
शिमला : शिमला-रामपुर राष्ट्रीय राजमार्ग-5 पर शनिवार शाम करीब साढ़े छह बजे मतियाणा के समीप दहन घाटी में अचानक भारी भूस्खलन होने से यातायात पूरी तरह ठप हो गया। पहाड़ी से बड़ी-बड़ी चट्टानों के साथ पेड़ भी हाईवे पर आ गिरे, जिससे शिमला और रामपुर के बीच वाहनों की आवाजाही बाधित हो गई। हाईवे बंद होते ही दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।
देखते ही देखते कई किलोमीटर लंबा जाम लग गया। इसमें निजी वाहनों के अलावा बसें और अन्य यात्री वाहन भी फंस गए। हाईवे बंद होने से यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। जाम में एंबुलेंस भी फंस गईं, जिससे मरीजों और उनके परिजनों को परेशानी उठानी पड़ी। आपात स्थिति को देखते हुए एंबुलेंस को निकालने के लिए स्थानीय लोगों और वाहन चालकों ने रास्ता बनाने का प्रयास किया।
भूस्खलन की सूचना संबंधित विभाग और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को दे दी गई है। हाईवे से मलबा और चट्टानें हटाकर यातायात बहाल करने के लिए मशीनरी भेजने की प्रक्रिया शुरू की गई। हालांकि, शाम सात बजे तक मौके पर मशीनरी नहीं पहुंच पाई थी, जिसके कारण मार्ग खोलने में देरी हुई।
स्थानीय लोगों के अनुसार, जिस स्थान पर भूस्खलन हुआ है, वहां पहाड़ी से लगातार पत्थर गिरने का खतरा बना हुआ है। ऐसे में मलबा हटाने के दौरान भी सावधानी बरतनी होगी। हाईवे के लंबे समय तक बंद रहने से यात्रियों की परेशानी और बढ़ने की आशंका है।
उधर ठियोग के अधिशासी अभियंता दिवेश ठाकुर ने कहा कि करीब 6:30 बजे मतियाना के पास पहाड़ियों से चट्टानें और पेड़ो के आने के कारण सड़क बंद हो गई थी। सडक बहाल करने के लिए तुरंत जेसीबी मशीन को भेजा गया और करीब 8.30तक वाहनों की आवाजही के लिए सडक को बहाल कर दिया गया है।
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