
तरनतारन: पंजाब सरकार के दिशा-निर्देशों के तहत जिले में पराली जलाने से रोकने और तिलहन फसलों की खेती को बढ़ावा देने के लिए जागरूकता एवं प्रशिक्षण कैंपों का सिलसिला जारी है। जिला प्रशासन के नेतृत्व में गांव, ब्लॉक और जिला स्तर पर किसानों को कृषि संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी दी जा रही है।
किसानों को पराली न जलाने के लिए किया जा रहा जागरूक
मुख्य कृषि अधिकारी तरनतारन डॉ. तेजबीर सिंह भंगू ने बताया कि किसानों को पराली प्रबंधन के पर्यावरणीय और कृषि संबंधी लाभों के बारे में जागरूक किया जा रहा है। कैंपों के दौरान किसानों को पराली न जलाने की शपथ भी दिलाई जा रही है, ताकि खेतों में आग लगाने की घटनाओं को कम किया जा सके।
उन्होंने बताया कि आने वाले सप्ताह से जागरूकता अभियान को और व्यापक बनाया जाएगा। इसके तहत जागरूकता वैन, दीवारों पर पेंटिंग, नुक्कड़ नाटक और स्कूली बच्चों के लिए विभिन्न प्रतियोगिताओं जैसी IEC गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।
नशे के दुष्प्रभावों को लेकर भी जागरूकता
कृषि विभाग की ओर से आयोजित प्रत्येक कैंप में किसानों को नशे के हानिकारक प्रभावों के बारे में भी जानकारी दी जा रही है। अधिकारियों का उद्देश्य किसानों और ग्रामीण समुदाय को खेती के साथ-साथ सामाजिक मुद्दों के प्रति भी जागरूक करना है।
50 किसानों ने जिला स्तरीय प्रशिक्षण कैंप में लिया हिस्सा
इसी अभियान के तहत कृषि विज्ञान केंद्र (KVK), तरनतारन में तिलहन फसलों को प्रोत्साहित करने के लिए जिला स्तरीय प्रशिक्षण कैंप लगाया गया। इसमें करीब 50 किसानों ने भाग लिया।
असिस्टेंट टेक्नोलॉजी मैनेजर कुलदीप सिंह ने मंच संचालन करते हुए National Mission on Edible Oils and Oilseeds के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने मिशन के तहत होने वाली प्रदर्शनियों, वैल्यू चेन क्लस्टर प्रदर्शनियों, मिनी किट और तेल निकालने वाली यूनिट स्थापित करने से जुड़ी योजनाओं के बारे में किसानों को बताया।
तिलहन फसलों की खेती से जुड़ी तकनीकी जानकारी
KVK से डॉ. नवजोत सिंह बराड़ ने किसानों को विभिन्न तिलहन फसलों की उन्नत किस्मों के साथ-साथ कीट एवं रोग प्रबंधन, बीज उत्पादन और फसल प्रसंस्करण के बारे में उपयोगी जानकारी दी।
उन्होंने किसानों को तिलहन फसलों की बेहतर पैदावार के लिए वैज्ञानिक तकनीकों को अपनाने और आधुनिक कृषि पद्धतियों का इस्तेमाल करने के लिए प्रेरित किया।
किसानों ने साझा किए खेती के अनुभव
प्रशिक्षण के दौरान किसानों ने भी खेती से जुड़े अपने अनुभव और सुझाव साझा किए। कैंप को किसानों की ओर से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली और तिलहन फसलों की खेती तथा पराली प्रबंधन को लेकर जागरूकता बढ़ाने के प्रयासों को उत्साहजनक समर्थन मिला।
📍 Location: Amritsar (Amritsar)