
अमृतसर: पंजाब सरकार के निर्देशों के अनुसार स्वास्थ्य विभाग की ओर से ‘आंखें दान-महादान’ पखवाड़े की शुरुआत की गई। सिविल सर्जन डॉ. रश्मि विज ने 25 अगस्त से 8 सितंबर तक चलने वाले इस अभियान की शुरुआत सिविल सर्जन कार्यालय अमृतसर में जागरूकता बैनर जारी करके की।
आंखों का दान किसी की जिंदगी में ला सकता है रोशनी
इस अवसर पर जानकारी देते हुए सहायक सिविल सर्जन अमृतसर डॉ. राजिंदरपाल कौर ने कहा कि आंखों का दान महादान है। यदि कोई व्यक्ति अपनी आंखें दान करता है तो उसकी आंखों की रोशनी किसी दूसरे जरूरतमंद व्यक्ति के जीवन में उजाला ला सकती है।
उन्होंने बताया कि दुनिया में करीब 12 लाख लोग आंखों से जुड़ी बीमारियों से प्रभावित हैं, जबकि इनमें से लगभग 3 लाख लोग दृष्टिहीनता के साथ जीवन बिता रहे हैं। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के प्रत्येक कर्मचारी से अपील की कि वह अपने कार्यक्षेत्र में आने वाले लोगों को आंखें दान करने के लिए प्रेरित करें।
मृत्यु के बाद आंखें दान करने की अपील
जिला एमईआईओ अमरदीप सिंह ने बताया कि किसी दुर्घटना या अन्य कारण से मृत्यु होने की स्थिति में आंखें जल्द से जल्द दान की जा सकती हैं। उन्होंने कहा कि मृत्यु के बाद कम से कम 6 घंटे और अधिकतम 24 घंटे के भीतर आंखें दान की जा सकती हैं।
जिलेभर में चलाया जाएगा जागरूकता अभियान
इस पखवाड़े के दौरान अमृतसर जिले की सभी स्वास्थ्य संस्थाओं में आम जनता को आंखें दान करने के लिए जागरूक और प्रेरित किया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग का उद्देश्य लोगों को नेत्रदान के महत्व के बारे में जानकारी देना और अधिक से अधिक लोगों को इस नेक कार्य के लिए आगे आने के लिए प्रेरित करना है।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी और कर्मचारी रहे मौजूद
कार्यक्रम के दौरान जिला परिवार कल्याण अधिकारी डॉ. नीलम भगत, जिला एपिडेमियोलॉजिस्ट डॉ. हरजोत कौर, डॉ. नेहा अग्रवाल, डॉ. वनीत कौर, सुपरिंटेंडेंट दलजीत सिंह, कमल भल्ला, सुमीत सिंह, कमलजीत कौर और संदीप कुमार ज्ञानी सहित स्वास्थ्य विभाग का स्टाफ मौजूद रहा।
📍 Location: Amritsar
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