नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत को वैश्विक विनिर्माण के लिए एक भरोसेमंद विकल्प के रूप में पेश करते हुए चिप बनाने वाली कंपनियों से वीरवार को कहा कि उनकी सरकार देश को सैमीकंडक्टर क्षेत्र का पसंदीदा गंतव्य बनाने के लिए हर जरूरी कदम उठा रही है। मोदी ने यहां ‘सैमीकॉन इंडिया सम्मेलन’ के 5वें संस्करण का उद्घाटन करते हुए कहा, दुनिया नए और भरोसेमंद विनिर्माण केंद्रों की तलाश कर रही है। भारत इस जरूरत को पूरा करने के लिए लगातार खुद को तैयार कर रहा है।
भारत सैमीकंडक्टर उद्योग का पसंदीदा गंतव्य बनने के लिए हर जरूरी कदम उठा रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा, अब भारत के संयंत्रों से निकलने वाले हमारे चिप देश और दुनिया में ग्राहकों तक पहुंचने लगे हैं। मोदी ने आर्थिक गति की व्यापक तस्वीर पेश करते हुए पहली तिमाही में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में 7.8 प्रतिशत की वृद्धि, जापान की एक क्रैडिट रेटिंग एजैंसी द्वारा हाल में भारत की रेटिंग बढ़ाए जाने और इस महीने भारत की मेजबानी में हुए ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में अपनाए गए नई दिल्ली घोषणापत्र का उल्लेख किया।
उन्होंने कहा, भारत की अर्थव्यवस्था बढ़ रही है और दूसरी ओर दुनिया का भारत पर भरोसा भी बढ़ रहा है। मोदी ने 2022 में मिशन की शुरुआत के बाद से परिवेश के तेजी से विस्तार में सम्मेलन में मौजूद उद्योग जगत के लोगों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा, आप भारत की इस सफलता के स्तंभ हैं, आप साझेदार हैं। सरकार ने ‘सैमीकॉन इंडिया’ कार्यक्रम के दूसरे चरण को 1.275 लाख करोड़ रुपए के परिव्यय के साथ जुलाई में मंजूरी दी थी। प्रधानमंत्री ने अधिक मजबूत घरेलू आपूर्ति शृंखला की भी जरूरत बताई।
इसमें अधिक फैबलैस सैमीकंडक्टर कंपनियां, स्थानीय स्तर पर विकसित बौद्धिक संपदा और कृत्रिम मेधा (एआई) के बुनियादी ढांचे के लिए ‘सिलिकॉन फोटोनिक्स’ का अधिक इस्तेमाल शामिल है। ‘सिलिकॉन टू सिस्टम्स: बिल्डिंग द इकोसिस्टम’ विषय पर आयोजित सैमीकॉन इंडिया 2026 का आयोजन 17 से 19 सितंबर तक किया जा रहा है। इसमें सैमीकंडक्टर कंपनियां, नीति निर्माता, निवेशक, शिक्षाविद और स्टार्टअप हिस्सा ले रहे हैं। मोदी ने कहा कि भारत की बढ़ती सैमीकंडक्टर क्षमता से वैश्विक आपूर्ति शृंखलाएं मजबूत होंगी और उन्होंने अंतरराष्ट्रीय कंपनियों से देश में अपना कारोबार और साझेदारियां बढ़ाने का आह्वान किया।
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