
कुल्लूः विश्व फिजियोथेरेपी दिवस के अवसर पर सांफिआ फाउंडेशन द्वारा फिजियोथेरेपी के महत्व, शारीरिक सक्रियता एवं स्वस्थ जीवनशैली के प्रति आमजन में जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से वॉकाथॉन का आयोजन किया गया। वॉकाथॉन का शुभारंभ डॉ. राधिका शर्मा चिकित्सा अधीक्षक, क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू द्वारा किया गया।
इस अवसर पर डॉ. राधिका शर्मा ने कहा कि फिजियोथेरेपी एक अत्यंत महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सेवा है, हालांकि आमतौर पर इसके महत्व पर उतना ध्यान नहीं दिया जाता। उन्होंने कहा कि फिजियोथेरेपिस्ट शारीरिक रूप से अक्षम एवं विभिन्न स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे लोगों के पुनर्वास और जीवन की गुणवत्ता सुधारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं तथा चुपचाप लोगों के जीवन को बेहतर बनाने में योगदान दे रहे हैं।
संस्था के सदस्यों द्वारा नुक्कड़ नाटक के माध्यम से फिजियोथेरेपी से जुड़ी घरेलू एवं सामाजिक समस्याओं को प्रमुखता से प्रस्तुत किया गया। नाटक में फिजियोथेरेपी को लेकर समाज में व्याप्त भ्रांतियों, जागरूकता की कमी तथा शारीरिक समस्याओं के कारण व्यक्ति और परिवार के सामने आने वाली चुनौतियों को प्रभावी ढंग से दर्शाया गया। साथ ही, समय पर फिजियोथेरेपी एवं उचित पुनर्वास सेवाएं लेने के महत्व के प्रति आमजन को जागरूक किया गया।
डॉ. रेखा ठाकुर वरिष्ठ फिजियोथेरेपिस्ट सह निदेशक सांफिया फ़ाउंडेश ने फिजियोथेरेपी के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वर्तमान समय में बदलती जीवनशैली, बढ़ती शारीरिक निष्क्रियता एवं विभिन्न स्वास्थ्य समस्याओं को देखते हुए फिजियोथेरेपी की आवश्यकता और भी बढ़ गई है। उन्होंने फिजियोथेरेपी को स्वस्थ एवं सक्रिय जीवनशैली बनाए रखने के साथ-साथ दिव्यांग एवं शारीरिक रूप से अक्षम व्यक्तियों के पुनर्वास में एक महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सेवा बताया।
वॉकाथॉन में डॉ. श्रुति मोरे भारद्वाज, निदेशक, सांफिआ फाउंडेशन; श्री बीजू, कार्यक्रम प्रवंधक डॉ. निर्मला महंत, हेल्थ एजुकेटर, चामुंडा नर्सिंग कॉलेज के विद्यार्थियों सहित सांफिआ फाउंडेशन की पूरी टीम उपस्थित रही संस्था के सदस्यों एवं स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतिभागियों ने आमजन को नियमित शारीरिक गतिविधि, स्वस्थ जीवनशैली तथा फिजियोथेरेपी की उपयोगिता के प्रति जागरूक किया।
📍 Location: Kullu (Kullu)
मेष: दिन शुभ रहेगा...