ़्लाइट AI2379 (एयरबस A320) में हुई घटना के बाद शुरू की गई है, जिसमें उड़ान के दौरान अचानक ऊंचाई में बदलाव आया था। एयरलाइन ने इस मौजूदा प्रक्रिया को सुरक्षा का एक अतिरिक्त उपाय बताया है, जो डायरेक्टरेट जनरल ऑफ़ सिविल एविएशन (DGCA) के मौजूदा रैंडम टेस्टिंग नियमों से कहीं ज़्यादा है।
एयर इंडिया ने कहा कि इस पहल का मकसद सुरक्षा के उच्चतम मानकों को बनाए रखना और यात्रियों व संबंधित लोगों को भरोसा दिलाना है। एयरलाइन ने अभी तक चल रहे टेस्ट के आधिकारिक नतीजे जारी नहीं किए हैं और कहा है कि नतीजे तभी निकाले जाएं जब प्रक्रिया पूरी हो जाए और तथ्यों की पुष्टि हो जाए।
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